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यूपी में ईंट-भट्ठे पर बंधक है बेटा, मां के अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं छोड़ा

वृद्धा जब इस दर्दनाक घटना में अंतिम सांसे ले रही थी, उस समय उसका बेटा दूसरे प्रदेश में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहा था।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 04:47 AM IST

शेखपुरा. शेखपुरा जिले के धनौल गांव में बीती देर शाम अलाव तापने के दौरान अगलगी की घटना में झुलसकर 70 वर्षीय वृद्धा शमिया देवी की मौत हो गई। मृतक वृद्धा का बेटा उत्तर प्रदेश के जौनपुर में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहा है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने वृद्धा के बेटे को फोन पर सूचना तो दे दी। परंतु मानवीय पहलुओं को ताक पर रखते हुए ईंट -भट्ठे के मालिक ने वृद्धा के मजदूर बेटे को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं छोड़ा और उसे भट्ठे पर बंधक बनाए रखा।

पूरी तरह गरीबी में पला-बढ़ा महादलित परिवार का यह बेटा अपनी मां की अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई देने के लिए ईंट-भट्टे पर ही तड़पता रह गया, परंतु मालिक ने उसकी एक न सुनी और उसे वहां ना तो फूटी कौड़ी ही दी और ना ही घर जाने की इजाजत।


दुख की इस घड़ी में अपनी मां को अंतिम बार देखने की हसरत भी बेटे की अधूरी रह गई। ग्रामीणों ने जब देखा कि मृतक वृद्धा के परिवार का कोई सदस्य गांव नहीं पहुंच पाए हैं तो फिर आपसी सहयोग से मृतक महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दरअसल जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत धनौल गांव के महादलित टोला में में वृद्धा शमिया देवी अपनी झोपड़ी में अकेले ही रह रही थी। बीती देर शाम वह अपनी झोपड़ी में अलाव ताप रही थी। इसी क्रम में उसके झोपड़ी में आग लग गई।

दूसरे प्रदेश में ईंट भट्ठे पर काम कर रहा था बेटा

महादलित वृद्धा जब इस दर्दनाक घटना में अंतिम सांसे ले रही थी, उस समय उसका बेटा दूसरे प्रदेश में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहा था। ग्रामीणों में चंद्र मांझी, रामजी मांझी, जगेश्वर मांझी, राजू मांझी, शंभू मांझी समेत अन्य ने बताया कि वृद्धा दो बेटे 28 वर्षीय लाटो मांझी एवं 25 वर्षीय राम रामयुग मांझी है। दोनों बेटे को मानव तस्कर मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेश में ईंट भट्ठे पर भेज चुके हैं। बड़े बेटे लोटो मांझी के बारे में उनके पड़ोसियों को भी कुछ पता नहीं है, परंतु छोटे बेटे रामयुग मांझी के बारे में ग्रामीणों को जानकारी है कि वह उत्तर प्रदेश के जौनपुर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहा है तथा उसे करीहो गांव के एक लेबर ठेकेदार ने वहां भेजा है।

छोटे बेटे को दी गयी सूचना : इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वृद्धा के छोटे बेटे को उसके मां की मौत की खबर सुनाई। जिसके बाद बेटा अपनी मां से अंतिम बार मिलने के लिए तड़प तो उठा परंतु उसे उसके मालिक ने घर जाने की इजाजत नहीं दी। मानव तस्कर के चंगुल में फंसकर पीड़ित बेटा यूं ही छटपटाता रह गया। ग्रामीणों ने बताया कि बेटे ने भठ्ठे के मालिक की करतूत को बताते हुए साफ कहा कि उसके मालिक ने उसे गांव भेजने से साफ इंकार कर दिया है और पैसा भी नहीं दे रहा है। जिसके कारण वह अपने गांव नहीं पहुंच पाएगा।

मानव तस्कर सम्बंधित नहीं मिली है शिकायत


इस मामले को लेकर शेखपुरा एसपी राजेंद्र कुमार भील ने कहा कि किसी की बातों में मजदूर अपनी स्वेच्छा से ही दूसरे प्रदेशों में काम करने चले जाते हैं। ऐसे में मानव तस्कर के विरुद्ध किसी प्रकार की कोई शिकायत पुलिस के समक्ष नहीं आ पाती है। जिसके कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज कराने पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि धनौल गांव के इस मामले में भी फिलहाल किसी प्रकार की कोई शिकायत पुलिस के समक्ष नही आयी है।