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दिव्यांगता बाधा नहीं, ट्यूशन पढ़ा कर की पढ़ाई, अब कर रहा प्रतियोगिताओं की तैयारी

शंभु के पिता सीमांत किसान हैं। पांच भाई एवं तीन बहनों के बड़े परिवार में पढ़ाई आसान नहीं थी।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 05:18 AM IST

सासाराम. विकलांगता एवं निर्धनता जैसी बाधाओं के बावजूद नहीं रुके दलित युवक के कदम, पहले एमए की परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की, फिर नेट की परीक्षा में भी क्वालीफाई कर लिया। अब सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं शंभु पासवान। जिले के बिक्रमगंज प्रखंड के नोनहर गांव निवासी भोला पासवान के पुत्र शंभु ने यह गाैरवपूर्ण सफलता प्राप्त कर सहायक प्रोफेसर के पद के लिए क्वालीफाई किया है।

पोलियो ग्रसित 65 प्रतिशत विकलांग शंभु ने यह सफलता राजनीति विज्ञान विषय में प्राप्त की है। शंभु अपने परिवार, रिश्तेदार से ले क्षेत्र में नेट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति हैं। शंभु ने दसवीं की परीक्षा 2006 में प्रथम श्रेणी से पास की। 2008 में इंटर द्वितीय श्रेणी से एवं 2012 में स्नातक भी प्रथम श्रेणी से पास किया। 2014 में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की।

विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ाई रखी जारी


शंभु के पिता सीमांत किसान हैं। पांच भाई एवं तीन बहनों के बड़े परिवार में पढ़ाई आसान नहीं थी। सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर विश्वविद्यालय पहुंचने वाले शंभु अपने परिवार के पहले सदस्य थे। बताते हैं कि बड़े भाई गुजरात में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे हैं।

युवाओं को कर रहे प्रेरित


शंभु अपने गांव के दलित बस्ती के पहले स्नातक थे। वे शुरू से अपनी बस्ती में युवाओं को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते रहे हैं। अब तक उनकी प्रेरणा से 15 दलित युवक यहां स्नातक कर चुके हैं। शंभु अभी 15 छात्रों को मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाते हैं। वे सभी को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।