पटना

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नक्सलियों ने जोनल, सब जोनल कमेटी का किया विस्तार, भागलपुर बना रीजनल सेंटर

भागलपुर को प्रमंडल बनाया गया है। संगठन ने ब्यूरो इंचार्ज प्रवेश दा को बनाया है।

Danik Bhaskar

Jan 17, 2018, 06:35 AM IST

जमुई. जिस तरह सरकार पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विकास की जिम्मेवारी देती है, उसी प्रकार जंगल में राज करने वाले नक्सलियों की भी अपनी समानांतर सरकार चलती है। पिछले दिनों में लगातार हुई पुलिस की कार्रवाई ने नक्सलियों की कमर तोड़ रखी थी, लेकिन शीर्ष नक्सलियों के नेतृत्व में अब एक बार फिर से नक्सलियों ने अपने संगठन का विस्तार कर लिया है।

नक्सली बिहार-झारखंड के जोन में जहां पुराने चेहरों को नई जिम्मेवारियां दी है, वहीं कुछ नए चेहरे भी इस बार संगठन के विस्तार में ओहदा पाए हैं। जो संगठन आदेश पर पुलिस से लोहा लेने को तत्पर हैं। इस बार नक्सलियों ने जोनल और सबजोनल कमिटी का भी विस्तार किया है।


नक्सली प्रवेश है ब्यूरो इंचार्ज


नक्सल सूत्रों की मानें तो नक्सलियों के ईआरबी (इस्टर्न रीजनल ब्यूरो) के अंदर बिहार-झारखंड स्पेशल कमेटी, पूर्वी बिहार, पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी कार्य कर रही है। भागलपुर को प्रमंडल बनाया गया है। संगठन ने ब्यूरो इंचार्ज प्रवेश दा को बनाया है। इसके अंदर बिहार-झारखंड सीमांत जोनल कमेटी आता है जिसके इंचार्ज नक्सली अरविंद हैं। इन्हें भागलपुर प्रमंडल को जोनल एरिया कमेटी का नाम दिया गया है। वहीं भागलपुर जोनल प्रमंडल हेड निर्माण प्रह्लाद उर्फ प्रमोद को बनाया गया है जो वर्तमान में जेल में हैं। ज्ञात हो कि नक्सलियों के जेल में जाने के बाद भी उनका पद समाप्त नहीं होता है और वे जेल से भी संगठन विस्तार को लेकर रणनीति तैयार करते हैं। इस बात की कई बार अधिकारिक पुष्टि भी हो चुकी है। शेखपुरा, कोडरमा, नवादा के सीमांत जोनल कमेटी की जिम्मेवारी नक्सली पिंटू राणा को दी गई है।


वहीं देवघर से सटे संथाल परगना के लिए कमांडर के नियुक्ति की तैयारी चल रही है। साहेबगंज, गोड्‌डा, पाकुड़ जोनल कमेटी की जिम्मेवारी रौशन उर्फ विपुल महतो नामक नक्सली को दी गई है। इस तरह जोनल के अंदर अब सबजोनल कमेटी बना कर नक्सली पुलिस को चुनौती देने की तैयारी में लगे हैं।

सुरेश मरांडी को बांका में नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेवारी


भागलपुर प्रमंडल की बात करें तो बांका सबजोन में सुरेश मरांडी, सुल्तानगंज में बिहारी, सबौर, कहलगांव और पीरपैंती की जिम्मेवारी आलोक को दी गई है। इस तरह नक्सलियों का पूर्वी बिहार पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी अब अपने अपने क्षेत्र में कार्य शुरू कर दिए हैं। इनके द्वारा निर्माण कार्य में लेवी वसूलने के साथ साथ पुलिस बल को निशाना बनाना और धन उगाही का कार्य अगले नए साल के साथ ही शुरू कर दी गई है। जानकारों का मानना है कि नई जिम्मेवारी मिलने से नक्सली तेजी से अपना नेटवर्क बढ़ाना चाहेंगे। नक्सलियों पुलिस के लाख आपरेशन के बावजूद नक्सली इन क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखाने में पीछे नहीं हट रहे हैं। बिहार-झारखंड सीमांत जोनल कमेटी में 18 सबजोन हैं। सबजोनल कमेटी भी बांटी है जो पुलिस के लिए सिरदर्द है। इसमें जमालपुर जोन, हलसी रामगढ़ जोन, चरकापत्थर जोन एवं भागलपुर प्रमंडल जोन है।

तारापुर में रेणुका को बनाया नक्सली कमांडर


जमालपुर, तारापुर, सूर्यगढ़ा, बरहट सबजोन के जोनल कमांडर की जिम्मेवारी महिला नक्सली रेणुका को दी गई है। इनके अंदर लखीसराय सबजोन में अर्जुन कोड़ा और बालेश्वर कोड़ा कमांडर तैनात किए गए हैं। झाझा, बेलहर, कटोरिया सबजोन की जिम्मेवारी मतलू तूरी को मिली है। गिद्धेश्वर, जन्मस्थान, लछुआड़, किल्ली सबजोन दरोगी यादव के जिम्मे है। वहीं जमालपुर सबजोन के अंदर एक नंबर एरिया के नाम से भीमबांध को बनाया गया है जिसकी जिम्मेवारी नक्सली श्रीकांत को दी गई है। वहीं संग्रामपुर, तारापुर एरिया कमेटी के लिए अभी जोनल कमांडर की तैयारी चल रही है। खड़गपुर, बरियारपुर, कल्याणपुर के लिए धनराज नामक नक्सली को कमान सौंपी गई है। धरहरा और पीरीबाजार की जिम्मेवारी शंकर यादव को दी गई है। हलसी रामगढ़ खाली है तो पीरी बाजार और बड़हिया की जिम्मेवारी महेश को दी गई है। वहीं मोकामा, पानापुर, हरिहरपुर के लिए भी सबजोनल की तैयारी की जा रही है। जमुई की बात करें तो चरकापत्थर एरिया कमेटी बनाई गई है जो नक्सली लालमोहन देख रहे हैं। सिमुलतला, चंद्रमंडीह सब जोन को भी जोनल कमांडर मतलू तूरी ही खुद देख रहा है।

नक्सलियों के खिलाफ आॅपरेशन जारी रहगा

जमुई के एसपी जगन्नाथ रेड्डी ने बताया कि नक्सलियों के द्वारा संगठन का विस्तार किया गया है, कुछ क्षेत्रों में जिन्हें जिम्मेवारी दी गई है इसका पता चला है। हालांकि इसकी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। नक्सली के संगठन विस्तार से हमारी कार्रवाई में कोई तब्दीली नहीं आएगी। हमारी पुलिस नक्सलियों के खिलाफ कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उनका काम है विधि व्यवस्था खराब करना और हमारा विधि व्यवस्था बनाए रखना। नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन जारी रहेगा।

ये हैं हार्डकोर नक्सली, सरकार से है इनामी

अरविंद, 5 लाख बिहार और 25 लाख झारखंड सरकार
- गिरिडीह के अदिडीह थानाक्षेत्र में जेल से कोर्ट पेशी के लिए जाने के दौरान रास्ते से ही कैदी वैन पर नक्सलियों द्वारा हमला कर एक जवान की हत्या कर दी थी और प्रवेश को छुड़ा कर ले भागे थे।

पिंटू राणा, 50 हजार का इनामी

- इसकी खासियत यह है कि यह जमुई-लखीसराय-बांका के जंगली रास्ते का जानकार है। कम समय में यह इन क्षेत्र का दौरा करने में माहिर है। कई बार यह पुलिस को चकमा देकर निकल चुका है।

दारोगी यादव, 25 हजार का इनामी
- यह एक लम्बे समय से जमुई के सिमुलतला, चकाई और झाझा क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम रखा और लम्बे समय तक इस क्षेत्र का कमांडर भी रहा है। ठेकेदारों से लेवी वसूलने में इसकी अहम भूमिका रही।

रेणुका, 50 हजार की इनामी
- यह कई अत्याधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है। महिला दस्ते को प्रशिक्षण देने में भी माहिर मानी जा रही है। इसे गुमला की सुनीता ने ट्रेंड किया है। यह प्रशिक्षण के लिए कई बार छत्तीसगढ जा चुकी है।

लालमोहन, 25 हजार का इनामी
- जमुई क्षेत्र की इसे ज्यादा जानकारी है, यह नक्सली संगठन के शीर्ष नेताओं को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने में महारत हासिल कर चुका है। संगठन के शीर्ष नेताओं का इसपर अटूट विश्वास है।

युवाओं को जोड़ने में माहिर
- लालमोहन ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को संगठन से जोड़ने में माहिर है। बहुत कम समय में इसने संगठन को इतना लाभ दिया कि आज इसे सबजोनल कमांडर बना दिया गया है।

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