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इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने नेपाल को बना रखा है छिपने का सुरक्षित ठिकाना

अब्दुल सुभान कुरैशी की गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब पिछले हफ्ते ही बोधगया में विस्फोटक बरामद किए गए।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 23, 2018, 06:28 AM IST

  • इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने नेपाल को बना रखा है छिपने का सुरक्षित ठिकाना

    पटना.इंडियन मुजाहिदीन के जिस मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी को भारत सहित दूसरे देशों की एजेंसियां तलाश रही थीं। वह नेपाल में छिपा बैठा था। उसके भारत पहुंचते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने धर दबोचा। कहा जा रहा है कि उसने भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल के रास्ते इंट्री की थी। फिर दिल्ली पहुंचा था। भारत-नेपाल सीमा के रास्ते आतंकी सरगनाओं की गतिविधियां नई नहीं हैं।

    बिहार से गिरफ्तार किए थे इंडियन मुजाहिदीन के मोस्ट वांटेड

    वर्ष 2013 में खुफिया एजेंसियों ने इंडियन मुजाहिदीन के मोस्ट वांटेड सरगना यासीन भटकल और असादुल्लाह अख्तर उर्फ हड्‌डी को रक्सौल से ही गिरफ्तार किया था। भटकल और हड्‌डी की गिरफ्तारी में बिहार पुलिस की बड़ी भूमिका थी और पूछताछ के लिए उन्हें पहले बेतिया और फिर पटना के बीएमपी-5 में रखा गया था। चार साल बाद कुरैशी पकड़ा गया। इनकी गिरफ्तारी से फिर एक बार इस बात पर मुहर लगी है कि आतंकियों ने छिपने के लिए नेपाल को अपना पनाहगाह बना रखा है। भटकल नेपाल के पोखरा में रहता था। भटकल के पहले दिल्ली पुलिस ने लश्कर के बम मशीन अब्दल करीम टुंडा को भारत-नेपाल सीमा से ही गिरफ्तार करने का दावा किया था। लश्कर के नेपाल चीफ मो.मदनी को 2009 में गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर पूछताछ में उसने यह स्वीकार किया था कि नेपाल के रास्ते कई बार उसने बिहार का दौरा किया था।

    कुरैशी और बोधगया कनेक्शन को भी तलाश रही हैं एजेंसियां

    अब्दुल सुभान कुरैशी की गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब पिछले हफ्ते ही बोधगया में विस्फोटक बरामद किए गए। जांच एजेंसियां इस पूरे एंगल की तफ्तीश में जुटी हैं। इसके पीछे का तर्क यह है कि महाबोधि मंदिर को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने वर्ष 2013 में टार्गेट किया था। बोधगया में अलग-अलग मठों में कई धमाके किए गए थे। कुरैशी इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक सदस्यों में से एक रहा है। कहा जा रहा है कि वह आईएम को एक बार फिर सक्रिय करने के लिए भारत आया था।

    2013 में पटना में नरेन्द्र मोदी की रैली में किया था ब्लास्ट

    बोधगया ब्लास्ट के बाद ही पटना में भाजपा की रैली में सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इस रैली में तब नरेन्द्र मोदी आए थे। पटना में आतंकियों ने 18 बम प्लांट किए थे। ब्लास्ट में कई घायल हुए थे। धमाके के बाद मिले सुराग के आधार पर रांची से कई संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई थी। तफ्तीश में आईएम के हाथ होने का पता चला। यही ग्रुप बोधगया ब्लास्ट में भी शामिल था। इसमें मुख्य सरगना के तौर पर काम कर रहा तहसीन अख्तर उर्फ मोनू बिहार का ही रहने वाला था, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया।

    पिछले दिनों गया में पकड़ा गया था आतंकी

    पिछले साल अक्टूबर में गया में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें से एक तौसिफ गुजरात में 2008 में हुए बम धमाकों में कथित तौर पर शामिल था। जांच एजेंसियों को उसकी तलाश थी। उसके साथ उसका एक सहयोगी सन्ने खान भी पकड़ा गया था। इन दिनों को एक साइबर कैफे के संचालक अनुराग बासू की सक्रियता से पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    बिहार से गिरफ्तार संदिग्ध

    - मो.कलाम- वर्ष 2006 में बेनीपट्टी से।
    - शबाउद्दीन-2008 में सकरी से।
    - मो.फारूख- वर्ष 2008 में मधवापुर से।
    - मो.मुख्तार अली खान-2009 मधुबनी से।
    - मो.मदनी-बेनीपट्टी का निवासी।
    - मो.फजरूल रहमान-दरभंगा के जाले से।
    - अब्दुल रहमान-दरभंगा का चेन्नई से गिरफ्तार।
    - कोलकाता के हुए हमले का आरोपी फरहान मल्लिक का पासपोर्ट बिहार के नालंदा से बना था।
    - हूजी का मो.रियाजुल बिहार से पकड़ा गया गया था।
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Web Title: Nepal Safe For Terrorists Of Indian Mujahideen
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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