Hindi News »Bihar »Patna» Newborn Death Due To Not Getting Oxygen

ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद

एक वार्ड से दूसरे वार्ड पोते की जिंदगी बचाने के लिए आधे घंटे तक भागदौड़ कर रहे दादा की गोद में नवजात ने दम तोड़ दिया।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 05:28 AM IST

  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें

    जमुई (बिहार).सदर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से सोमवार की सुबह एक नवजात की मौत हो गई। लगमा गांव के रहने वाले अजय वाजपेयी की पत्नी निक्की देवी को सुबह 6 बजे भर्ती कराया गया। निक्की ने 6:45 मिनट पर बच्चे को जन्म दिया। नवजात को जन्म के बाद ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन लेबर रूम में सप्लाई होने वाले ऑक्सीजन पाइप में छेद होने से वहां तैनात एएनएम ने नवजात को इमरजेंसी वार्ड भेज दिया।

    इमरजेंसी वार्ड गए परिजनों को एसएनसीयू (न्यू वॉर्न केयर सेंटर) जाने को कह दिया। परिजन जब एसएनसीयू वार्ड पहुंचे तो वहां पर जगह नहीं होने की बात कह नवजात को एडमिट नहीं किया गया। एक वार्ड से दूसरे वार्ड अपने पोते की जिंदगी बचाने के लिए आधे घंटे तक भागदौड़ कर रहे दादा की गोद में नवजात ने दम तोड़ दिया।

    ऑक्सीजन के लिए कंट्रोल रूम में करना पड़ता है फोन

    लेबर रूम में तैनात प्रमिला कुमारी ने बताया कि लेबर रूम में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए कंट्रोल रूम को फोन करना पड़ता है, तब ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। उसने बताया कि कंट्रोल रूम ने यह बताया कि सप्लाई पाइप में लीकेज है। इसकी वजह से पिछले एक हफ्ते से लेबर रूम में ऑक्सीजन की सप्लाई फोन करने के बाद ही होती है।

    मेरे लाल को समय पर मिल जाती ऑक्सीजन तो बच जाती जान

    ससुर देवनारायण वाजपेयी ने बताया कि इस दौरान उनके साथ एसएनसीयू की एएनएम ने दुर्व्यवहार करते हुए कहा कि तीन बच्चे में किसे उठाकर बाहर फेंक दें और आपके बच्चे को बचा लें।

    फोन आने पर करते हैं सप्लाई
    ऑक्सीजन सप्लाई कंट्रोल रूम के इंचार्ज दयानंद प्रसाद ने लेबर रूम के ऑक्सीजन सप्लाई पाइप को ठीक बताया। कंट्रोल रूम के एक कर्मचारी मिथिलेश पांडे ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है, मगर सप्लाई पाइप में छेद है। इसकी वजह से लेबर रूम में ऑक्सीजन की सप्लाई तभी की जाती है, जब वहां से फोन करके बोला जाता है।

    एसएनसीयू में पांच मशीन खराब

    यहां तैनात डॉक्टर अमोद ने बताया कि सदर अस्पताल परिसर में संचालित एसएनसीयू में कुल आठ मशीनों में पांच खराब पड़े हैं, जिसके पांच आक्सीजन कांसट्रेटर, पांच ऑक्सीमीटर, दो रेडिएंट वार्मर खराब पड़े हैं, जिसकी वजह से पांचों मशीनें बंद है। तीन में बच्चे भर्ती होने की वजह से एक भी मशीन खाली नहीं थी।

    ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कत
    उपाधीक्षक डॉक्टर नौशाद ने बताया कि एसएनसीयू में मशीनों के खराब होने तथा लेबर रूम में आक्सीजन सप्लाई में हो रही परेशानी की वजह से ही नवजात की मौत हुई है।

    सिविल सर्जन को नहीं मालूम अस्पताल में खराब हैं उपकरण
    सिविल सर्जन डॉक्टर श्याम मोहन दास ने बताया कि 26 सिलेंडर आक्सीजन की वर्तमान में मौजूद हैं, लेकिन लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। इसकी जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर के दो ही दिन आने से मशीनों की गड़बड़ी की जानकारी नहीं मिल पाई है।

  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
  • ऑक्सीजन नहीं मिलने से नवजात की मौत, लेबर रूम की सप्लाई लाइन में था छेद
    +6और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×