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बचपन से उग्र स्वभाव का था धन्नू, परिवार वाले बोले- साजिश का हुआ शिकार

लश्कर ए तोयबा जैसे आतंकवादी संगठन से अपने गांव के जुड़ाव की खबर के सामने आने के बाद से पूरा गांव हैरान है।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 08:05 AM IST

मढ़ौरा/नगरा. लश्कर ए तोयबा जैसे आतंकवादी संगठन से अपने गांव के जुड़ाव की खबर के सामने आने के बाद से पूरा गांव हैरान है ।खबर सामने आने के बाद गांव के लोग भी वेदार बख्त के असली रूप के बारे में जाने। गांव के अधिकतर लोग वेदार वख्त को नहीं जानते वे अखबार में छपी वेदार बख्त के फोटो से इतिफाक नहीं रखता।

गांववालों का कहना था कि वे वेदार बख्त को इस रूप में देखे भी नहीं थे। पहले लोगों ने देखा भी था तब वह सामान्य लड़के के रूप में था। लेकिन इधर उसने अपने बाल और दाढ़ी बढ़ा ली थी। गांव वालों के अनुसार कम उम्र में ही वह गांव छोड़कर अपने नाना नानी के पास गोपालगंज चला गया था। बीच बीच में कभी वह अफौर आता भी था तो एक दो दिन रुक कर वापस चला जाता था। इससे अधिकतर लोग उसे ठीक से पहचानते भी नहीं है। हालांकि गांव वाले धन्नू रजा के आतंकवादी संगठन से सम्बन्ध के कारण गिरफ्तारी के बाद चर्चा के बाद से अपने को अलग स्थिति में पा रहे रहे। वहीं वेदार बख्त के घरवाले को अब भी यकीन है कि वेदार वख्त किसी साजिश का शिकार हो गया है।

कम उम्र में भी दूसरे बच्चों से रहता था अलग


धन्नू राजा को जानने वाले उसके साथ के कुछ युवक बताते है कि वह बचपन से ही उग्र स्वभाव का था।वेदार की प्राइमरी शिक्षा गांव स्व ही हुई थी। तब उसके साथ पढ़े युवकों ने बताया कि छोटी उम्र में भी वह दूसरे बच्चों से अलग रहता था।छोटी छोटी बात पर भी उम्र से बड़े लड़कों पर भी जल्दी गुस्से में आ जाता था।

वेदार वख्त की मां उर्दू स्कूल में हैं टीचर


लश्कर ए तोयबा के एजेंट के रूप में गिरफ्तार हुए वेदार वख्त एक संभ्रांत घर से संबंध रखता है। वेदार के पिता सालों पहले से गल्फ में कमाते है तो मां गांव के ही उर्दू विद्यालय में शिक्षिका है। वेदार के पिता भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक से सेवानिवृत हुए है।खेती के लिए भी परिवार के पास प्रर्याप्त जमीन उपलब्ध है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के जमीन का नक्शा जमीन का नम्बर रकबा का रिकार्ड सिर्फ वेदार के परिवार के पास ही है।

आठ साल की उम्र में नाना के पास गोपालगंज चला गया था

वेदार वख्त उर्फ धन्नू राजा आठ साल की उम्र में ही अपने नाना के पास गोपालगंज चला गया था। वेदार तीन भाई दो बहन में सबसे बड़ा था।वेदार की प्राइमरी शिक्षा के बाद बाकी कि पढाई गोपालगंज से ही हुई थी। उसके बाकी के दो भाई और दोनों बहने गांव अफौर में ही रहती है । दोनों बहने स्नातक में है तो दोनों भाई नगरा बीबी राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नौवी के छात्र है। स्नातक कर चुका वेदार वख्त वहीं छात्र संगठन एनएसयूआई का सचिव बना था।ग्रामीणों को संदेह है कि छात्र राजनीती के दौरान ही वह गलत शोहबत में आया होगा।

दादा ने कहा-वेदार किसी साजिश का हुआ है शिकार

वेदार के घर पर उसके दादा मो.अब्दुल्लाह से वेदार वख्त कि गिरफ्तारी के सम्बन्ध में पूछे जाने पर कहा कि उनका पोता किसी साजिश का शिकार हुआ है।उनका परिवार अपने मुल्क से बेपंनाह मुहब्बत रखता है। ऐसे में अपने मुल्क से गद्दारी की बात वेदार वख्त में आ ही नहीं सकती। पूरे मामले में वेदार किसी साजिश का शिकार हुआ प्रतीत होता है ।