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नीतीश ने कहा- जनादेश 2020 तक के लिए फिर क्यों कराएं समय से पहले चुनाव

रणविजय ने जदयू के वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह के बयान का हवाला देकर कहा कि बिहार में दोनों चुनाव साथ होने चाहिए।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 04:52 AM IST

पटना. सीएम नीतीश कुमार ने अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ बिहार विधानसभा का चुनाव कराए जाने की अटकलों को बेसिर-पैर की मगजमारी करार दिया। रविवार को एक अणे मार्ग में जदयू की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने दो-टूक कहा कि बिहार में विधानसभा के चुनाव समय पर ही होंगे। जब जनता ने वर्ष 2020 तक के लिए जनादेश दिया है, तब हम साल भर पहले चुनाव क्यों कराएं? बैठक में पूर्व विधायक रणविजय सिंह ने यह मामला उठाया था। नीतीश बोले-’हमने गांधी की राह चुनी है, हमें पत्थरों की चिंता नहीं है।’


रणविजय ने जदयू के वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह के बयान का हवाला देकर कहा कि बिहार में दोनों चुनाव साथ होने चाहिए। वे कुछ और बोलते कि मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि हमलोग संगठन के प्रसार और मजबूती के लिए बात कर रहे हैं, इस चुनाव की बात कहां से आ गई? मैंने भी कई ऐसे बयान देखे हैं। क्या मतलब है ऐसे बयानों का? आप लोग बेवजह के मुद्दे में फंसने की बजाए पार्टी की रणनीति के हिसाब से संगठन और अभियान पर ध्यान दीजिए। फरवरी में प्रखंड स्तर पर सम्मेलन होना है। उसके लिए पूरी तैयारी के साथ अभी से लग जाइए।

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नीतीश ने कहा कि मैंने तो खुद ही लोकसभा और देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं और पंचायतों तक के चुनाव एक साथ कराने की आवश्यकता जताई थी। मैंने यह बात अकेले बिहार के लिए थोड़े ही कही थी। मैं यह भी जानता हूं कि लोकसभा के साथ तमाम विधानसभाओं के चुनाव करा पाना अभी संभव नहीं है। इसके लिए केंद्र को लंबे समय तक राज्यों की सरकारों और दलों के साथ बातचीत करना पड़ेगा। तब शायद कोई रास्ता निकल सकेगा। सीएम ने हर दिन जदयू के 1 या 2 मंत्रियों को पार्टी दफ्तर में बैठने का निर्देश दिया।