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भभुआ विधानसभा उपचुनाव : नामांकन आज से, 20 तक भरा जाएगा पर्चा

भभुआ विधानसभा उप चुनाव को लेकर सभी पार्टियों के टिकटार्थी टिकट पाने की कतार में खड़े हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 05:29 AM IST
Nomination for Bhabhua Assembly by election

भभुआ. अररिया लोकसभा तथा जहानाबाद व भभुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन 20 फरवरी तक होगा, जबकि 21 फरवरी को नामांकन पत्रों की समीक्षा की जाएगी। 23 फरवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 11 मार्च को होगा।

भभुआ विधानसभा क्षेत्र 205 उपचुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन कार्य शुरू होगा। यह 20 फरवरी तक चलेगा। विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन अधिकारी एवं अनुमंडलाधिकारी ललन प्रसाद ने बताया कि 13 फरवरी से 20 फरवरी तक नामांकन का काम होगा। उसके बाद 21 फरवरी को नामांकन का स्क्रूटनी की जाएगी। जबकि नाम वापसी की तिथि 23 फरवरी को निर्धारित है। यह भी बताया कि नामांकन के दौरान स्थल पर गाड़ियों के जुलूस और समर्थकों की भीड़ पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

अगर कोई प्रत्याशी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। सभी प्रत्याशियों को बैठक कर बता दिया गया है कि आचार संहिता का कैसे पालन करना है। केवल सड़क के दाहिनी तरफ से चलने का निर्देश बैठक में दे दिया गया है। जिसके चलते यातायात में असुविधा नहीं होगी| अगर कोई भी दल इसका पालन नहीं करता है तो उसके ऊपर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन होगा।

टिकट पाने की कतार में खड़े हैं कई दिग्गज


भभुआ विधानसभा उप चुनाव को लेकर सभी पार्टियों के टिकटार्थी टिकट पाने की कतार में खड़े हैं। सभी का दावा है कि पार्टी प्रमुख उनको ही टिकट दे रहे हैं। वहीं गठबंधन की पार्टियां भी अपनी डफली बजाने से बाज़ नहीं आ रही हैं। अगर बिहार के महागठबंधन के दो धड़े कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की बात करें तो राजद से टिकट पाने वालों में काफी होड़ देखा जा रहा है।

प्रदर्शन के बलबूते कांग्रेस पेश कर रही दावेदारी

कांग्रेस भी उसी प्रदर्शन के बलबूते पर अपनी दावेदारी पेश कर रही है। उस पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो भभुआ विधानसभा क्षेत्र पर कांग्रेस का कब्जा 7 बार रहा है। श्याम नारायण पाण्डेय और विजय शंकर पाण्डेय के पूर्व नामित विधायक गुप्तनाथ सिंह और अली वारिस खान भी कांग्रेस के ही विधायक थे। तब चैनपुर और भभुआ विधानसभा एक साथ में थे तो जिस पार्टी का इस विधानसभा पर सात बार कब्जा रहा हो उस पार्टी की दावेदारी तो बनती ही बनती है।

राजद का एक बार रहा है इस सीट पर कब्जा


अगर राजद की बात करें तो उसका एक बार इस सीट पर कब्जा रहा है। यदि प्रदर्शन को आधार बनाया जाय तो कांग्रेस के हिस्से में यह सीट मिलनी चाहिए। हालांकि कांग्रेस ने उम्मीदवार को लेकर अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि हम अभी गठबंधन धर्म निभा रहे हैं। लेकिन दावेदारी हमारी बनती है।

एनडीए: यहां भी कई उम्मीदवार सक्रिय


अगर एनडीए गठबंधन की बात करें तो राजनीतिक गलियारे में कुछ कम हलचल नहीं है। एक तबका ऐसा है जो भभुआ विधायक की विधवा पत्नी के प्रति अपना समर्पण दिखा रहा है और उनका तर्क यह है कि भाजपा विधायक आनंद भूषण पाण्डेय उर्फ मंटू पाण्डेय की असामयिक मौत के बाद लोगों की संवेदना उनकी पत्नी रिंकी कुमारी पाण्डेय के साथ स्वतः जुड़ गई है।

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