--Advertisement--

सभी सरकारी-निजी बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए अब एक ही टेस्ट होगा

राज्य में 54 सरकारी बीएड कॉलेज हैं। निजी बीएड कॉलेजों की संख्या 283 हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 05:45 AM IST
सभी विश्वविद्यालय के वीसी के साथ बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक और प्रधान सचिव ब्रजेश मल्होत्रा। सभी विश्वविद्यालय के वीसी के साथ बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक और प्रधान सचिव ब्रजेश मल्होत्रा।

पटना. अब राज्य के सभी 312 से अधिक सरकारी और गैर सरकारी बीएड कॉलेजों में लगभग 35 हजार छात्र-छात्राओं के नामांकन के लिए कॉमन प्रवेश परीक्षा होगी। सभी विश्वविद्यालय इस परीक्षा का आयोजन रोटेशन के आधार पर करेंगे। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। सरकार के आरक्षण के प्रावधान भी लागू होंगे। मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में कुलपतियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने सभी वीसी को प्रवेश परीक्षा आयोजन की तैयारी करने का निर्देश दिया। अंकों के हिसाब से छात्र-छात्राओं को बेस्ट बीएड कॉलेज के चयन का अधिकार होगा।

अभी निजी कॉलेजों में पारदर्शी व्यवस्था नहीं

- राज्य में 54 सरकारी बीएड कॉलेज हैं। निजी बीएड कॉलेजों की संख्या 283 हैं।
- अभी अधिकतर सरकारी बीएड कॉलेजों में अंकों के आधार पर ही नामांकन होता है। निजी बीएड कॉलेजों में नामांकन के लिए कोई पारदर्शी पैमाना नहीं है।
- कॉमन प्रवेश परीक्षा से सभी पैमाना पारदर्शी हो जाएगा। प्रत्येक बीएड कॉलेज में लगभग 100 सीटों पर नामांकन होता है।
- जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय भी हैं।

कॉमन टेस्ट के फायदे

- निर्धारित समय में बीएड व शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन संभव हो सकेगा
- निजी बीएड कॉलेजों में भी नामांकन पारदर्शी होगा
- निजी बीएड कॉलेजों में तय सीट पर ही एडमिशन होगा
- गलत तरीके से नामांकन और ठगी से छात्र बच सकेंगे
- निर्धारित अवधि में ही कोर्स पूरा हो पाएगा।

31 मार्च तक सभी विवि में छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश

यह भी तय किया गया कि 31 मार्च तक सभी विश्वविद्यालयों में अनिवार्य रूप से छात्र संघ चुनाव करा लिया जाएगा। मार्च 2018 तक सेवानिवृत होने वाले सभी शिक्षकों और कर्मियों के वेतन एवं पेंशन का भुगतान भी समय पर किया जाएगा। एकेडमिक कैलेंडर तैयार कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की राज्यपाल ने मांगी रिपोर्ट। 31 मार्च तक विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों के अतिरिक्त महाविद्यालय स्तर तक बायोमेट्रिक सिस्टम लगेगा। सीसीटीवी भी लगाया जाएगा।

इधर, कैबिनेट के निर्णय : एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को फिर से प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति

राज्य में एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को फिर से प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति दी जाएगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर 39.15 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इस फैसले का मेडिकल और इंजीनियरिंग समेत देश के विभिन्न संस्थानों में अध्ययन कर रहे लगभग 24 हजार छात्र-छात्राओं को फायदा होगा। मार्च 2016 तक नामांकन करा चुके एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति का लाभ होगा। इसके अलावा आधारभूत संरचना निगम को पटना में 1.11 एकड़ जमीन, एसएसबी 12वीं बटालियन को तीन एकड़ जमीन,आधारभूत संरचना निगम को नालंदा में 2.36 एकड़ जमीन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के 52 सहायक प्राध्यापकों को एक वर्ष का एक्सटेंशन, राजकीय अतिथिशाला के अधीक्षक के.के.यादव को फरवरी 2019 तक एक्सटेंशन,औरंगाबाद (एनएच-2) के लिए 1.31 एकड़ जमीन देने का फैसला भी लिया गया।

X
सभी विश्वविद्यालय के वीसी के साथ बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक और प्रधान सचिव ब्रजेश मल्होत्रा।सभी विश्वविद्यालय के वीसी के साथ बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक और प्रधान सचिव ब्रजेश मल्होत्रा।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..