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98 साल के बुजुर्ग ने ली पीजी की डिग्री, ग्रैजुएशन के 71 साल बाद लिया था एडमिशन

राजकुमार वैश्य ने कहा कि उन्हें पढ़ने की इच्छा अभी भी है लेकिन हेल्थ साथ नहीं दे रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 04:32 AM IST
98 साल के राजकुमार वैश्य को मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री दी। 98 साल के राजकुमार वैश्य को मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री दी।

पटना. नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में देश में पहली बार 98 साल के बुजुर्ग को पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री दी गई। मंगलवार को एक प्रोग्राम के दौरान पटना के राजेंद्रनगर के रहने वाले राजकुमार वैश्य को मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने पीजी इकोनॉमिक्स की डिग्री दी। राजकुमार ने सेकेंड डिवीजन में पीजी की परीक्षा पास की है। बता दें कि राजकुमार ने ग्रैजुएशन के 71 साल बाद पोस्ट ग्रैजुएशन में एडमिशन लिया था।

व्हील चेयर पर पहुंचे थे प्रोग्राम में

डिग्री लेने के लिए राजकुमार व्हील चेयर पर प्रोग्राम में पहुंचे थे। राज्यपाल ने इस मौके पर कहा-आप हम सबके लिए प्रेरणा हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहनेवाले राजकुमार वैश्य ने बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) की पढ़ाई पूरी करने के लगभग 75 साल साल बाद मास्टर ऑफ इकोनोमिक्स में एडमिशन लिया। 1934 में उन्होंने मैट्रिक एग्जाम पास किया था। इसके बाद 1940 में बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री ली थी।

वैश्य बोले-आगे भी पढ़ना चाहता हूं

राजकुमार वैश्य ने कहा कि डिग्री लेने में यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों का काफी सहयोग मिला। उन्होंने सुलभता से कोर्स करने में मदद की। पढ़ने की इच्छा अभी भी है लेकिन हेल्थ साथ नहीं दे रहा है। उन्होंने यूथ्स को खुद स्ट्रगल कर जीतने और लाइफ में हमेशा कोशिश करते रहने की सलाह दी। नालंदा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर आरके सिन्हा ने कहा कि आज का दिन नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के इतिहास में स्वर्णिम दिवस के रूप में जाना जाएगा। 98 साल की उम्र में डिग्री लेना इंडिया में पहला मामला है। पितातुल्य राजकुमार वैश्य को हमलोगों ने डिग्री दी है। उन्होंने 98 साल की उम्र में वर्ष 2015 में पोस्ट ग्रैजुएशन में एडमिशन लिया और अपने रेग्यूलर सेशन में यानी 2017 में पीजी एग्जाम पास किया।

समारोह 22 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को डिग्री मिली। 29 को गोल्ड मेडल दिया गया। समारोह 22 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को डिग्री मिली। 29 को गोल्ड मेडल दिया गया।