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मधेपुरा मेें बने पहले इलेक्ट्रिक रेल इंजन का 28 फरवरी को प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण

कारखाना में इंजन के पार्ट-पुर्जे को एसेम्बल करने में लगभग 70 इंजीनियरों व अन्य स्टाफ लगे हुए हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 07:20 AM IST
PM inaugurate first electric rail engine made in Madhepura

मधेपुरा. पिछले पंद्रह दिनों से पूरा जिला प्रशासन सीएम की समीक्षा यात्रा की तैयारी में जुटा हुआ था। वे आकर चले गये। सबकुछ निर्धारित कार्यक्रम के तहत हुआ तो अब 54वें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। 28 फरवरी को मधेपुरा के ग्रीन फील्ड इलेक्ट्रिक रेल इंजन कारखाना में एसेम्बल पहला इंजन का वे लोकार्पण करेंगे।


कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को भी न्योता भेजे जाने की सूचना है। कारण यह कि मधेपुरा के इस रेल इंजन कारखाना में फ्रांस की प्रसिद्ध एल्सटॉम कंपनी का 74 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि भारत सरकार का इसमें 26 फीसदी हिस्सेदारी है। इस कारण से जब पहली बार इस कारखाना से एसेम्बल इंजन निकलेगा तो सरकार की मंशा भी है कि मौके पर फ्रांस और भारत की दोस्ती देखने को मिले। अगले 11 साल में यहां कुल 800 इंजन तैयार होंगे, जिसे मालगाड़ी में लगाया जाएगा। पीएम और फ्रांस के राष्ट्रपति के आने को लेकर मामला चूंकि हाईलेवल है, इस कारण से खुलकर कोई कुछ भी बताने से परहेज करता है, लेकिन अंदर ही अंदर इसकी तैयारी चल रही है।

इंजन बनाने का काम तेजी से चल रहा
कारखाना में इंजन के पार्ट-पुर्जे को एसेम्बल करने में लगभग 70 इंजीनियरों व अन्य स्टाफ लगे हुए हैं। पहला इंजन एसेम्बल होकर लगभग तैयार है। फरवरी तक चार और इंजन बनकर तैयार हो जाएंगे। इसलिए यहां क्रमश: पदाधिकारियों व कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। सूत्रों की मानें तो इन दिनों शहर के एक होटल से प्रतिदिन 300 लोगों का भोजन फैक्ट्री में भेजा जा रहा है। वैसे तो यहां रेल इंजन कारखाने के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर केके भार्गव तैनात हैं ही, इसके अलावा पटना से भी इंजीनियरों का टीम एसेम्बल हो रहे इलेक्ट्रिक इंजन की कार्य प्रगति का मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस कारखाने को पूर्ण रूप से चलाने में तत्काल कम से कम 400 कर्मियों की जरूरत होती है।

इंजन की कुहासे में भी रफ्तार नहीं होगी कम
बताया गया कि अभी देश में 6 हजार हाॅर्स पावर के इलेक्ट्रिक इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। जो महज लगभग 50 किलोमीटर की गति से ही बॉगी को खींच पाती है। यहां बनने वाली इंजन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी को खींचेगी। इन इंजनों की क्षमता 12 हजार हाॅर्स पावर होगी। इससे ये इंजन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी के साथ दौड़ेगी। साथ ही ऐसे तकनीक से लैस होगी, जिससे कुहासे में भी स्पीड कम नहीं होगी। इससे कम समय में सामान एक जगह से दूसरे जगह पहुंच जाएगा।

यह है इंजन बनाने का टारगेट
- मार्च 2018 से फरवरी 2019 तक 4 इंजन
- मार्च 2019 से मार्च 2020 तक 35 इंजन
- अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 65 इंजन
- अप्रैल 2021 से प्रतिवर्ष 100 इंजन

क्या है खास

- 12000 हॉर्स पावर का होगा हर इंजन
- एक इंजन की कीमत 28 करोड़ रुपए
- फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी बना रही इंजन
- पांच इंजन के पार्ट-पुर्जे को किया जाएगा एसेम्बल
- शेष 795 इंजन का कारखाने में होगा निर्माण
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