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दो करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी करनेवाला बिहार पुलिस का बर्खास्त दारोगा अरेस्ट

बताया जाता है कि वह खेल कोटे से पुलिस में बहाल हुआ था और स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित था।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:29 AM IST

दानापुर. फ्लैट और जमीन के नाम पर दो करोड़ से ज्यादा रुपए ठगनेवाले बिहार पुलिस के बर्खास्त दारोगा को रूपसपुर पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया, जो रूपसपुर थानाक्षेत्र के धनौत स्थित रामनगर कॉलोनी का रहनेवाला श्यामबाबू सिंह है। उसके खिलाफ पटना और रांची की अदालतों ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। पुलिस इन मामलों में गिरफ्तार बर्खास्त दारोगा की पत्नी अंकिता कुमारी और बेटे मनीष कुमार को भी तलाश रही है।

बुद्धा कॉलोनी के रहनेवाले रेलवे के सेवानिवृत्त अभियंता गिरीश कुमार से फ्लैट देने के नाम पर 55 लाख रुपए लिए गए। फ्लैट नहीं मिलने पर पीड़ित ने पटना व्यवहार न्यायालय में शिकायत वाद दायर किया। इसपर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए वारंट निर्गत किया। पूर्व में हुई गिरफ्तारी के बाद आरोपी श्याम बाबू सिंह ने शिकायतकर्ता को 15 लाख का ड्राफ्ट देते हुए बाकी रकम किश्तों में चुकाने का आश्वासन दिया।

आरोपी के आश्वासन पर कोर्ट ने जमानत देते हुए बाकी रकम शर्त के मुताबिक वापस करने का निर्देश दिया, पर रकम नहीं जमा करने पर जमानत रद्द करते हुए पुनः गिरफ़्तारी का वारंट निर्गत कर दिया। इससे पूर्व आरोपी ने पटना हाईकोर्ट में रकम को किश्तों में चुकाने की बात कहते हुए शिकायतवाद को निरस्त करने के लिए याचिका दी थी, पर एक भी किश्त नहीं जमा करने पर हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया।


आरोपी श्यामबाबू सिंह, पत्नी अंकिता कुमारी और बेटे मनीष कुमार पर रांची के रहनेवाले अालोक कुमार सिंह ने भी न्यायालय में शिकायत वाद दर्ज कराया था, जिसमें फर्जीवाड़ा करते हुए रुपए ठगने का आरोप लगाया गया था।

स्पेशल ब्रांच से हुआ था बर्खास्त


गिरफ्तार आरोपी श्यामबाबू सिंह ने पत्नी अंकिता कुमारी के नाम पर अंकिता कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से एक कंपनी खोल रही थी, जिसमें खुद और बेटे मनीष को भी निदेशक बनाया था। बताया जाता है कि वह खेल कोटे से पुलिस में बहाल हुआ था और स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित था। फर्जीवाड़े के मामलों में संलिप्तता सामने आने पर कुछ माह पूर्व ही श्यामबाबू सिंह को पुलिस की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उस पर दर्ज फर्जीवाड़ा के अन्य मामलों का पता लगाया जा रहा है।