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मुखिया से सेंट्रल मिनिस्टर तक का तय किया था सफर, राजनीति में रखते थे मजबूत दखल

लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने में वो मुख्य भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि वे लालू प्रसाद के सदा खासम-खास रहे।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 06:23 AM IST

सीतामढ़ी. पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा बिहार की राजनीति के एक सशक्त हस्ताक्षर थे। करीब 37 वर्षों तक वे सूबे की राजनीति को असरदार रूप से प्रभावित करते रहे। 1990 में उन्हाोंने मुख्यमंत्री पद के लिए भी लड़ा था। पर अंतत: लालू प्रसाद के नाम पर सहमति बनी। तब लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने में वो मुख्य भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि वे लालू प्रसाद के सदा खासम-खास रहे। पंडित झा का अंतिम संस्कार मंगलवार की सुबह उनके गांव अंबा कला में किया जाएगा।

मुखिया से मंत्री तक का सफर

- 1969 में पिपराही प्रखंड स्थित अम्बा कला पंचायत के मुखिया बने
- 1976 में सीतामढ़ी जिला परिषद के अध्यक्ष बने
- 1972 से 1998 तक शिवहर विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह वार विधायक रहे
- 1999 से 2004 तक समता पार्टी के टिकट पर गोपालगंज से सांसद रहे
- 2004 से 2009 तक बेतिया से राजद के टिकट पर सांसद बने
- 1980 में पहली बार डॉ. जगन्नाथ मिश्र के मुख्यमंत्रित्व काल में बिहार सरकार में मंत्री बने
- 1980 से 1983 तक पीडब्ल्यूडी व शिक्षा मंत्री रहे
- 1985 में जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए और जनता विधानमंडल दल के नेता निर्वाचित किए गए
- 1989 में जनता दल का गठन हुआ और वे पार्टी के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने

- 1990 में मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा, उन्हें 27 मत प्राप्त हुआ
- 1990 में लालू प्रसाद के नेतृत्व में बनी सरकार में दूसरे नंबर पर मंत्री बने
- 1990 में लालू मंत्रिमंडल में उन्हें संसदीय कार्य, स्वास्थ्य, सांख्यिकी, वित्त व लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण सहित आधा दर्जन विभागों के मंत्री बनाए गए
- 1993 में राज्य सरकार में संसदीय कार्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री बने, वे 1998 तक राज्य सरकार में मंत्री रहे
- 1998 में लालू प्रसाद से मतभेद होने के बाद राजद से अलग होकर समता पार्टी में शामिल हुए और नैतिकता के आधार पर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दी
- 1999 में गोपालगंज से सांसद बने
- 2004 में बेतिया से सांसद बने
- 2008 में केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में भारी उद्योग राज्य मंत्री बनाए गए।

1950 में हुई थी पूर्व मंत्री की शादी

पूर्व मंत्री रघुनाथ झा के निधन की सूचना मिलते ही उनके ससुराल बैरगनिया प्रखंड के बेंगाही गांव में मातम पसर गया। ससुराल के लोग आंसू रोक नहीं पा रहे है। पं. रघुनाथ झा की शादी वर्ष 1950 में बेंगाही गांव निवासी स्व. रविनाथ चौधरी की बेटी सुकर्मा से हुई थी। उनके तीन साले में बड़े साले अमरनाथ चौधरी की मौत हो चुकी है जबकि दो साले अशर्फी एवं कलेश्वर चौधरी साधारण किसान हैं।

डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पक्ष में राजभवन मार्च : 1985 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बाहर होने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पक्ष में उन्होंने राजभवन मार्च किया था।

बनाए गए थे प्रथम प्रदेश अध्यक्ष : 1988 में पूर्व पीएम वीपी सिंह के जनमोर्चा जनता पार्टी तथा पूर्व उपप्रधान मंत्री देवीलाल चौधरी के विलय के बाद रघुनाथ झा बिहार में जनता दल का राज्य अध्यक्ष बने थे।

रेफरल अस्पताल है रघुनाथ झा की देन
शिवहर को जिला बनाने में रघुनाथ झा का तो महत्वपूर्ण योगदान था ही, रेफरल अस्पताल भी उन्हीं के सहयोग से शुरू हुआ था। उनके प्रयास से रेफरल अस्पताल जनता को समर्पित किया जा सका।

सीतामढ़ी-शिवहर में शिष्यों की कतार खड़ी कर गए रघुनाथ, कई को दिलवाई नौकरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा न केवल कुशल राजनीतिज्ञ थे बल्कि सफल संगठनकर्ता भी थे। वे नेतृत्व का गुण सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। युवाअों को हमेशा राह दिखाकर कुशल राजनेता बनने को प्रेरित भी किया करते थे। यही कारण है कि वे अपने पीछे कुशल राजनेताओं-कार्यकर्ताओं की लंबी कतार खड़ी गये। आज सीतामढ़ी और शिवहर में राजनीति करने वाले सैंकड़ों राजनेता-कार्यकर्ता रघुनाथ झा के शिष्य हैं। इनमें कई राजनीति को दशा और दिशा दे रहे हैं। बेलसंड विधायक पति व प्रतिनिध सह जदयू किसान प्रकोष्ट के प्रदेश उपाध्यक्ष राणा रंधीर सिंह चौहान कई बड़े मंचों से खुद को रघुनाथ झा का शिष्य घोषित कर चुके हैं। हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व मंत्री शाहिद अली खान, विधान पार्षद राजकिशोर कुशवाहा, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सुफल झा, उमेश चन्द्र झा, चदर मिश्र, अरुण गोप, शिवशंकर यादव, पूर्व जिला पार्षद अजब लाल चौधरी, नंदकिशोर सिंह आदि नेताओं को आगे बढ़ाने में उनका काफी योगदान था। पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा अपने 37 वर्षों के शासन काल में सैंकड़ों योग्य युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिलवाया।

पूर्व विधायक दामोदर झा थे रघुनाथ झा के राजनीतिक गुरु, उन्हीं से ली थी प्रेरणा

बथनाहा विधान सभा क्षेत्र के प्रथम विधायक दामोदर झा रघुनाथ झा के प्रथम राजनीतिक गुरु थे। उनके प्रेरणा से ही वे सक्रिय राजनीति मेें आये थे। दमोदर झा ने रघुनाथ झा के संघर्ष के दिनों में आगे बढ़ाने में काफी मदद की थी। बताया जाता है कि छात्र जीवन में रघुनाथ झा पढ़ने में साधारण थे। पर, छात्र राजनीति में अपना वर्चस्व बनाने के लिए प्रयास कर रहे थे। इस कारण उनका कई बार विरोधी छात्रों के साथ तीखी झड़प भी हो जाती थी। पुलिस भी मामले को शांत कराने को आती थी। इसी क्रम में एक बार छात्रों के साथ तीखी झड़प हो गई थी। इसमें वो जख्मी हो गए थे। इसकी जानकारी मिलते ही दामोदर झा रघुनाथ झा को जानकी स्थान स्थित अपने आवास पर बुलाकर ले गए। कुछ दिन अपने आवास पर रखा फिर अपने साथ पटना ले गए। वहीं उन्हें राजनीति का गुरुमंत्र दिया। इसके बाद रघुनाथ झा पटना से गुढ़ राजनीतिक बनकर लौटे। तत्कालीन सीतामढ़ी जिले के पिपरारी प्रखंड के अंबा टोला कला पंचायत से मुखिया प्रत्याशी बनकर वर्ष 1969 में पंचायत के मुखिया बन राजनीतिक जीवन का श्री गणेश किया। उसके बाद 1976 में जिला परिषद के अध्यक्ष बने। फिर तो वो आगे ही बढ़ते चले गये। कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।