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यहां बच्चे बाल विवाह रोकने के लिए रखते हैं गांव पर नजर, मिली है ऐसी सफलता

बाल समूह के बच्चे गांव के ऐसे बच्चों को जो किसी कारण से स्कूल नहीं आ पाते उन्हें स्कूल लाने का काम कर रहे हैं।

साकिब | Last Modified - Jan 16, 2018, 04:19 AM IST

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    किशनगंज.देश के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार किशनगंज जिले का पोठिया ब्लॉक बाढ़ प्रभावित इलाका है। जहां गरीबी, पलायन, अशिक्षा, बाल विवाह, बाल मजदूरी आदि विभिन्न समस्याएं व्याप्त हैं। बदलाव हुए हैं, नाकाफी हैं। ऐसे में ब्लॉक के 15 गांवों में बच्चों की पहल से कई सकारात्मक बदलाव आए हैं।

    महानंदा और डौक नदी के किनारे बसे इन 15 गांवों के 15 स्कूलों में सेव द चिल्ड्रन के सहयोग से बच्चों के समूहों का गठन करीब छह माह पूर्व आपदा प्रबंधन के लिए किया गया था। लेकिन यह समूह गांवों में बाल विवाह और दहेज प्रथा रोकने के लिए भी काम कर रहा हैं। इनकी पहल से सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। बाल समूह को जैसे ही पता चलता है कि गांव में कहीं बाल विवाह हो रहा है, तो यह बच्चे उसे रोकने में लग जाते हैं। यह बाल विवाह के नुकसान को बताते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं कि आप कानून तोड़ने जा रहे हैं जिसके लिए आपको जेल हो सकती है।

    इनकी पहल से कई बच्चे दोबारा स्कूल आए

    बाल समूह के बच्चे गांव के ऐसे बच्चों को जो किसी कारण से स्कूल नहीं आ पाते उन्हें स्कूल लाने का काम कर रहे हैं। बाल समूह में शामिल आसमा खातून, मुबस्सरीन, मुस्तकीम, सन्नी, मासूमा बेगम, दीपक कुमार, तौसीफ जैसे बच्चों के प्रयासों से ही कई बच्चे जो ड्राप आउट हो चुके थे अब दोबारा स्कूल आ रहे हैं । छोटी उम्र के ये बच्चे स्कूल न आने वाले या ड्रॉप आउट बच्चों से मिलकर उन्हें स्कूल आने के लिए तैयार करते हैं। इसके बाद वह उनके माता-पिता से मिलकर बच्चे को स्कूल भेजने के लिए कहते हैं।

    बच्चों की हर समस्या को सुलझाते हैं ये बच्चे

    सेव द चिल्ड्रन की ओर से पोठिया ब्लॉक के हलीम नगर, फूलबाड़ी, गोरीहाट, खानकी, काशीबारी, छोटी सोहागी, कलियागंज, झारबाड़ी, टप्पू, हल्दीबाड़ी, गेरामारी, माटीगारा, लोलबाड़ी, कंजाबाड़ी और सेठाबाड़ी गांव के स्कूलों में यह बाल समूह है। समूह दूसरे बच्चों को स्वच्छता के लाभ बताते हैं और गंदगी फैलाने से रोकते हैं। यह ध्यान रखते हैं कि दोपहर के भोजन के समय हर एक बच्चे ने हाथ धोया हैं या नहीं। आपदा से बचाव के लिए यह स्कूल के सभी बच्चों को जागरूक करते हैं।

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Web Title: Prevent Child Marriage
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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