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बिहार : यहां पांच सौ रुपए दीजिए और जेल के अंदर मनचाहा सामान ले जाइए

पंचायती राज पदाधिकारी सह प्रभारी अधीक्षक सियाराम सिंह ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार खाना दिया जाता है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 31, 2017, 03:58 AM IST

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    मुंगेर.जेल प्रशासन की लापरवाही या फिर लेन-देन के खेल के कारण जेलकर्मी ही जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ा रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि 50 से 500 रुपये तक का अवैध भुगतान कर जेल के अंदर कैदियों तक कुछ भी पहुंचाया जा सकता है। इसकी वानगी हर बार छापेमारी में देखने काे मिलती है। छापेमारी के दौरान जेल से मोबाइल, गांजा, सिगरेट, गुटखा या फिर नशे के अन्य सामान बरामद होते रहे हैं।

    ये है कारण

    इसके पीछे एक बड़ा कारण प्रत्येक दिन 100 से अधिक कैदियों तक बाहरी खाना पहुंचाए जाने को माना जाता है। मंडल कारा के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही हर आने जाने वालों की तलाशी का प्रावधान है लेकिन बंदियों के परिजन खाना लेकर जब जेल जाते हैं तब खुलेआम अवैध रूप से वसूली का नजारा देखा जा सकता है।

    भोजन की आड़ में ही पहुंचता है मोबाइल

    बंदियों के वैसे परिजन जो प्रति दिन खाना लेकर जाते हैं, उनके भोजन के पैकेट को सुरक्षा प्रहरियों द्वारा जांच नहीं की जाती है। जबकि प्रावधान के मुताबिक हर आने-जाने वालों के प्रवेश द्वारा पर जांच होनी है। इसी लापरवाही के कारण दबंग कैदियों तक मोबाइल, गांजा, चिलम, गुटखा, सिगरेट सहित शौक- माैज की अन्य वस्तुएं भी पहुंच रही है।

    एक मुश्त राशि करते हैं जमा

    मंडल कारा के वार्ड नंबर 07 में बंद एक कैदी की एक महिला परिजन ने बताया कि जेल में खाने का क्वालिटी अत्यंत ही खराब है। इसलिए प्रतिदिन खाना पहुंचाती हैं। रोज रोज भोजन पहुंचाने के एवज में प्रवेश द्वार पर एक मुश्त राशि महीने में ही भुगतान कर देती हैं। वहीं दूसरे कैदी के एक परिजन ने बताया कि प्रतिदिन 100 रुपया भुगतान के बाद ही खाना पहुंचाया जाता है।

    जेल से कई बार की गई है रंगदारी की मांग

    जेल में बंद शातिर अपराधियों ने कई व्यवासियों से रंगदारी की मांग की है। मई महीने में ही जेल में बंद सोनू साह ने लोहची निवासी एक स्वर्ण व्यवसायी से रंगदारी की मांग की थी। तो साथ ही जुलाई महीने में जेल में बंद कुख्यातों के इशारे पर बेलन बाजार में एक महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद हत्यारों ने जेल में फोन कर अपनी सफलता की कहानी भी बताई थी। ऐसे मामलों की जानकारी होने के बाद जब भी जेल में छापेमारी की गई पुलिस को मोबाइल बरामद हुए हैं जो जेल कर्मियों की लापरवाही को दर्शाता हैं। यहां तक कि नवंबर महीने में एक कैदी ने एसपी काे फाेन कर धमकी दी थी। दो दिन पूर्व डीएम को भी जेल से फोन किए जाने की बात सामने आई लेकिन यह महज अफवाह बताया जा रहा है। एसी पुष्टि जेल प्रशासन व डीएम द्वारा नहींं की जा रही है। जेल प्रशासन का तो दावा है कि जेल से फोन किया ही नहीं जा सकता।

    जेल में 77 सजायाफ्ता के साथ 599 हैं बंदी

    मुंगेर मंडल कारा में 599 बंदी हैं। इनमें 77 सजायाफ्ता कैदी हैं। लेकिन सजायाफ्ता कैदियों काे सेंट्रल जेल भागलपुर भेजने का प्रावधान है। लेकिन वैसे सजायाफ्ता कैदी को यहीं रखा जाता है। जिसका मामला स्थानीय न्यायालय में चल रहा हाे।

    बाहरी भोजन जेल में जा रहा हो तो जांच होगी

    पंचायती राज पदाधिकारी सह प्रभारी अधीक्षक सियाराम सिंह ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार खाना दिया जाता है। अगर बाहरी भोजन अंदर प्रवेश हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। अभी में बाहर हूं। पहुंचने पर विशेष जानकारी दूंगा।

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Web Title: Prisoners In Munger Prison
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