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राज्यसभा चुनाव : नहीं हुआ कोई उलटफेर, NDA और महागठबंधन के हिस्से 3-3 सीटें

कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह को दोबारा विधानसभा पहुंचना पड़ा। उनके फार्म के साथ एक कागजात कम पड़ गया था।

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 04:40 AM IST
Rajya Sabha elections in Bihar

पटना. बिहार में राज्यसभा की छह सीटों के चुनाव में कोई उलटफेर नहीं देखने को मिला। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन छह सीटों के लिए छह उम्मीदवारों ने ही पर्चा भरा। इसलिए अब वोटिंग की नौबत नहीं आएगी। एनडीए और महागठबंधन के तीन-तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया।

भाजपा से केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, जदयू से प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, उद्योगपति महेन्द्र प्रसाद उर्फ किंग महेन्द्र, राजद से राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा, कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमडी अहमद अशफाक करीम और कांग्रेस से पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ.अखिलेश प्रसाद सिंह ने नामांकन किया। नामांकन पत्रों की जांच 13 मार्च को होगी और उम्मीदवार 15 मार्च तक नाम वापस ले सकेंगे। 15 मार्च को ही सभी प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र मिल जाएगा। इस तरह राजग और महागठबंधन को तीन-तीन सीटें मिल जाएंगी। अगर जरूरी होता तो मतदान 23 मार्च को होने वाला था।

अशोक चौधरी फैक्टर पूरी तरह रहा नाकाम
राज्यसभा चुनाव में सभी दल सातवें उम्मीदवार की अज्ञात आहट से सशंकित थे। नजरें कांग्रेस से जदयू में आए डॉ.अशोक चौधरी की ओर लगी थीं। चौधरी ने कांग्रेस से अखिलेश सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने पर दल के टूट जाने की भविष्यवाणी कर दी थी। लेकिन ऐसा तो कुछ नहीं हुआ। एनडीए उम्मीदवारों के नामांकन के वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे।

जदयू के किंग महेंद्र सबसे अमीर, पर कैश के मामले में राजद के अहमद अशफाक करीम से पीछ

बिहार से राज्यसभा के उम्मीदवारों में जदयू के महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र सबसे अमीर हैं। वहीं राजद के उम्मीदवार प्रो. मनोज कुमार झा सबसे गरीब हैं। किंग महेंद्र के पास दवा कंपनियों समेत 4010 करोड़ की चल संपत्ति और 29.10 करोड़ की अचल संपत्ति है। वे हथियारों के भी शौकीन हैं। उनके पास एक रिवॉल्वर, एक बंदूक और एक राइफल है। परिवार के पास 1375 ग्राम सोना और 750 ग्राम चांदी भी है। हालांकि कैश के मामले में किंग महेंद्र राजद के उम्मीदवार अहमद अशफाक करीम से पीछे हैं। करीम के पास 96 लाख रुपए नकद है, जबकि उनकी पत्नी नजहत नफरीन के पास 36 लाख नकद है। दूसरी पत्नी डॉ. शीबा हुसैन के पास 2.6 लाख रुपए नकद है।

अशफाक करीम के पास 5.97 करोड़ की चल संपत्ति और पत्नियों के पास लगभग साढ़े तीन करोड़ की संपत्ति है। करीम की अचल संपत्ति 23 करोड़ की है। वहीं पत्नियों के पास 13.74 करोड़ की संपत्ति है। उनके पास रिवाल्वर और बंदूक के साथ 556 ग्राम सोना है। करीम की पत्नियों के पास 2.6 किलो सोना है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के पास 17.71 करोड़ और पत्नी के पास 1.17 करोड़ की चल संपत्ति है। वहीं उनके पास 3.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। प्रसाद के पास 20 ग्राम सोना है लेकिन फॉरच्यूनर, एकॉर्ड और स्कॉर्पियो कार हैं। उनकी पत्नी के पास होंडा सिटी कार है।


जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह 16 ग्राम सोना, 11.62 लाख रुपए की चल संपत्ति है। उनकी पत्नी के पास 17.67 लाख रुपए की चल संपत्ति है। इसके अलावा 1.73 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। कांग्रेस के डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह के पास 3.26 करोड़ और उनकी पत्नी के पास 3 करोड़ की चल संपत्ति है। वहीं परिवार के पास 29 करोड़ की अचल संपत्ति है। अखिलेश के पास 350 ग्राम सोना और पत्नी के पास 1 किलो सोना है। राजद के मनोज कुमार झा के परिवार के पास 35 लाख रुपए की चल संपत्ति और 50 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। मनोज के पास 20 ग्राम सोना और उनकी पत्नी के पास 250 ग्राम सोना है।

नए सिरे से बिहार के मुद्दों को उठाएंगे : वशिष्ठ
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राज्यसभा में वे बिहार के मुद्दों को नए सिरे से उठाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने हम पर भरोसा किया है। उसके लिए हम उनके आभारी हैं। नई जिम्मेदारी पर पूरी तरह से का उतरने का प्रयास करेंगे।

भाजपा का 70% भू-भाग पर कब्जा : रविशंकर
केंद्रीय मंत्री मंत्री व भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश के 70 प्रतिशत भू-भाग पर भाजपा का कब्जा है। 28 में 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इसमें से भी 15 राज्यों में भाजपा के सीएम हैं। मेरी पार्टी ने मुझे राज्यसभा का फिर से मौका दिया है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के प्रदेश नेताओं का आभार व्यक्त करते हैं ।

नीतीश के नेतृत्व में हो रहा विकास : महेंद्र
जदयू उम्मीदवार महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री और एनडीए को हमारा धन्यवाद। हालांकि वे राज्यसभा में पिछले छह साल में मात्र एक सवाल पूछे जाने के मुद्दे को टाल गए।

चौधरी भगोड़ा नेता : अखिलेश
कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार कांग्रेस में अशोक चौधरी नाम का कोई नेता नहीं है। पहले तो इस नाम से भगोड़े नेता हुआ करते थे। यहां तो सिर्फ अशोक राम ही वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। कोई कुछ भी दावा कर ले, कांग्रेस एकजूट है और रहेगी। जो लोग सातवां उम्मीदवार लाने की चुनौती दे रहे थे, उनकी कलई खुल जाती।

उंगली उठाने वाले अपना चरित्र उजागर कर रहे : करीम
राजद उम्मीदवार अहमद अशफाक करीम ने कहा कि कटिहार मेडिकल कॉलेज में हर दिन 600 मरीजों का मुफ्त में इलाज किया जाता है। हम आगे भी वह अपने क्षेत्र के जरिए लोगों की सेवा करते रहेंगे। राजद ने हमें उम्मीदवार बनाया है, इसके लिए लालू प्रसाद को धन्यवाद देते हैं। जो लोग मुझ पर उंगली उठा रहे हैं वे असल में अपना चरित्र उजागर कर रहे हैं। भाजपा में भी तो गोपाल नारायण सिंह मेडिकल कॉलेज चलाते हैं। उनको तो कोई कुछ नहीं बोलता।

राजद माई समीकरण की पार्टी नहीं, इसमें सर्वसमाज : मनोज
राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि राजद माई समीकरण की पार्टी नहीं है। हमारा भरोसा सामाजिक न्याय की धारा पर है और इसमें सर्वसमाज शामिल है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कभी भी एमवाई की बातें नहीं की हैं। कुछ बातें उनके मुंह में जबरन डाल दी गई हैं। पार्टी प्रमुख ने हमें राज्यसभा में सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की आवाज उठाने की जिम्मेदारी दी है। मेरी उम्मीदवारी का स्पष्ट मैसेज है कि जो कोई सामाजिक न्याय की लड़ाई में अपना योगदान देगा राजद उसे आगे बढ़ाएगा।

बैरंग लौटा 7वां उम्मीदवार

अपराह्न ढाई बजे अचानक विधानसभा परिसर में वकीलों का एक समूह प्रकट हुआ। मीडिया के लोग पास पहुंचे तो पता चला कि वकील विनोद कुमार सिन्हा उम्मीदवार बनने आए हैं। वे सीधे सचिव के कमरे के बाहर पहुंचे और खड़े हो गए। लोगों से सलाह ही कि सचिव के कमरे में तीन बजे से पहले चले जाइए। अन्यथा उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे। तब वे मायूसी से बोले- आठ विधायक ही प्रस्तावक बनने को राजी हैं। दो की कमी है। ठीक तीन बजे वे भवन से बाहर निकल गए। बाहर आकर बोले- जदयू, राजद, भाजपा और कांग्रेस स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। चारों दलों ने मिल कर सीटों आपस में बांट ली हैं। सब मिले हुए हैं। चुनाव कराना चाहिए था।

अखिलेश को आना पड़ा दोबारा
कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह को दोबारा विधानसभा पहुंचना पड़ा। उनके फार्म के साथ एक कागजात कम पड़ गया था। अखिलेश ने अपराह्न तीन बजे से पहले सचिव रामश्रेष्ठ राय के कमरे में जाकर कागज जमा किया। अखिलेश में नामांकन तीन सेट में दाखिल किया। जदयू और राजद के उम्मीदवारों ने भी तीन-तीन सेट में नामांकन किया। वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चार सेट में नामांकन किया।

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