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साइंस का यूज करो, मोबाइल पर लगे नहीं रहो, सोशल मीडिया पर सिर्फ 30 मिनट रहो: मोरारी बापू

उन्होंने कहा कि फोन का कम से कम उपयोग कर अपनी संतति को बचाए रखो।

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 04:51 AM IST
Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar

सीतामढ़ी. राम कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि संत का क्षण न बिगाड़ो, अन्न का कण ना बिगाड़ो और साधू का पल ना बिगाड़ो। विज्ञान का सदुपयोग करो, हमेशा एंड्रायड मोबाइल में नहीं लगे रहो। 24 घंटे में 30 मिनट से ज्यादा समय फेसबुक या सोशल मीडिया पर नहीं दो। रिश्तों में मर्यादा का पालन करो। अगर आप पांच मिनट भी हरि का भजन नहीं कर सकते हैं तो कम से कम रात में सोते समय अपने पूर्वजों को याद कर लो। मोरारी बापू सीतामढ़ी शहर से सटे खड़का स्थित मिथिला धाम में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के चौथे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं को जीवन का मर्म समझाया।

लोगों को भक्ति, आस्था, संस्कार व सेवा के पाठ पढ़ाए। उन्होंने कहा कि फोन का कम से कम उपयोग कर अपनी संतति को बचाए रखो। गांधी जी ने कहा था संवेदन शून्य विज्ञान नाश का कारण है। इसलिए अपनी संवेदना को हमेशा जाग्रत रखो। इस दौरान भक्तों की अपार भीड़ बाबा के प्रवचन को सुनने के लिए उमड़ी थी।

माता सिया की प्रेरणा से यहां आया

कथा के दौरान मोरारी बापू ने सीतामढ़ी समेत मिथिला की महत्ता की चर्चा भी की। उन्होंने यहां के विद्वानों को प्रणाम किया और कहा कि वह माता सिया की प्रेरणा व रमेशचंद्र टिकमानी परिवार के माध्यम से यहां कथा कहने आए हैं। मैं अपने आप को कथा सुनाता हूं। नहीं तो यह कथा मैं इस तरह नहीं सुना पाता। कहने का मतलब है कि कथा मैं अपने लिए कहता हूं इसमें भाव आ जाता है। कथा में भले देर से आओ पर जल्दी ना जाओ। कथा की महानता यह है कि यहां केवल पुण्य करने वाले ही नहीं पापी भी आ सकते हैं। स्वर्ग में जाने की जिद ना करो। स्वर्ग में कुछ नियम है, वहां लोग पुण्य खाते हैं, पुण्य खत्म हुआ तो नीचे फेंक दिए जाओगे। उन्होंने कहा मेरा कोई फॉलोवर्स नहीं है, ये सारे के सारे फ्लावर हैं । बापू के बगिया के फूल।

बापू ने भजन, गीत व व्यंग्य के जरिए लोगों का कराया मनोरंजन

कथा के दौरान मोरारी बापू ने जहां लोगों को संस्कार व अनुशासन की सीख दी, वहीं परिवार व रिश्तों पर ध्यान देने की अपील की। पति-पत्नी पर व्यंग्य कर लोगों को हंसाया। उन्होंने चावल को पति व दाल को पत्नी बताया। कहा पत्नी कहती है की सभा में आप बोलिएगा घर में मैं। रिश्तों पर चर्चा करते हुए कहा कि समियाने के सारे खंभे अगर एक-दूसरे से मिलने की इच्छा करे तो अंदर बैठे लोगों को क्षति होगी। जीवन रूपी इस पंडाल का स्तंभ यानी खंभा हमारा रिश्ता है। कोई खंभा मां तो कोई खंभा बहन भाई व पिता है। इसलिए उचित दूरी रखो और मर्यादा में रहो। बालिकाओं को अपनी स्वतंत्रता का प्रयोग करने व मिथिला धाम की मर्यादा बरकरार रखने की अपील की। जबान पर चर्चा करते हुए शेर पढ़ा और कहा- कुदरत को नापसंद है शक्ति, जीभ में इसलिए हड्डी नहीं रखी है। उन्होंने ‘ओ पहूना अब मिथिले में रहू ना अइसन सुखवा कतहू ना’ व’रोज सवेरे उबटन लगाइब, इत्र से नहलाइव, फागुन में होली खेलाइव सावन में झूला झूलाइब’ जैसे गीत गाए।

राम व सिया एक ही है, विद्या के है पांच प्रकार

राम और सिया एक ही है। राम है बादल और सिया है वर्षा है। सिया धरती की कविता है, धरती काव्य है। लक्ष्मी जल की कविता व सरस्वती आकाश की कविता है। स्त्री आठ चीजों की रक्षा करती है, जिसे पुरुष कभी नहीं कर सकता।

धर्म में राजनीति कभी नहीं करनी चाहिए

राजनीति में धर्म होना ही चाहिए। धर्म का मतलब सत्य प्रेम व करुणा है। यह धर्म का सार है। लेकिन धर्म में राजनीति कभी नहीं करनी चाहिए।

मोरारी बापू के राम कथा को लेकर उत्साह, रोजाना रवाना हो रहे श्रद्धालु

सीतामढ़ी शहर के खड़का में आयोजित मोरारी बापू के राम कथा को लेकर गांव-गांव तक उत्साह है। कड़ाके की ठंड में भी लोग बस व अन्य वाहनों पर सवार होकर सीतामढ़ी पहुंच रहे हैं। इसके लिए विभिन्न इलाकों में वाहन की व्यवस्था की गई है। इस क्रम में मंगलवार को पुपरी से बस के जरिए श्रद्धालुओं का कारवां सीतामढ़ी के लिए रवाना हुआ। पुपरी रामकथा उप समिति द्वारा पंचेश्वरनाथ मंदिर प्रांगण से खुली बस बररी, बेहटा, डुम्हारपट्टी, धर्मपुर व चोरौत सहित दर्जनों गांवों से श्रद्धालुओं को लेकर खड़का के लिए रवाना हुई।

Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
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Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
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Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
Ram Katha by Mourari Bapu in Sitamarhi Bihar
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