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फिर बना रिकॉर्ड : 14 हजार किमी की मानव शृंखला, साढ़े 4 करोड़ लोग हुए शामिल

राजद के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामचंद्र पूर्वे ने मानव शृंखला को पूरे बिहार में सुपर फ्लाॅप बताया है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 04:47 AM IST
नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक सुधार के कार्यों का विरोध करने वाले, खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मार रहे हैं। इस मानव शृंखला से किसी राजनीतिक पार्टी का कोई रिश्ता नहीं है। नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक सुधार के कार्यों का विरोध करने वाले, खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मार रहे हैं। इस मानव शृंखला से किसी राजनीतिक पार्टी का कोई रिश्ता नहीं है।

पटना. बिहार के साढ़े 4 करोड़ से अधिक लोगों ने 14 हजार किलोमीटर में हाथ से हाथ जोड़कर नए व बड़े सामाजिक परिवर्तन की मजबूत बुनियाद रखी, और दुनिया को साफ कह दिया-’ना दहेज, ना बाल विवाह।’ इस मुनादी (ऐलान) में स्कूली बच्चों से लेकर हर तबके, हर उम्र के लोग शामिल रहे। रविवार की इस मानव शृंखला ने पिछले साल शराबबंदी को लेकर बनाई गई मानव शृंखला का रिकॉर्ड तोड़ा। तब करीब 4 करोड़ लोग जुटे थे। मौसम ने खूब साथ दिया। मगर राजद किनारे रहा। हां, कुछ कांग्रेसी जरूर दिखे। बेटियों ने जोरदार शब्दों में कहा-’दहेज लेने वाले से शादी नहीं करेंगे’, तो बेटे बोले-’दहेज नहीं लूंगा।’ अभिभावकों की भी यही राय रही।

गांधी मैदान में हुआ मुख्य समारोह

बेटी को बचाने और पढ़ाने के नारे भी गूंजे। मुख्य समारोह, गांधी मैदान में हुआ। यहां सुबह से लोग जुटने लगे थे। - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11.45 बजे पहुंचे। थोड़ा पहले उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी आदि आए। 12 बजे के ऐन पहले गुब्बारों के गुच्छे उड़ाए गए। इनमें प्ले कार्ड टंगा था। इस पर लिखा था-’ना दहेज, ना बाल विवाह।’ ठीक 12 बजे सबने एक-दूसरे के हाथ को पकड़ा। सब इसी मुद्रा में 12.30 बजे तक खड़े रहे। पूरे राज्य में भी लोग इसी भाव में एक दूजे का हाथ थामे खड़े रहे। गांधी मैदान में लोगों ने बिहार का नक्शा बनाया। इसमें स्कूली बच्चे, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री, बड़े अफसर तक शामिल हुए।

...और दुनिया में मानव शृंखला का रिकॉर्ड

- गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार सबसे लंबी मानव शृंखला 11 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश में बनी थी। 1,050 किलोमीटर लंबी यह मानव शृंखला बंगलादेश के तेनकाफ से तेतुलिया तक बनी थी। मुद्दा था बांग्लादेश के सत्ताधारी बीएनपी-गठबंधन सरकार का विरोध। आवामी नेशनल लीग की अगुवाई में 14 विरोधी दलों की ओर से आहूत इस विरोध प्रदर्शन में 50 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था।

- 1983 में 22.5 किमी लंबी मानव शृंखला इंगलैण्ड के बर्कशायर में बनी थी। उस समय 80,000 लोग अमेरिका की ओर से पश्चिम जर्मनी पर परमाणु बम गिराने की तैयारी के विरोध में हाथ थामे खड़े हो गये थे।

विरोध करने वाले अपने पैर पर मार रहे कुल्हाड़ी

नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक सुधार के कार्यों का विरोध करने वाले खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मार रहे हैं। दहेज प्रथा और बाल विवाह उन्मूलन के लिए बनाई गई मानव शृंखला से किसी राजनीतिक पार्टी का कोई रिश्ता नहीं है। लोकतंत्र में सभी लोगों को अपनी बात रखने की आजादी है। सामाजिक सुधार के कार्य का जिन्हें मजाक उड़ाना हो, उड़ाएं। लेकिन हम विकास कार्यों के साथ सामाजिक कुरीतियों से छुटकारा दिलाने के लिए अभियान चलाते रहेंगे। चूंकि सामाजिक कुरीतियों के रहते सभी लोगों को विकास का लाभ नहीं मिल सकता। वह मानव शृंखला के बाद गांधी मैदान में मीडिया से मुखातिब थे। उनसे पूछा गया था कि राजद समेत कई विपक्षी दलों ने मानव शृंखला का विरोध किया।


नीतीश ने कहा- यह आयोजन दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ लोगों के संकल्प का प्रकटीकरण रहा। आगे भी जागरुकता अभियान जारी रहेगा। राज्यभर के लोग मानव शृंखला बनाए। किसी पर कोई दबाव नहीं था। पिछले साल शराबबंदी के समर्थन में मानव शृंखला बनी थी। दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ कानून है, लेकिन इस कुप्रथा को दूर करने के लिए लोगों को आगे आना होगा। सामाजिक जागरुकता जरूरी है। दहेज प्रथा के कारण लड़की के परिवार को काफी परेशानी होती थी। बाल विवाह, इसी कुरीति से जुड़ा मसला है। ऐसे अभियानों से इन कुरीतियों के विरोधियों को बड़ी ताकत मिलती है। इसके खिलाफ बिहार ने नया इतिहास रचा है। सबको बधाई।

मोदी बोले- जो कल साथ खड़े थे, वही आज उड़ा रहे हैं मजाक

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने मानव शृंखला को लेकर राजद पर सीधा हमला बोला है। कहा कि पिछले साल जो लोग शराबबंदी के पक्ष में मुख्यमंत्री के साथ खड़े थे, वे आज विरोध कर अभियान का मजाक उड़ा रहे हैं। अच्छा होता कि राजद, कांग्रेस भी अपना समर्थन देते। पिछले साल विपक्ष में होने के बावजूद भाजपा ने शराबबंदी का समर्थन किया था।


मोदी ने कहा कि केवल कानून बना देने मात्र से बाल विवाह पर रोक लग जाती तो करीब डेढ़ सौ साल पहले बने कानून के बावजूद बिहार जैसे राज्य में आज भी सौ में 39 लड़कियां बाल विवाह का शिकार नहीं होती। उधर, मोदी ने ट्वीट किया- दहेज प्रथा और बाल विवाह के विरुद्ध कानून होने के बावजूद ये कुरीतियां जारी हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के आह्वान पर करीब 5 करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से 13000 किमी लंबी मानव शृंखला बनाकर सामाजिक बदलाव के अभियान का समर्थन किया। ये लोग बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने बिहार को बदलने के संकल्प का साथ दिया।

बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन शृंखला की सफलता के लिए राज्यपाल ने दी बधाई

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए मानव शृंखला में लोगों के शामिल होकर सफल बनाने के लिए राज्यवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रविवार की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दूरभाष पर बात कर सामाजिक जागरुकता के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम की सफलता की मंगलकामना की थी। राज्यपाल ने भरोसा जताया कि सामाजिक सुधार एवं नारी सशक्तीकरण के लक्ष्य के लिए आयोजित कार्यक्रम से राज्य में बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

मानव शृंखला में भीड़ का आकलन करने आई लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड की टीम

मानव शृंखला में जुटान का आकलन करने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम आई थी। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने अबकी एक और रिकॉर्ड का दावा किया। शराबबंदी के लिए बनी मानव शृंखला लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज है।

राजद बोला- आमजन की नहीं दिखी भागीदारी

राजद के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामचंद्र पूर्वे ने मानव शृंखला को पूरे बिहार में सुपर फ्लाॅप बताया है। डाॅ. पूर्वे, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह और डाॅ. तनवीर हसन ने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह के विरोध में सरकार ने रविवार को स्कूल खुलवाए। इससे मानव शृंखला की लाइन में छोटे-छोटे बच्चे, शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारियों को देखा गया। वहीं आम जनता इससे दूर ही रही। आम जन की कहीं कोई भागीदारी नहीं देखी गई।

मानव शृंखला टूटे नहीं इसलिए मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक के दोनों ओर के दर्जनों गांवों के लोगों ने इस फासले को नाव से जोड़ दिया। मानव शृंखला टूटे नहीं इसलिए मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक के दोनों ओर के दर्जनों गांवों के लोगों ने इस फासले को नाव से जोड़ दिया।
गांधी मैदान में मुख्य समारोह के दौरान लोगों ने बिहार का नक्शा बनाया। इसकी कमान खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संभाल रखी थी। उनके साथ पुलिस व प्रशासन के सभी आला अफसर मौजूद थे। गांधी मैदान में मुख्य समारोह के दौरान लोगों ने बिहार का नक्शा बनाया। इसकी कमान खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संभाल रखी थी। उनके साथ पुलिस व प्रशासन के सभी आला अफसर मौजूद थे।
बैंड के साथ आयोजन में शामिल स्कूली छात्राओं ने संगीतमय धुन से संदेश दिया व लोगों को जागरूक किया। बैंड के साथ आयोजन में शामिल स्कूली छात्राओं ने संगीतमय धुन से संदेश दिया व लोगों को जागरूक किया।
गांधी मैदान में छठी कक्षा की मुस्कान दुल्हन की पोशाक में थी। परिवार वाले उसका बाल विवाह करा रहे थे। आंगनबाड़ी सेविका ने बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनन अपराध बताते हुए शादी रोकी। नाटक के माध्यम से लोगों काे जागरूक किया। गांधी मैदान में छठी कक्षा की मुस्कान दुल्हन की पोशाक में थी। परिवार वाले उसका बाल विवाह करा रहे थे। आंगनबाड़ी सेविका ने बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनन अपराध बताते हुए शादी रोकी। नाटक के माध्यम से लोगों काे जागरूक किया।
राजधानी के विभिन्न सड़कों पर बनी मानव शृंखला में बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने हिस्सा लिया। राजधानी के विभिन्न सड़कों पर बनी मानव शृंखला में बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने हिस्सा लिया।
स्कूली छात्राओं ने मानव शृंखला बनाई। स्कूली छात्राओं ने मानव शृंखला बनाई।
जिसे जहां मौका मिला, मानव शृंखला बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया। पटना के पास गंगा किनारे  के खेतों में काम कर रहे और करा रहे युवकों ने वहीं मानव शृंखला बनाई। जिसे जहां मौका मिला, मानव शृंखला बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया। पटना के पास गंगा किनारे के खेतों में काम कर रहे और करा रहे युवकों ने वहीं मानव शृंखला बनाई।
गांधी मैदान में मानव शृंखला में शामिल स्कूली छात्राओं ने दहेज एवं बाल विवाह मुक्त बिहार बनाने का संकल्प लिया और लोगों से इसे समर्थन देने की अपील की। उन्होंने संदेश के अक्षरों की तख्तियां लटका रखी थीं। गांधी मैदान में मानव शृंखला में शामिल स्कूली छात्राओं ने दहेज एवं बाल विवाह मुक्त बिहार बनाने का संकल्प लिया और लोगों से इसे समर्थन देने की अपील की। उन्होंने संदेश के अक्षरों की तख्तियां लटका रखी थीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सभी धर्मों के धर्मगुरु भी गांधी मैदान में मानव शृंखला में शामिल हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सभी धर्मों के धर्मगुरु भी गांधी मैदान में मानव शृंखला में शामिल हुए।
मानव शृंखला में पटना के पूर्व डीएम संजय कुमार अग्रवाल स्कूली छात्राओं के साथ गांधी मैदान में शामिल हुए। मानव शृंखला में पटना के पूर्व डीएम संजय कुमार अग्रवाल स्कूली छात्राओं के साथ गांधी मैदान में शामिल हुए।