--Advertisement--

बंद के दो रंग : पटना वालों से कहा- वापस जाइए, परदेसियों से कहा- गुलाब लीजिए

एक तरफ आयकर गोलंबर का नजारा था। वहां बंद समर्थकों ने शहरवासियों का रास्ता रोका। उन्हें वापस लौटने को कहा।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 05:43 AM IST

पटना. राजद की ओर से बुलाया गए बिहार बंद के दौरान गुरुवार को दो अलग-अलग रंग नजर आए। एक तरफ आयकर गोलंबर का नजारा था। वहां बंद समर्थकों ने शहरवासियों का रास्ता रोका। उन्हें वापस लौटने को कहा। दूसरी तरफ, पटना सिटी में राजद के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शुकराना समारोह में शामिल होने आए श्रद्धालुओं और संगत का गुलाब देकर स्वागत किया। पटना सिटी को बंद से अलग रखा।

तेजस्वी ने कहा- फांसी पर चढ़ जाएंगे पर आंदोलन की धार न होगी कम

सुबह 9 बजे शुरू हुआ और साढ़े 12 खत्म हो गया राजद का बिहार बंद। डाकबंगला चौराहे पर कमोबेस यही स्थिति दिखी। पहले तेजप्रताप यादव और उसके बाद तेजस्वी समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तारी के 15 मिनट बाद ही डाकबंगला पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो गया और बंद समर्थकों का हुजूम कोतवाली थाना परिसर में शिफ्ट हो गया। वैसे इक्के-दुक्के कार्यकर्ता सुबह से ही जुटने लगे थे। लेकिन, सुबह नौ बजे बड़ी तादाद में राजद समर्थक डाकबंगला पहुंचे। हाथों में डंडा और डंडे में लालटेन छाप वाला झंडा लिए राजद समर्थकों ने आते ही सड़क जाम कर दिया। स्टेशन रोड, डाकबंगला रोड और रेडियो स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर आवागमन ठप हो गया। करीब साढ़े तीन घंटे तक डाकबंगला चौराहे पर राजद समर्थकों का जलवा रहा।

कार्यकर्ताओं ने डाक बंगला चौराहे पर खूब नारेबाजी की और टायर जला कर विरोध जताया। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह गरीब विरोधी सरकार है। लेकिन, हम चुप बैठने वाले नहीं। बालू की कमी से सारा काम ठप है। मजदूर पलायन कर रहे हैं। यह इवेंट मैनेजमेंट की सरकार है, जन सरोकारों से उनका कोई वास्ता नहीं है। घोटाला पर घोटाला हो रहा है। नीतीश कुमार कोई कार्रवाई क्यों नहीं करते? सरकार के 70 फीसदी मंत्री दागी हैं पर कार्रवाई नहीं हो रहीं है। इस 28 साल के नौजवान को फंसाने की साजिश चल रही है। फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन आंदोलन की धार कम नहीं होगी। इस मौके पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी समेत कई नेता उपस्थित थे।

लालू के सड़क पर नहीं उतरने का दिखा असर

पटना| राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद आवास में ही बैठकर दिनभर बिहार बंद की मॉनिटरिंग करते रहे। राजद के दो दशक के इतिहास में यह पहला बिहार बंद था, जिसमें लालू प्रसाद पटना में रहते हुए सड़क पर नहीं उतरे। गुरुवार को बिहार बंद की अगुवाई की कमान उन्होंने राजद के भविष्य के नेता तेजस्वी यादव के हाथों में सौंप दी थी। राजद संघर्ष समिति के अध्यक्ष डाॅ. रघुवंश प्रसाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामचन्द्र पूर्वे और तेजप्रताप यादव संग तेजस्वी ने राजद कार्यालय से डाकबंगला चौराहे तक मार्च किया। वहां करीब एक घंटे तक सभा की। फिर कोतवाली थाना पहुंच गिरफ्तारी दी।

राजद नेताओं के डाकबंगला चौराहा से हटते ही ट्रैफिक सामान्य हो गई। सभा के दौरान ही दो पहिया वाहन गुजर रहे थे। इनकमटैक्स चौराहा भी थोड़ी देर ही बंद रहा। बेली रोड पर आशियाना मोड, सगुना मोड़ आदि मुख्य चौराहों को छोड़ गाड़ियां चल रही थीं। पहले के राजद बंद में बेली रोड पर सामान्यतया शाम 4 बजे तक परिचालन प्रभावित रहता था।