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इस IAS के बैंक लॉकर से मिली 18.50 लाख की ज्वैलरी, अभी कई राज खुलने बाकी

दावा किया है कि निगरानी विभाग में उनका कच्चा चिट्ठा मैंने की खोला था।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 06, 2018, 11:46 AM IST

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    एसवीयू को जानकारी मिली है कि दीपक आनंद का मुजफ्फरपुर में आलीशान मार्केट है।

    पटना.विशेष निगरानी इकाई यानी SVU की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईएएस दीपक आनंद के एक बैंक लॉकर को खंगाला है। टीम शुक्रवार को एसबीआई मेन ब्रांच गांधी मैदान गई। वहां उनका लॉकर खोला गया। उसमें से करीब 18.50 लाख की ज्वैलरी मिली है। इसी बैंक में उनकी पत्नी डॉ. शिखा रानी के नाम से भी लॉकर है। वह लॉकर शुक्रवार को नहीं खोला जा सका। सूत्रों का कहना है कि उनकी पत्नी के लाॅकर में भी लाखों के गहने और जमीन व जायदाद के कागजात हो सकते हैं।


    - एसवीयू को जानकारी मिली है कि दीपक आनंद का मुजफ्फरपुर में आलीशान मार्केट है। जिसका लाखों रुपए किराया आता है।

    - बताया जाता है कि यह मार्केट उनके करीबी परिजन के नाम पर है। पटना समेत बिहार के अन्य शहरों में भी दीपक के जमीन-जायदाद होने की बात सामने आई है।

    सास-ससुर हैं शिक्षक

    - दीपक आनंद की पत्नी डॉ. आशा रानी कटिहार मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही हैं। दीपक के सास और ससुर शिक्षक हैं जबकि उनके पिता का सीतामढ़ी में जनरल स्टोर है।

    - सूत्रों के अनुसार दीपक ने सास-ससुर और पिता के नाम से भी जमीन-जायदाद खरीदी है। आने वाले दिनों में एसवीयू उनके परिजनों से पूछेगी कि उनके नाम से जो संपत्ति है, उसकी आय का स्रोत क्या है।

    - दीपक ने अपनी अकूत कमाई का निवेश कई जगहों पर कर रखा है। इनमें सर्वाधिक पूंजी निवेश रियल एस्टेट, जमीन जेवर में की गई है। एसवीयू ने आईएएस के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।

    - एफआईआर में आय से 1.55 करोड़ अधिक संपत्ति की बात कही गई थी। छापेमारी में 2.60 करोड़ से अधिक की संपत्ति के सबूत मिले हैं।

    RJD के MLA ने किया ये दावा

    -छपरा के पूर्व डीएम दीपक आनंद के विरोध में लगातार अभियान चलाने वाले बनियापुर के राजद विधायक केदारनाथ सिंह ने दावा किया है कि निगरानी विभाग में उनका कच्चा चिट्ठा मैंने की खोला था।

    - इसी के आलोक में उन पर कार्रवाई भी हो रही है। अब तत्कालीन एसपी पंकज राज पर कार्रवाई की बारी है। बतौर डीएम दीपक आनंद ने छपरा में रहते करोड़ रुपए की अवैध कमाई की।

    - उस बैठक में मैंने तत्कालीन डीएम दीपक आनंद द्वारा किए जा रहे भ्रष्ट कार्यों को रखा था। जिसका डीएम का गुस्सा भी मुझे झेलना पड़ा था।

    - बैठक में मुद्दा को उठाने के बाद निगरानी व आर्थिक अपराध इकाई के आरक्षी महानिदेशक के सामने लिखित रूप से दीपक आनंद के कृत्यों को रखा था।

    - किस तरह उन्होंने सरकार के नियमों को ताक पर रख कर सरकारी खजाने की लूट की। मनमाने तरीके से उन्होंने सरकारी अस्पतालों में सफाई से लेकर अन्य कार्यों का ठेका दिया। बालू बंदी के नाम पर भी करोड़ों रुपए की उगाही की। अपनी डॉक्टर पत्नी का सदर अस्पताल में नियुक्ति कराई। जब भंडाफोड़ हुआ तो उन्होंने इस्तीफा दिलवाया।

    2007 बैच के आईएएस हैं दीपक आनंद

    - सीतामढ़ी के मूल निवासी दीपक आनंद 2007 बैच के आईएएस हैं। पहली पोस्टिंग में बेतिया में एसडीओ थे।

    - इसके बाद वे समस्तीपुर के डीडीसी, बांका और सारण के डीएम के अलावा पंचायती राज निदेशक रहे। अभी उन्हें वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रखा गया है।

    - बता दें कि इससे पहले की गई छापेमारी के दौरान जांच टीम को सर्किट हाउस में आईएएस के कमरे से 25 लाख के किसान विकास पत्र, 27.5 लाख के पोस्टल डिपॉजिट के पेपर और जेवरात खरीद से जुड़ी 25 लाख की रसीदें मिलीं। शुरुआती जांच में P&M मॉल में भी दीपक की दो शॉप होने की भी जानकारी मिली है।

    - एसवीयू के आईजी रत्न संजय ने बताया कि जांच के बाद संपत्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
    - छापे से एक दिन पहले एसवीयू ने दीपक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।
    - एफआईआर में आय से 1.55 करोड़ अधिक संपत्ति की बात है। हालांकि, छापे में आय से 2.30 करोड़ से अधिक की संपत्ति के सबूत मिले हैं।

    साढ़े 19 गुना ज्यादाप्रॉपर्टी

    - दीपक आनंद के पास कुल बचत की अपेक्षा 1950% (साढ़े 19 गुना) से अधिक की प्रॉपर्टी का पता चला है।
    - एसवीयू के मुताबिक कुल आमदनी में खर्च काट कर 11.76 लाख की बचत हुई।
    - हालांकि हकीकत यह है कि दीपक के पास 2.30 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी है। यह नहीं होना चाहिए।

    20 बिन्दुओं पर चल रही जांच

    - सारण जिले के इतिहास में पहले डीएम दीपक आनंद रहे जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा। यही नहीं, भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने के कारण उन्हें डीएम के पद से हाथ धोना पड़ा था।

    - अब तो उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई ने भी मुहर लगा दी है।

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    पटना समेत बिहार के अन्य शहरों में भी दीपक के जमीन-जायदाद होने की बात सामने आई है।
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    दीपक आनंद की पत्नी डॉ. आशा रानी कटिहार मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही हैं।
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    दीपक के सास और ससुर शिक्षक हैं जबकि उनके पिता का सीतामढ़ी में जनरल स्टोर है।
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    आने वाले दिनों में एसवीयू उनके परिजनों से पूछेगी कि उनके नाम से जो संपत्ति है, उसकी आय का स्रोत क्या है।
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