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चोर काट रहे थे तार, हादसे का शिकार होने से बची सहरसा-समस्तीपुर एक्सप्रेस

परमिनियां हॉल्ट से खुलकर सोनवर्षा कचहरी स्टेशन के लए आगे बढ़ी, तभी गेट संख्या 28 के पास चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 06:14 AM IST

मधेपुरा/सहरसा. मधेपुरा-मानसी रेलखंड पर एक पखवाड़े में तीन बार अज्ञात चोरों ने तार चोरी की घटना को अंजाम दिया। रविवार रात 10.05 बजे चोरों ने एक बार फिर सहरसा-सोनवर्षा कचहरी रेलखंड के बीच परमिनिया हॉल्ट के निकट दो किलोमीटर तक तार काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया। तार बिखर कर रेल ट्रैक पर आ गया था। इस बीच सहरसा से समस्तीपुर जा रही सवारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। इस कारण रेलखंड पर आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। सोमवार सुबह 3.05 बजे बिजली तार को ट्रैक से हटाया गया तब जाकर परिचालन शुरू हो सका। मौके से जीआरपी ने तीन तेज धारदार आरी पत्ती व लाल रंग के कंबल व पेपर बरामद किए हैं।

ब्रेक लगते ही मची भगदड़


दिन-रविवार। समय-10.05 बजे रात। 55553 अप सहरसा-समस्तीपुर सवारी गाड़ी परमिनियां हॉल्ट से खुलकर सोनवर्षा कचहरी स्टेशन के लए आगे बढ़ी, तभी गेट संख्या 28 के पास चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई। तेज झटके के साथ अचानक ट्रेन रुक गई। इससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। बाद में सूचना मिली कि असामाजिक तत्वों ने रेलवे की ओर से इलेक्ट्रिफकेशन कराए जा रहे तार को काट दिया है। इस कारण ट्रैक पर गिरे व एक साइड से हवा में लटके मोटे तार इंजन व बोगियों के ऊपर व निचले हिस्से में उलझ गया। रेलयात्री व ट्रेन में तैनात जीआरपी की मदद से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तार को खींचकर किसी तरह निकाला गया। फिर जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी तभी गेट संख्या 27 के पास अचानक एक जोरदार आवाज हुई। ड्राइवर ने दूसरी बार इमरजेंसी ब्रेक लगाई थी। दरअसल, चाेरों ने लगभग दो किलोमीटर तक बिजली तार काट दिया था। इस बीच ट्रेन की आवाज सुनते ही चोर भाग निकले। मालूम हो कि असामाजिक तत्व जब घटना को अंजाम दे रहे थे तभी ट्रेन वहां पहुंच गई थी, मास्ट पर चढ़कर तार को काटा जा रहा था।

20 किमी प्रति घंटा रफ्तार होती तो काम नहीं करता इमरजेंसी ब्रेक


ट्रेन के चालक गणेश प्रसाद व सहायक चालक संतोष कुमार ने बताया कि अगर ट्रेन की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा होती तो इमरजेंसी ब्रेक भी काम नहीं करता। परमिनिया हाॅल्ट से ट्रेन खुलते ही गेट संख्या 28 के पास ट्रेन की स्पीड 10 किमी प्रति घंटा थी। हवा में लटके बिजली के तार इस तरह इंजन व बोगियों के ऊपरी व निचले हिस्सों में फंस गए कि इमरजेंसी ब्रेक लगाना जरूरी था, नहीं तो ट्रेन पलट सकती थी। हवा में लटके तार का जब बोगियों में रगड़ हुआ तो जोरदार आवाज होने लगी। बाहर देखा तो तार मेरी सिर में टकराने से बच गया।

तार चोरी की घटना पर एक नजर

18 जनवरी : 574 मीटर बिजली तार मधेपुरा यार्ड से चोरी को लेकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।

22 जनवरी : बैजनाथपुर के पहले पटेल चौक के खंभा 93/9 किमी पर 1300 मीटर तार काट लिया गया। चोरों ने बिजली खंभा भी नीचे गिरा दिया था।

28 जनवरी : सहरसा-सोनवर्षा कचहरी रेलखंड के बीच परमिनिया हॉल्ट के निकट बलुआहा ढाला संख्या 26, दुधैला ढाला संख्या 27 व ढाला संख्या 28 के पास खंभा संख्या 36.5 से 37.4 तक 1200 मीटर तार चोरों ने काटकर कर दिया क्षतिग्रस्त।

28 फरवरी को रेल इंजन कारखाना का होना है लोकार्पण
मालूम हो कि 28 फरवरी को रेल इंजन कारखाना मधेपुरा से पहला इलेक्ट्रिक इंजन निकलेगा। इसके चलते सहरसा-मानसी व मधेपुरा रेलखंड पर पावर ग्रिड की ओर से विद्युतीकरण का काम अंतिम चरण में है। सोनवर्षा कचहरी-परमीनिया हॉल्ट के बीच मास्ट लगाने का काम पूरा हो चुका है। अब कंटीलीवर के साथ 12 एमएम तांबे के दो तार लगाए जा रहे हैं। लेकिन चोर लगातार तार काट कर काम को बाधित ही नहीं कर रहे, बल्कि रेल दुर्घटना को आमंत्रण भी दे रहे हैं। कुछ ही दिन पहले इसी रेलखंड पर चोरों ने तार काट लिया था।

स्टेट पुलिस व होमगार्ड की लगेगी ड्यूटी
पूर्व मध्य रेल मंडल के रेल प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि घटना की सूचना मिली थी। सहरसा-मानसी रेलखंड पर जो एजेंसी विद्युतीकरण का काम रही है, उसे सिक्यूरिटी बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है, ताकि तार की चोरी न हो। इसकी निगरानी के लिए एक-दो दिन में स्टेट पुलिस व हाेमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाएगी। जब तक तार में करंट प्रवाहित नहीं होता तब तक 24 घंटे निगरानी करते रहने का आरपीएफ को निर्देश जारी किया गया है। दस दिनों के भीतर बिजली की तारों में करंट प्रभावित होगा।

कार्य एजेंसी की है लापरवाही
सहरसा आरपीएफ इंस्पेक्टर एके यादव ने बताया कि 55553 अप सवारी गाड़ी अपने निर्धारित समय पर रविवार की रात 9.55 पर सहरसा जंक्शन से खुली थी। कार्य एजेंसी के कर्मियों की लापरवाही के चलते परमिनिया हाॅल्ट के पास तार टूटा है। लेकिन तार चोरी कर लिए जाने के मामले की जानकारी नहीं है।

आरपीएफ नहीं कर रहा सहयोग
तार काटने की घटना के बाद अग्रेतर कार्रवाई के लिए तैयार मेमो पर आरपीएफ ने हस्ताक्षर नहीं किया, जबकि पैंसेजर ट्रेन संख्या 55563 के चालक गणेश सिंह ने हस्ताक्षर किया। आरपीएफ के असहयोगात्मक रवैये के कारण परेशानी हो रही है। अब तक करीब 10 लाख रुपए मूल्य के तार की क्षति हुई है। तार दिल्ली से आता है। क्षति से ज्यादा इसे मंगाने में परेशानी होगी।
कफील रिजवी, प्रोजेक्ट मैनेजर, कार्य एजेंसी कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड