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बिहार से ऑस्ट्रेलिया और कनाडा पहुंचा जांता-चक्की सत्तू, अमेजन पर भी उपलब्ध

अमेजन पर भी इसे उपलब्ध कराया गया है। बिहारियों की पहचान बन चुका सत्तू विदेशों में भी धूम मचा रहा है।

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 04:17 AM IST
भागलपुर, नालंदा सहित आधा दर्जन जिलों की 5 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा तैयार जांता सत्तू मुंबई, बेंगलुरू सहित आॅस्ट्रेलिया से कनाडा तक महंगी कीमत पर बिक रही है। भागलपुर, नालंदा सहित आधा दर्जन जिलों की 5 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा तैयार जांता सत्तू मुंबई, बेंगलुरू सहित आॅस्ट्रेलिया से कनाडा तक महंगी कीमत पर बिक रही है।

पटना. नालंदा हरनौत शेरपुर की सुनीता देवी, विनिता देवी के साथ बांका की लच्छो मुर्मू, अरवल की परवीना खातून जैसी महिलाओं को दो जून रोटी की चिंता सताती रहती थी। आज जांता चक्की ने न केवल उनकी भूख मिटायी, बल्कि इनकी जैसी 5 हजार से अधिक महिलाओं की गृहस्थी को उन्नति के रास्ते पर ला दिया है। इनके बच्चे स्कूल जाने लगे हैं। पति को भी कुछ पैसे देकर छोटे-मोटे रोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

विदेशों में महंगी कीमत पर बिक रही सत्तू

- भागलपुर, नालंदा सहित आधा दर्जन जिलों की 5 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा तैयार जांता सत्तू मुंबई, बेंगलुरू सहित आॅस्ट्रेलिया से कनाडा तक महंगी कीमत पर बिक रही है।

- अमेजन पर भी इसे उपलब्ध कराया गया है। बिहारियों की पहचान बन चुका सत्तू विदेशों में भी धूम मचा रहा है। क्षितिज एग्रोटेक के सुनील कुमार ने महिलाओं को संगठित कर ग्रुप से जोड़ा।

- महिलाओं को सत्तू पिसाई के लिए 30 रुपए प्रति किलो मेहनताना मिलता है। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। इसकी शुरुआत नालंदा में 150 महिलाओं ने की थी।

- आज भागलपुर, जमुई, बांका, किशनगंज, अरवल की महिलाएं भी इससे जुड़ चुकी हैं। कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से किसानों के खेतों में उगाया चना खरीद कर महिलाओं को उपलब्ध कराया जाता है।

16 हजार से अधिक किसानों को 18 अलग-अलग एफपीओ से जोड़ा


- नालंदा, भागलपुर, अरवल, किशनगंज सहित कई जिलों के 16 हजार से अधिक किसानों को संगठित कर सुनील कुमार ने इन्हें 18 अलग-अलग एफपीओ से जोड़ा।

- कंपनी एक्ट 2013 के तहत एफपीओ का रजिस्ट्रेशन कराया। कृषक उत्पादन संगठन में सब्जी उत्पादक के साथ ही अनाज उत्पादन, बीज उत्पादन के साथ मधुमक्खी पालन, बकरीपालकों के समूह हैं।

- सब्जी उत्पादक किसानों से सीधे सब्जी लेकर बड़े बाजारों में उपलब्ध कराया जाता है। उत्पादन के हिसाब से सभी किसानों को लाभ मिलता है। केंद्र सरकार ने एफपीओ कर टैक्स में छूट देने की घोषणा की है।

- केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कृषि और पशुपालन संबंधी योजनाओं का भी लाभ एफपीओ से जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा।

महिलाओं को सत्तू पिसाई के लिए 30 रुपए प्रति किलो मेहनताना मिलता है। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। महिलाओं को सत्तू पिसाई के लिए 30 रुपए प्रति किलो मेहनताना मिलता है। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है।
इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। इसकी शुरुआत नालंदा में 150 महिलाओं ने की थी। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। इसकी शुरुआत नालंदा में 150 महिलाओं ने की थी।
sattu reached Australia and Canada from Bihar
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भागलपुर, नालंदा सहित आधा दर्जन जिलों की 5 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा तैयार जांता सत्तू मुंबई, बेंगलुरू सहित आॅस्ट्रेलिया से कनाडा तक महंगी कीमत पर बिक रही है।भागलपुर, नालंदा सहित आधा दर्जन जिलों की 5 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा तैयार जांता सत्तू मुंबई, बेंगलुरू सहित आॅस्ट्रेलिया से कनाडा तक महंगी कीमत पर बिक रही है।
महिलाओं को सत्तू पिसाई के लिए 30 रुपए प्रति किलो मेहनताना मिलता है। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है।महिलाओं को सत्तू पिसाई के लिए 30 रुपए प्रति किलो मेहनताना मिलता है। इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है।
इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। इसकी शुरुआत नालंदा में 150 महिलाओं ने की थी।इससे एक महिला प्रतिमाह 9 से 15 हजार रुपए तक कमा लेती है। इसकी शुरुआत नालंदा में 150 महिलाओं ने की थी।
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