पटना

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सहेली ने 12 साल की बच्ची को बालिका वधु बनने से बचाया, चौथी में पढ़ती हैं दोनों

सोमवार की सुबह में खुशबू को घर से बाहर निकलने का मौका मिला। उसे पड़ोस की सहेली मिल गई।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 06:28 AM IST
गांव पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम। गांव पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम।

वैशाली (बिहार). पड़ोस की सहेली और क्लासमेट की सूझबूझ से कक्षा चार की 12 साल की खुशबू बालिका वधु बनने से बच गई। सहेली ने नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना ऐन मौके पर सीओ को दे दी। इसके बाद खुशबू की शादी रुकी। हालांकि एक्शन में आए चाइल्ड लाइन को शादी रुकवाने में काफी पापड़ बेलने पड़े। पुलिस ने इस मामले में उदासीन रवैया अपनाया। सूचना देने के बावजूद महुआ थाने से किसी पुलिस पदाधिकारी के बजाए चौकीदार को भेजा गया।

आठ वर्ष बड़े युवक से होने वाली थी शादी

- बताया जा रहा है कि उपेंद्र राय नाम के शख्स ने अपनी 12 साल की बेटी खुश्बू कुमारी की शादी गुपचुप तरीके से तय कर दी थी।

- खुशबू गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार की स्टूडेंट है। खुशबू की शादी, उम्र में 8 वर्ष बड़े 20 वर्षीय युवक से होने वाली थी।

- यह शादी उपेंद्र राय के उसी गांव के रिश्तेदार राजेश राय की पत्नी मीना देवी ने तय करवाई थी।

- बताया गया कि खुशबू की शादी की रस्म अदायगी भी हो रही थी। सोमवार की रात मंदिर में उसकी शादी होने वाली थी।

पुलिस ने दिखाई उदासीनता

ऐसे मौके पर चाइल्ड लाइन को लेने के देने पड़ जाते हैं। चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने महुआ थाना को नाबालिग की शादी की सूचना दी। पुलिस ने अपनी ओर से उदासीनता बरती। खानापूरी के लिए थाना से मौके पर हल्के के चौकीदार को भेज दिया गया।

ऐसे बालिका वधु बनने से बची खुशबू

- सोमवार की सुबह में खुशबू को घर से बाहर निकलने का मौका मिला। उसे पड़ोस की सहेली मिल गई। खुशबू ने सहेली से अपना दर्द साझा किया।

- खुशबू ने बताया कि वह अभी पढ़ना चाहती थी। पिता गरीबी के कारण उससे उम्र में कई वर्ष बड़े लड़के से शादी करने वाले हैं। आज रात में ही किसी मंदिर में उसकी शादी कर दी जाएगी।

- सहेली ने खुशबू को दिलासा दिलाया कि वह मदद का प्रयास करेगी। घर आकर उसने अपने घर वालों से बात की। घर वाले मदद करने से मुकर गए।

- कहा कि यदि ऐसा कर दिया तो दोनों परिवार के बीच दुश्मनी तो होगी ही शायद शादी रुकवाने के लिए समाज ही बहिष्कृत कर देगा।

- इसी दौरान खुशबू की सहेली के पापा के मोबाइल उसके हाथ लग गया। उसमें नंबर देख उसने चुपके से सीओ को फोन कर सारी जानकारी दे दी।

यह पुलिस का काम नहीं है

इंस्पेक्टर भागीरथ प्रसाद का कहना है कि चाइल्ड लाइन की सूचना पर चौकीदार दिनेश पासवान को मौके पर भेज दिया गया था। इससे पुलिस को नहीं लेना-देना। सीओ-बीडीओ की जिम्मेवारी है।

सुपौल : पढ़ाई की खातिर बाल विवाह से इनकार, मिसाल बनीं छातापुर की ज्योति

उधर, सुपौल में ज्योति नाम की नाबालिग काे सोमवार को एसडीएम एवं डीसीएलआर ने सम्मानित किया। यह सम्मान उसे बीते दिनों बाल विवाह का विरोध करने पर दिया गया है।

- उसने परिजनों से बगावत कर बाल विवाह करने से इनकार कर दिया था। ज्योति की शादी छातापुर के राजेश सिंह से 11 फरवरी को होनी थी, लेकिन ज्योति ने पढ़ाई अधूरी छोड़ कर शादी करने से साफ इनकार कर दिया।

ज्योति को सम्मानित करते एसडीएम और डीसीएलआर। ज्योति को सम्मानित करते एसडीएम और डीसीएलआर।
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गांव पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम।गांव पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम।
ज्योति को सम्मानित करते एसडीएम और डीसीएलआर।ज्योति को सम्मानित करते एसडीएम और डीसीएलआर।
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