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... ताकि गंगा मैली न हो, बिहार के नौ शहरों में बन रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

वर्ल्ड बैंक की मदद से गंगा को साफ रखने के लिए शहरों में नालों का नेटवर्क बनाया जा रहा है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 05:31 AM IST

पटना. वर्ष 2020 की शुरुआत से ही गंगा में गंदा पानी नहीं गिरेगा। नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा से सटे बिहार के नौ शहरों के नाले के पानी को ट्रीटमेंट कर साफ किया जाएगा। 478 एमएलडी पानी के ट्रीटमेंट के लिए 4300 करोड़ की योजना चल रही है। पटना और बक्सर में बुडको ने काम शुरू भी कर दिया है। गंगा के किनारे रिवर फ्रंट भी विकसित किए जा रहे हैं।

एसटीपी से निकलने वाले साफ पानी का इस्तेमाल सिंचाई, कृषि, बागवानी में भी किया जाएगा। वर्ल्ड बैंक की मदद से गंगा को साफ रखने के लिए शहरों में नालों का नेटवर्क बनाया जा रहा है। इन नालों से घरों को सीधा जोड़ना है। इसके लिए नगर विकास विभाग भी योजना लाने की तैयारी कर रहा है। हर घर से निकलने वाले पानी को सीधे नालों से जोड़ दिया जाएगा।

तीन शहरों की राशि भी बढ़ाने की तैयारी

बेगूसराय, हाजीपुर और मुंगेर में योजना शुरू होने से पहले इसके इस्टीमेट का पुनरीक्षण किया जा रहा है। 100 किलोमीटर से अधिक नेटवर्क के सीवरेज होने के कारण यहां खर्च होने वाली राशि को बढ़ाया जा सकता है।

गंगा किनार के शहर को किया शामिल

गंगा के उत्तर और दक्षिण में पड़ने वाले सभी शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है। हाजीपुर और बेगूसराय से गंगा में आने वाले गंदे पानी को भी साफ किया जाएगा। नाले का निर्माण इस तरह किया जाना है कि पानी प्लांट तक पहुंचे।

पटना बहाता है 300 एमएलडी गंदा पानी

दानापुर से पटना तक नौ नालों से गंगा में 233 एमएलडी पानी जाता है। छोटे नालों को मिला दें तो 300 एमएलडी यानी 30 करोड़ लीटर गंदा पानी गंगा में बहाया जाता है।
बुडकाे सभी एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह बाेले- सभी प्लांट को 2019 तक पूरा किया जाएगा। अगले 10 वर्ष तक मेंटेनेंस निर्माण एजेंसी को ही करना है।

कहां कितना खर्च

पानी एमएलडी व राशि करोड़ में

शहर पानी राशि
बक्सर 16 210
पटना 307 2650
मोकामा 08 53.81
नवगछिया 09 60.79
सुल्तानगंज 10 60.22
बाढ़ 11 50.86
भागलपुर 65 254.13
बेगूसराय 17 219.46
हाजीपुर 22 367.20
मुंगेर 30 384.35
(नोट: एक एमएलडी 10 लाख लीटर पानी के बराबर होता है)