--Advertisement--

पूछताछ में आतंकी महफूज ने बताया- गोपालगंज में मौजूद है लश्कर के स्लीपर सेल

महफूज ने पूछताछ के दौरान यह बताया है कि दरभंगा, मधुबनी, जहानाबाद व गया में स्लीपर सेल की मदद के लिए रुपए भेजे गए है।

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 04:10 AM IST
sleeper cell of Lashkar present in Gopalganj

गोपालगंज. गोपालगंज का गिरफ्तार महफूज ने एनआईए को लश्कर के आतंकियों के बारे में कई सुराग दिये है। महफूज ने बताया कि गोपालगंज में ही कई स्लीपर सेल मौजूद है। जिनको अब्दुल नईम शेख उर्फ सोहेल खान स्लीपर सेल बनाया है। अनुसंधान बाधित नहीं हो इसके लिए एनआईए किसी का नाम बताने से परहेज कर रहीं है। यहां बता दें कि नईम दो साल तक गोपालगंज में रहा था। एनआईए ने बताया कि महफूज पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से फंड जुटाने और स्लीपर सेल तक पहुंचाने का आरोप हैं।

एनआईए के मुताबिक, गोपालगंज का महफूज आलम की गिरफ्तारी चौथा व्यक्ति के रुप में हुई है। इसने नईम को वित्तीय समर्थन और आश्रय मुहैया कराया था। महफूज ने अपने पहचान पत्र के जरिए नईम को वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर आदि से विदेशों से पैसा मंगाने में मदद की थी। इस पैसे का इस्तेमाल नईम ने देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया है। वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर से लगभग दो करोड़ रुपये मंगाए गये है।

महफूज के पास हवाला के जरिए आते थे रुपए

महफूज के पास हवाला के जरिए पैसे आते थे इसके साथ ही उसे किस जगह पैसा पहुंचाने है उसका उसे कोर्ड वर्ड मिलता था। जिसके बाद उस रुपये को वह संबंधित व्यक्ति को पैसा दे देता था। इसके लिए ऐसे पैसे भी दिये जाते थे। एनआईए के अनुसार उस कोडवर्ड को डिकोड करने में टीम लगी हुई है। जिससे आसानी से टीम उनलोगों तक पहुंच सके। इसके साथ ही टीम को कई मोबाइल नंबर भी मिले है। जिसके आधार पर वह आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

जल्द गोपालगंज से होगी कुछ और की गिरफ्तारी

पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों में संलिप्त स्लीपर सेल की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम जल्द ही गोपालगंज पहुंचेगी। महफूज के इशारे पर रुड़की से एक हवाला संचालक को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए महफूज के रिश्तेदारों पर भी नजर रखे हुए है जो फिलहाल विदेश में हैं। एनआईए के रडार पर कुल 33 युवकों के होने की बात बतायी जा रही है।एनआईए ने महफूज से शेख से विस्तार से पूछताछ की है। जिसमें कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये है। उसने पूछताछ में जांच अधिकारियों को अपने सऊदी अरब से अपने रिश्तेदार की भी मदद लेने की बात कहीं है।

महफूज और नईम से संबंध को लेकर गोसाईं टोला के युवक से भी एनआईए ने की पूछताछ

एनआईए की टीम ने महफूज और नईम से संबंध को लेकर शहर के गोसांई टोला के एक युवक से पूछताछ की है। इसे टीम अपने पास रखे हुए हैं। इससे से भी टीम को अहम सुराग मिले है। इसके साथ ही कई लोगों के नाम का भी पता चला है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से महफूज के संपर्क में थे ।

पासपोर्ट से खुलने लगा आतंक का राज

आतंकी नईम अपने मनसूबे में पूरी तरह से सफल हो जाता ,और देश छोड़कर फरार हो जाता । जै़दी को जैसे ही पासपोर्ट की जानकारी मिली उसने इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद धीरे-धीरे मामला खुलने लगा और एक बहुत बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। एक समझदारी ने नईम को बाहर नहीं जाने दिया।

दरभंगा, मधुबनी जहानाबाद और गया में भेजे गए रुपए

महफूज ने पूछताछ के दौरान यह बताया है कि दरभंगा, मधुबनी, जहानाबाद व गया में स्लीपर सेल की मदद के लिए रुपए भेजे गए है। उनके बारे में उसे कुछ विशेष पता नहीं है। एनआईए लगातार बिहार के अलग-अलग जिलों के पुलिस से संपर्क में है। स्लीपर सेल में कई नक्सली भी शामिल है। जिन पर पुलिस भी नजर रखे हुए है।

sleeper cell of Lashkar present in Gopalganj
X
sleeper cell of Lashkar present in Gopalganj
sleeper cell of Lashkar present in Gopalganj
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..