Hindi News »Bihar News »Patna News» Soldier Kk Munna Martyr During Encounter

बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...

अनुज/रौशन | Last Modified - Feb 13, 2018, 07:53 AM IST

देशभक्ति के बीज शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना के रग में उनके पिता नागेश्वर यादव ने देशभक्ति गीत गाकर भरे थे।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    शहीद के गांव ब्रह्मा में सोमवार की सुबह एक अजीब सा सन्नाटा छाया हुआ था।

    खगड़िया (बिहार).चार फरवरी को पुंछ बार्डर पर पाकिस्तानी फौज के साथ मुठभेड़ में आर्टीलरी रेजिमेंट के जवान केके मुन्ना शहीद हो गए थे। मंगलवार को दानापुर छावनी में शहीद को सलामी के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा। यहां शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ मानसी गंगा घाट पर किया जायेगा। शहीद के पिता ने बताया कि वे बचपन में बेटे को देशभक्ति गीत सुनाते थे। बता दें कि वर्ष 2013 में किशोर कुमार मुन्ना की बहाली आर्मी के जीडी पद पर हुई थी।

    पिता ने कहा- गम है... अब देश को कोई सिपाही नहीं दे पाऊंगा

    - शहीद के गांव ब्रह्मा में सोमवार की सुबह एक अजीब सा सन्नाटा छाया हुआ था। सुबह के 10 बज रहे थे और नागेश्वर यादव अपने बथान पर कई लोगों के साथ बैठे थे।

    - माहौल ऐसा था मानों किसी तरह की घटना ही नहीं हुई हो। हर आने-जाने वाले लोग नागेश्वर यादव से मिल रहे थे और जा रहे थे। लेकिन उनके चेहरे पर कोई शिकन ही नहीं था।

    - पास बैठने और पूछने के बाद उनके मुहं से जाे बातें निकली वह जानकर किसी को भी हैरानी होगी। नागेशवर यादव काे दो बेटे हैं।

    - उनका कहना है कि एक की उम्र ही नहीं रही नौकरी करने की, नहीं तो उसे भी देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए बॉर्डर पर भेज देता। गम है कि अब देश काे मैं काेई सिपाही नहीं दे पाऊंगा।


    मिलनसार थे मुन्ना यादव

    - ब्रह्मा गांव में हर गली और हर घर में बस शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना के ही चर्चे हो रहे थे। हर कोई उनके स्वभाव और विचार के बारे में ही बातें कर रहा था।

    - गांव की औरतें अलग-अलग झुंड बनाकर बस मुन्ना के साथ बिताए हुए पल को ही याद कर रहा था।

    - गांव के बीच से गुजर रहे हरदिया गांव के हरिशंकर मलाकार को रोक कर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह लड़का हर दिल अजीज था।

    - एक बार एक बजे रात को वे इसी रास्ते से अपने गांव जा रहे थे। जब मुन्ना ने उन्हें रोक लिया था। उस समय उनकी सहायता की।

    बोलते-बोलते पिता का गला रुंधाया

    नागेश्वर ने बताया कि उनका लाडला जब छोटा था तो उसकी शरारत भी उसी तरह की थी। मुझे गीत गाना आता नहीं था और वह गीत गाने की जिद्द करता था। मैं उसका दिल रखने के लिए एक ही गीत गुनगुना देता था। यह कहते ही उनका गला रूंधा गया।

    मां ने कहा- मुझे गर्व है मैं मुन्ना की मां हूं, वह शहीद हुआ है

    - शहीद किशोर कुमार मुन्ना अपनी मां के आंखों का तारा था। उसके शहीद हो जाने के खबर जब से उसकी मां फूलो देवी को मिली है। फूलो देवी ने अन्न के एक भी दाने को हाथ नहीं लगाया है।

    - बस अपने बेटे के अंतिम दर्शन के लिए पलकें बिछाए बैठीं हैं। रोते हुए कहती हैं कि मेरा एक बेटा शहीद हो गया। मैं तो मां हूं। अपने आप को कठोर नहीं बना सकती।

    - लेकिन गौरव इस बात का है कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। एक मां को छोड़ अगर उसने धरती मां की सेवा में अपनी जान की बाजी लगा दी तो इससे बड़ी बात उनके लिए क्या हो सकती है।

    - कहते हैं लोग जन्म से लेकर मृत्यु तक अपने मां-बाप का कर्ज नहीं उतार सकते हैं। लेकिन मेरे लाल ने इस मिथक को तोड़ दिखाया है। अब मुझे इस बात का गर्व है कि मुझे इस जन्म में उसकी मां बनने का सौभाग्य मिला।

    चचेरे भाई सरोज यादव को कटिहार ज्वाइंनिंग के लिए पहुंचाने जाने के दौरान मिली थी प्रेरणा

    यूं तो देशभक्ति के बीज शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना के रग में उनके पिता नागेश्वर यादव ने देशभक्ति गीत गाकर भरे थे। लेकिन उनके जीवन काल का टर्निंग प्वाइंट एक जवान को पहुंचाने जाना रहा। ब्रह्मा गांव निवासी संजय यादव आर्मी के परीक्षा में पास होने वाले अपने चचेरे भाई सरोज यादव को कटिहार ज्वाइंनिंग के लिए पहुंचाने जा रहे थे। इस बात की भनक जब मुन्ना को लगी तो उसने भी साथ चलने की इच्छा जता दी और साथ हो लिया।

  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    सुबह के 10 बज रहे थे और नागेश्वर यादव अपने बथान पर कई लोगों के साथ बैठे थे।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    माहौल ऐसा था मानों किसी तरह की घटना ही नहीं हुई हो। हर आने-जाने वाले लोग नागेश्वर यादव से मिल रहे थे और जा रहे थे।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    पास बैठने और पूछने के बाद उनके मुहं से जाे बातें निकली वह जानकर किसी को भी हैरानी होगी। नागेशवर यादव काे दो बेटे हैं।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    उनका कहना है कि एक की उम्र ही नहीं रही नौकरी करने की, नहीं तो उसे भी देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए बॉर्डर पर भेज देता। गम है कि अब देश काे मैं काेई सिपाही नहीं दे पाऊंगा।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    ब्रह्मा गांव में हर गली और हर घर में बस शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना के ही चर्चे हो रहे थे। हर कोई उनके स्वभाव और विचार के बारे में ही बातें कर रहा था।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    गांव की औरतें अलग-अलग झुंड बनाकर बस मुन्ना के साथ बिताए हुए पल को ही याद कर रहा था।
  • बचपन में सुनाते थे देश भक्ति गीत, शहीद हुआ बेटा तो पिता ने कहा- गर्व है...
    +7और स्लाइड देखें
    गांव के बीच से गुजर रहे हरदिया गांव के हरिशंकर मलाकार को रोक कर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह लड़का हर दिल अजीज था।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Patna News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Soldier Kk Munna Martyr During Encounter
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From Patna

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×