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बिहार में भी बनेंगे खेल-कूद के सामान, उद्योग विभाग की टीम होली के बाद जाएगी जालंधर

डेहरी ऑन सोन औद्योगिक क्षेत्र में लुधियाना के 20 बड़े निर्यातक यूनिट लगाने को तैयार है।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 06:34 AM IST
Sporting goods will also made in Bihar

पटना. बिहार में एक नई औद्योगिक इकाई लगाने का प्रस्ताव आया है। लुधियाना अपेरल व टेक्सटाइल इंडस्ट्री के निर्यातक व उद्यमियों के बाद जालंधर के स्पोर्टस उत्पाद के व्यवसाय व निर्यात में लगे उद्यमी व निर्यातक ने बिहार में निवेश करने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। उद्योग विभाग को निर्यातक और उद्यमियों ने यह संदेश दिया है कि वे बिहार में निवेश करने को तैयार हैं। उन्हें बिहार की नई औद्योगिक नीति 2016 में दी जा रही सहूलियतें भा रही है।

होली के बाद उद्योग विभाग की एक टीम प्रधान सचिव डॉ. एस. सिदार्थ के नेतृत्व में जालंधर जाएगी। इस टीम में राज्य के निवेश आयुक्त आरएस श्रीवास्तव भी शामिल होंगे। पिछले महीने लुधियाना से निर्यातक को एक टीम पटना निवेश की संभावना तलाशने आई थी और निवेश करने की हामी भी रही थी।

लुधियाना के निर्यातक राज्य में निवेश करने को तैयार


डेहरी ऑन सोन औद्योगिक क्षेत्र में लुधियाना के 20 बड़े निर्यातक यूनिट लगाने को तैयार है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इन यूनिटों में तकरीबन एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। निर्यातकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति 2016 के तहत दी जाने वाली सुविधाएं पसंद आई। इतना ही सरकार ने उनकी मांग पर निर्यात यूनिट के इर्द-गिर्द स्कूल, अस्पातल और कचरा निस्तारण यूनिट लगाने पर भी अपनी सहमति दे दी है। अपेरल व टेक्सटाइल इंडस्ट्री में अभी ऑटोमेशन की तुलना में हाथ से काम अधिक होता है। यह एक तरह से मानव श्रम पर आधारित इंडस्ट्रीज है। निटवेयर एंड अपेरल एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट हरीश दुआ कहते हैं कि अगर 20 यूनिटें लगती है तो कम से कम 20-25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। खासकर के महिलाओं को।

नई नीति में किया गया है ब्याज सब्सिडी का प्रावधान

राज्य सरकार ने 2016 में नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी थी। नई औद्योगिक नीति ने उद्योग धंधों के लिए वातावरण के निर्माण पर जोर दिया है। इस नीति में प्रावधान किया गया है कि वर्ष 2021 तक निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों के कर्ज के ब्याज पर राज्य सरकार सब्सिडी देगी। निवेशकों के लिए कैपिटल की जगह ब्याज पर सब्सिडी का प्रावधान नए औद्योगिक इकाइयां लगाने वाली पार्टियों को लुभाने में कामयाब हो रही है।

आकर्षित करने के लिए बनी प्राथमिकता सूची


राज्य सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए प्राथमिकता सूची का निर्माण किया है। खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, स्मॉल मशीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, आईटी, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, रबर, अक्षय ऊर्जा, हेल्थकेयर, चमड़ा उद्योग व इंजीनियरिंग कॉलेज को इस श्रेणी में प्राथमिकता के स्तर पर रखा गया है। स्पोर्टस आधारित उद्योग के लगाए जाने की संभावनाओं के बीच राज्य में निवेश प्रस्तावों का आना शुरू होने के संकेत दिखने लगे हैं। एक नए उद्योग के लगने के बाद अन्य निवेशकों के भी आकर्षित होने होने की संभावना बढ़ेगी।

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