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हाइटेंशन तार की चपेट में आकर जिंदा जला कर्मी, पांच घंटे तक झूलता रहा शव

लगभग जल चुके शव के अवशेष को सीढ़ी के सहारे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 04:54 AM IST

औराई (मुजफ्फरपुर). मटिहानी पावर सब स्टेशन में मेंटेनेंस के समय रविवार दोपहर काम करने के दौरान कर्मी उमाशंकर ठाकुर उर्फ बिकाऊ की मौत हाइटेंशन तार की चपेट में झुलसने से हो गई। उमाशंकर का शरीर इतना जल गया कि केवल सिर से उसकी पहचान की जा सकी। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग जमा हो गए और विभाग की लापरवाही व दोषियों को सजा देने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।

रविवार शाम थानाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार, बीडीओ सत्येन्द्र यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुभाष शर्मा पहुंचे और लोगों को समझा कर शांत कराया। बताया जाता है कि उक्त पावर सब स्टेशन में मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था। मृत उमाशंकर का भाई रामाशंकर ठाकुर ने बताया कि डिहजीवर में उसकी विद्युत फ्रेंचाइजी है। कनीय अभियंता केशव किशन से दोपहर में विद्युत आपूर्ति बाधित होने का कारण पूछा तो बताया गया कि मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है। पावर हाउस पहुंचने पर भाई को स्टेशन के आपरेटर अजय व अन्य दो कर्मियों को काम करते देखा। साथ ही पावर सब स्टेशन पर एमआरटी व क्राम्प्टन कंपनी के 3 अन्य कर्मी थे।

अपने हरपुर स्थित आवास लौटने के उपरांत 2. 45 मिनट पर उन्हें भाई के मरने की सूचना जेई केशन किशन ने दी। भागकर जब वह पावर स्टेशन पहुंचा तो भाई का शव हाइटेंशन के सहारे जलते व झूलते हुए देखा। पावर स्टेशन पर कार्य कर रहे सभी कर्मी ताला बंद कर फरार हो चुके थे। फोन पर एसडीओ को सूचना दी तो लाइन के मुख्य ट्रांसमिशन को बंद किया गया।

सीढ़ी की मदद से उतारा गया उमाशंकर का शव

रात 8 बजे एसडीओ विकास कुमार पहुंचे और सबकी उपस्थिति में सबस्टेशन के गेट को खुलवाया गया और जांच की गई। लगभग जल चुके शव के अवशेष को सीढ़ी के सहारे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसडीओ विकास कुमार ने इस घटना के लिए पीएसएस के कर्मियों को दोषी ठहराया। उनका कहना था कि निजी कंपनी के कर्मी मेंटेनेंस के लिए आते रहते हैं। कार्य स्थल पर काम का माहौल स्थानीय कर्मी ही बनाते हैं और वे ही जिम्मेवार हैं। जेई केशव किशन ने बताया कि डर के कारण कार्य करने वाले लोग भाग गए। वे भी घटना से हतप्रभ हैं।