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बजट : सत्तापक्ष ने कहा- सबके हित का रखा ख्याल, विपक्ष ने बताया- गरीबविरोधी

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय बजट पर तंज कसते हुए पूछा- क्या हुआ तेरा वादा...।

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 05:52 AM IST
Statement of Bihar leaders on budget 2018 19

पटना. नीतीश कुमार ने आम बजट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए खरीफ फसल पर लागत खर्च में अतिरिक्त 50 प्रतिशत जोड़कर इस वर्ष से मिनिमम सपोर्ट प्राइस देने का एलान किया है। यह स्वागतयोग्य कदम है। इस फैसले को बाकी फसलों पर भी लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में 10 करोड़ परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को चिकित्सा के लिए 5 लाख रुपए तक मदद देने का फैसला किया जाना, बहुत बड़ा इनिशिएटिव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से ही निर्धारित कार्यक्रमों के कारण मैं पूरे बजट भाषण को नहीं सुन पाया, लेकिन कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के संबंध में मैंने बजट भाषण जरूर सुना, इसके लिए मैं केंद्रीय वित्त मंत्री को बधाई देता हूं।


ग्रामीणों में कम होगा असंतोष


जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि आम बजट से देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार होगा। इससे ग्रामीण असंतोष कम होगा, साथ ही किसानों को आत्महत्या की मजबूरी और कर्ज के जाल से मुक्ति मिलेगी। प्रदेश जदयू के कोषाध्यक्ष डॉ. रणवीर नंदन ने कहा- अब तक तो परंपरा यह रही है कि चुनावी साल में सरकारें लोक लुभावन अव्यवहारिक बजट पेश करती हैं, पर एनडीए सरकार ने देश की मजबूती को प्राथमिकता देते हुए यह बजट पेश किया है।


ऑपरेशन ग्रीन की हुई शुरुआत


प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों से एक्साइज ड्यूटी घटाया जाना सकारात्मक पहल है। डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि फल उत्पादक किसानों के लिए बजट में ऑपरेशन ग्रीन की शुरुआत की गई। इसका सीधा फायदा बिहार के केला और लीची उत्पादक किसानों को मिलेगा। युवा जदयू के प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह सेतु ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं को प्राथमिकता दी है। नए वित्तीय वर्ष में 70 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. मधुरेन्दु पांडेय ने भी बजट को राष्ट्रहित वाला बताया।

सेस के नाम पर टैक्स बढ़ाने का पड़ेगा असर

कांग्रेस के प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा करने वाले पीएम तीन साल के बाद 70 लाख रोजगार सृजन की बात कर रहे हैं। आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ी है। सेस के नाम पर टैक्स बढ़ाने का असर आम लोगों पर पड़ेगा। प्रदेश प्रवक्ता एचके वर्मा और सेवादल के अध्यक्ष अजय कुमार चौधरी ने भी बजट का निराशाजनक बताया है।


शेयर बाजार में आई 450 अंकों की गिरावट

वहीं विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि बजट आने के बाद शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है। 450 अंक की गिरावट आई। पूर्व उपाध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि बिहार को इस बजट से कोई फायदा नहीं हुआ है। सुमन कुमार मल्लिक ने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से लेकर देश की जनता को सपने दिखा कर ठग रही है।

सुशील मोदी ने कहा- गांव, गरीब, किसान, स्वास्थ्य व उद्योगों के लिए समर्पित है बजट


डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बजट गांव, गरीब, किसान, जन स्वास्थ्य, वरिष्ठ नागरिक, महिला, नौकरी पेशा लोगों और लघु उद्योगों के लिए समर्पित है। इससे बिहार जैसे राज्य को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य को डेढ़ गुना करने, 50 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का सालाना मुफ्त इलाज की सुविधा से बिहार के किसानों और गरीबों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। आठ करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, 4 करोड़ गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन और स्वयं सहायता समूहों को 75 हजार करोड़ के ऋण देने का प्रस्ताव भी स्वागतयोग्य है।


आम जनता के जीवन स्तर में होगा सुधार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि बजट से आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना और कृषि के लिए 14 लाख 34 हजार करोड़ की राशि खर्च करने का फैसला किया है। मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि यह बजट करोड़ों लोगों के लिए सुनहरा सवेरा लेकर आएगा। नंदकिशोर यादव ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति देशवासियों के बढ़ते भरोसे पर खरा उतरने वाला बजट है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बजट में किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलवाने की घोषणा से किसानों की आय बढ़ेगी। राजेंद्र सिंह ने कहा कि बजट में सरकार ने समाज के हर तबके का समुचित ख्याल रखा है।

लालू बोले- बहुमत 2019 तक के लिए, 2022 के लिए नहीं

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बजट को किसानों को छलने वाला बताया। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया- जनता ने राजग सरकार को बहुमत 2019 तक दिया था, न कि 2022 तक। सरकार चला रहे लोग बड़ी चालाकी से अपनी विफलताओं और जवाबदेही को 2022 पर फेंक रहे हैं। लालू ने इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया। कहा-छाती ठोक कर बस 60 दिन मांग रहे थे। क्या हुआ?

तेजस्वी ने पूछा- क्या यही डबल इंजन है

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय बजट पर तंज कसते हुए पूछा- क्या हुआ तेरा वादा...। सीएम नीतीश कुमार बताएं कि क्या यही उनके लिए डबल इंजन है? कहा- बिहार को विशेष पैकेज और विशेष राज्य के दर्जे पर कुछ भी नहीं मिला। केंद्र सरकार को मैंडेट 2019 तक मिला था। अब वित्त मंत्री कह रहे हैं कि हम 2022 तक काम करेंगे। 60 महीने नहीं, 60 दिन में देश बदल देने के जुमले का क्या हुआ। कहा- नीतीश कुमार की वजह से भाजपा की केंद्र सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

बजट में रखा गया सभी का ख्याल : मांझी

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी कहा कि केंद्रीय बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए 56,619 करोड़ और अनुसूचित जनजाति के लिए 39,135 करोड़ रुपए का आवंटन दर्शाता है कि केंद्र सरकार इन वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। हम सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष वृशिण पटेल, महाचंद्र प्रसाद सिंह, अनिल कुमार, अजीत कुमार, दानिश रिजवान, अजय यादव, विजय यादव, अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने भी बजट को संतुलित बताया।

ग्रामीण भारत का सपना होगा साकार

राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि जन स्वास्थ्य, गांव, गरीब, किसान, महिला तथा उद्योगों के प्रति समर्पित इस बजट से बिहार जैसे गरीब राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस बजट से ग्रामीण भारत को विकसित करने का सपना साकार होगा। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सुरेश रूंगटा ने कहा कि बजट आम लोगों के स्वास्थ्य की चिंता के साथ-साथ मुख्य रूप से गांव, गरीब, किसान, महिलाओं, आदिवासी और छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। पूर्व मंत्री डाॅ. भीम सिंह ने कहा कि यह ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ बजट है।

गरीब व आम लोगों को राहत नहीं : दीपंकर

भाकपा माले ने आम बजट को भ्रामक बताया। महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बजट में पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। कॉरपोरेट घरानों का बजट में ख्याल रखा गया है। वहीं भाकपा के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने कहा कि बजट में गरीबों, मजदूरों, किसानों और आम लोगों को राहत देने के लिए खास प्रावधान नहीं किया है। माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि बजट से महंगाई बढ़ेगी। मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा लोगों के लिए भी कोई राहत नहीं दी गई है।

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