--Advertisement--

हॉस्टल में पंखे से लटकी मिली स्टूडेंट की डेडबॉडी, पिता का आरोप- गला दबा हत्या

पिता ने साजिश के तहत कुछ शिक्षक और छात्रावास के कुछ बच्चों ने मिलकर सुशील की गला दबाकर हत्या कर दी है।

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 07:54 AM IST
शव के पास राेते-बिलखते परिजन। शव के पास राेते-बिलखते परिजन।

अररिया (बिहार). यहां के फारबिसगंज में राजकीय अंबेडकर आवासीय हाई स्कूल के हॉस्टल में आठवीं के एक महादलित स्टूडेंट की डेडबॉडी मिलने से सनसनी फैल गई। घटना शुक्रवार की है। घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मामले की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिये अररिया भेज दिया है। मृत छात्र का नाम सुशील कुमार ऋषिदेव (15 वर्ष) है। जो कुसीयार निवासी चन्देश्वरी ऋषिदेव का पुत्र बताया जा रहा है। मृतक छात्र के पिता ने फारबिसगंज थाने में गला दबाकर कर हत्या करने का मामला दर्ज कराया है।


साजिश के तहत छात्र और शिक्षकों ने की हत्या

आवेदन में मृतक के पिता ने साजिश के तहत कुछ शिक्षक और छात्रावास के कुछ बच्चों ने मिलकर सुशील की गला दबाकर हत्या कर दी है। उन्होंने कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मृतक चार भाई बहन में सबसे बड़ा है। कक्षा छह से वह यहां के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था।

अंदर से बंद था दरवाजा, खिड़की से देखा तो लटका दिखा

वर्ग दस के छात्र प्रदीप कुमार ऋषिदेव, सुभाष ऋषिदेव, राकेश ऋषिदेव व अन्य ने बताया कि वे लोग बाजार से जब छात्रावास लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था, कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो हमने खिड़की से अंदर झांका तो देखा की सुशील मफलर के सहारे पंखे में झूल रहा है। आनन-फानन में हम लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर सुशील को उतार कर बेड पर रख कर शिक्षक रंजीत कुमार और शंभु प्रसाद मंडल को घटना की जानकारी दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा खुलासा

फारबिसगंज के एसडीओ अनिल कुमार, डीएसपी मनोज कुमार ने बताया की पुलिस द्वारा इस घटना की हर बिंदुओं की जांच गहराई से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का उदभेदन होगा की छात्र की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है ?

हत्या या आत्महत्या, नहीं सुलझी गुत्थी

घटनास्थल पर पहुंचे फारबिसगंज के एसडीओ अनिल कुमार, डीएसपी मनोज कुमार, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार साहा, बीडीओ विजय चंद्रा, सीओ अभयकांत मिश्र ने इस संबंध में छात्रावास के शिक्षक और छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की। लेकिन घंटों पूछताछ के बाद भी पुलिस गुत्थी को सुलझाने में असफल रही की ये हत्या है या आत्महत्या ? जिला कल्याण पदाधिकारी मिथिलेश कुमार एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शंभु कुमार ने भी घटनास्थल पहुंच कर मामले की तहकीकात की और छात्रावास के बच्चों से घटना की वास्तविकता जानना चाहा। लेकिन घटना की मुख्य बिंदू तक पहुंचने में नाकाम रहे। वहीं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य राम नंदन साह घटना के समय विद्यालय से गायब थे। घटना के तकरीबन तीन घंटे बाद वे पहुंचे।

छात्रावास में नहीं है व्यवस्था

फारबिसगंज के रामपुर उत्तर में स्थित राजकीय अंबेडकर आवासीय विद्यालय में 370 छात्र रह कर पठन-पाठन करते है। लेकिन छात्रावास में छात्रों के लिये समुचित व्यवस्था नहीं है। इस बाबत जिला कल्याण पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि अररिया में पदस्थापना के बाद से कुल तीन बार विद्यालय का निरीक्षण किया गया और साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं को लेकर प्रधानाचार्य को सख्त निर्देश भी दिया गया, मगर उन्होंने इस दिशा में कोई खास पहल नहीं की।

बेटे को बार-बार दुलारती-पुचकारती रही मां

रे, बेटा सुशील उठनय, हो बाप हो केना जीवे हो लोग सब (उठ जाओ बेटा सुनील, कैसे जिएंगे हम लोग) यह कहकर सुनील की मां अपने कलेजे के टुकड़े को गले से लगाकर उससे जीने की गुहार कर चीत्कार भर रही थी। अपने मृत बेटे से बार-बार उठने की जिद मां की ममता का ऐसा माहौल देख सभी की आंखें जवाब दे रही थी। दहाड़ मारकर रो रही मां मंझिया देवी बेसुध होकर जमीन पर गिर जाती।

छात्रावास में घटना के बाद जांच करते डीएसपी, थानाध्यक्ष व अन्य। छात्रावास में घटना के बाद जांच करते डीएसपी, थानाध्यक्ष व अन्य।
X
शव के पास राेते-बिलखते परिजन।शव के पास राेते-बिलखते परिजन।
छात्रावास में घटना के बाद जांच करते डीएसपी, थानाध्यक्ष व अन्य।छात्रावास में घटना के बाद जांच करते डीएसपी, थानाध्यक्ष व अन्य।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..