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9वी के स्टूडेंट का मर्डर : पिता ने कहा- पूर्व MLA के बेटे व उसके सहयोगी का भी हाथ

कुछ देर बाद ही रौनक ने कहा कि उसे स्कूल जाने में देर हो रही है। तब विक्की ने उससे कहा कि तुम्हारा अपहरण हो गया।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 07:40 AM IST

पटना. प्रोपर्टी डीलर सुधीर कुमार के बेटे रौनक कुमार के अपहरण, फिरौती और हत्या के मामले में शामिल अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने को लेकर सुधीर शनिवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे थे। एसएसपी दफ्तर में सुधीर ने कहा कि रौनक के अपहरण और उसकी हत्या में फतुहा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश का बेटा परशुराम पासवान और उसका सहयोगी भी था। सुधीर का दावा है कि इस मामले में विक्की ने आलमगंज थाने में यह बात गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के सामने गुरुवार की रात कही थी। सुधीर के दावे के बाबत एसएसपी ने कहा कि उसने डर से कई लोगों का नाम लिया था। उसमें पूर्व विधायक का बेटा भी था।

मोबाइल की सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज की जांच में विधायक के बेटे के संलिप्त होने की बात सामने नहीं आई है। उसे हिरासत में लिया गया था लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। एसएसपी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जिसके भी शामिल होने की बात सामने आएगी, उसे पुलिस गिरफ्तार करेगी। पुलिस विक्की के मोबाइल की सीडीआर खंगालने में जुटी है। इधर, पुलिस ने विक्की से पूछताछ के बाद शनिवार को पटना सिटी कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में पटना सिटी जेल भेज दिया गया।

सुधीर 17 जनवरी को संदलपुर में शनि मंदिर के पास दोस्त रिजवान के घर गए थे। करीब 11.15 बजे दोस्त के घर में ही सुधीर थे कि उनके मोबाइल पर 9128110729 से फोन आया था कि 25 लाख की फिरौती दो वरना बेटा से हाथ धोना होगा। सुधीर जहां उस वक्त थे, वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर विक्की की शुभम श्रृंगार एवं गिफ्ट कॉर्नर नामक दुकान है। इसी दुकान में विक्की ने रौनक को अपहरण करने के बाद रखा था। सुधीर उसी दुकान के रास्ते ही घर लौटे और फिर पुलिस को जानकारी दी।

एक घंटे के अंदर रकम लाकर दो

विक्की ने शुरू में कहा कि कि एक घंटा के अंदर 25 लाख लाकर दो। उसपर सुधीर ने कहा कि इतनी रकम कहां से लाकर देंगे। व्यवस्था करते हैं। उसने तीन बार रौनक से फोन कराया। फिर खुद मोबाइल लेकर रकम मांगने लगा। सुधीर ने कहा कि रकम लेने के लिए विक्की ने पहले राजा बाजार बुलाया, फिर दानापुर उसके बाद सगुना मोड़। 20 लाख रकम लेकर उसे देने जा रहे थे पर वह बार-बार ठिकाना बदल रहा था। वह कह रहा था कि पुलिस को खबर दिए तो मार देंगे।

विकास कॉलोनी था लोकेशन

सुधीर ने कहा कि पहली बार जब फिरौती की रकम की मांग की गई तो पुलिस को खबर कर दिए। पुलिस ने बताया कि उसके मोबाइल का लोकेशन विकास कॉलोनी, संदलपुर में है। फिर पुलिस ने कहा कि जांच कर रहे हैं। हर बात बताना ठीक नहीं है। पुलिस लगी हुई है। लगातार फिरौती का फोन आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस के साथ हम भी थे। जिससे चंदा लिया करता था विक्की, उसी के बेटे की कर दी हत्या विक्की जब मुहल्ले में कोई पूजा-पाठ या अन्य तरह के कार्यक्रम दोस्तों के साथ करता था तब सुधीर से 10-15 हजार चंदा लिया करता था। फफकते हुए कहा कि उसी विक्की ने बेटे का कत्ल कर दिया। रौनक उसके साथ खेलता भी था।

हत्या में गहरी साजिश

रौनक की हत्या के पीछे गहरी साजिश की संभावना जताई जा रही है। अपहरण व हत्या का अपराध स्वीकार करने वाला विक्की पासवान अकेले में ही साजिश में शामिल है, यह बात लोगों को सीधे-सीधे हजम नहीं हो रही है। हालांकि पुलिस की थ्योरी है कि विक्की ने अकेले ही मारा, अपराध स्वीकार कर लिया और जेल भेज दिया गया। पुलिस का सब काम पूरा हो गया। लोगों के बीच चर्चा यह है कि विक्की पासवान के पीछे किसी रसूखदार का हाथ रहा है। सूत्रों के अनुसार विक्की पासवान ने एक युवक का नाम लिया है। लेकिन पुलिस जांच में अबतक दूसरा नाम सामने नहीं आया है।

हो रही थी रेकी

रौनक को अगवा करने की साजिश पिछले 15 दिनों से चल रही थी। इसके लिए विक्की लगातार रेकी कर रहा था। बुधवार को एक दिन के लिए स्कूल खुला था, उसे मौका मिल गया और नापाक मंसूबे में सफल हो गया।

परिजनों से मिले सांसद

सांसद पप्पू यादव रौनक के परिवार वालों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से लचर है। अपराधी बेलगाम हैं। आए दिन हत्या, अपहरण सहित अन्य वारदात हो रही है। रौनक की हत्या पुलिस की नाकामी है। मौके पर प्रेमचंद सिंह, राजेश रंजन, राघवेंद्र कुशवाहा, एजाज अहमद, आनंद मधुकर यादव, श्याम सुंदर यादव आदि मौजूद थे।

विधायक भी मिले

कुम्हरार के विधायक अरुण कुमार सिन्हा शनिवार को पीड़ित परिवार वालों से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि पकड़े गए अपराधी को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा मिलनी चाहिए। कांड में जो भी शामिल होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने घटना की निंदा की।

जब तक बेटे से बात नहीं कराओगे रकम नहीं देंगे

रौनक के अपहरण होने के बाद फिरौती की रकम देने के लिए 17 जनवरी की रात उसके पिता सुधीर कुमार विक्की के घर के पास गए थे जहां उसने बुलाया था। विक्की कह रहा था कि रकम दे दो, बेटा मिल जाएगा पर सुधीर इसपर तैयार नहीं थे। सुधीर ने विक्की से यहां तक कहा था कि एक बार रौनक से कहलवा दो कि पापा हम ठीक हैं। रकम दे देंगे पर वह बार-बार कह रहा था बेटा ठीक है। विक्की को सुधीर ने भरोसा दिलाया कि वे अकेले गाड़ी से रकम देने आए हैं। चालक भी नहीं है। खुद गाड़ी चलाकर तुम्हारे घर के पास आए हैं। तुम जहां कहो, रकम दे देंगे पर सिर्फ उससे बात करा दो। ऐसा नहीं होगा कि धन भी दें और जन भी चला जाए। इतना सुनने के बाद विक्की ने कहा कि रौनक मेरे पास है रकम दो बात करा देंगे। उसपर उन्होंने कहा कि जब पास में है तो बात कराने में क्या दिक्कत है। सुधीर विक्की को छोटू कहकर बात कर रहे थे। बात कराओ नहीं तो गाड़ी तुम्हारे घर के पास से घुमाते हैं। सुधीर ने बेटे की जान बचाने के लिए विक्की से रौनक की मां रंजू से भी बात कराई थी। सुधीर ने विक्की से कहा था कि उसकी मां अस्पताल में भर्ती हो गई है। मां ने विक्की से भी बात की। मां ने विक्की से कहा था- पैसा लेला बेटा, हमर बेटा दे दा।

विक्की की बाइक और मोबाइल जब्त

छात्र रौनक की हत्या में आरोपित विक्की पासवान को अगमकुआं थाना पुलिस ने शनिवार को सिटी व्यवहार न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे सिटी उपकारा भेजा गया। अगमकुआं थाना क्षेत्र के इमलीतल महावीर मंदिर निवासी राजेश पासवान उर्फ मंटू पासवान के पुत्र विक्की को पुलिस ने शनिवार की शाम न्यायालय में पेश किया। पुलिस के समक्ष दिए बयान में उसने बतौर फिरौती 25 लाख रुपए के लिए चाणक्य नगर निवासी प्रॉपटी डीलर सुधीर कुमार के 16 वर्षीय पुत्र रौनक की हत्या करने का अपराध स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुम्हरार संदलपुर स्थित शुभम गिफ्ट कॉर्नर से रौनक का शव बरामद कर हत्या संबंधित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। जिस बाइक से रौनक को अगवा किया गया था, पुलिस ने वह बाइक और टच स्क्रीन मोबाइल जब्त किया है।

मां ने कहा- और भी हैं शामिल

रौनक की मौत से गमजदा मां रंजू देवी को महिलाओं ने चारों ओर से घेर रखा है। थोड़ी-थोड़ी देर पर बेटे के गम में बदहवास होकर गिर जा रही हैं। फफकते हुए वे कहती हैं- बेटे की हत्या की साजिश में विक्की पासवान अकेले शामिल नहीं है। कई लोगों ने मिल कर बेटे की हत्या की है। लेकिन पुलिस सिर्फ विक्की को ही दोषी बता रही है। मुझे न्याय और बेटे के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूर्व विधायक के बेटे की संलिप्तता की भी बात कही। घर में ऊपर के कमरे में बड़ा भाई राहुल गम में डूबा है। दुख की इस घड़ी में रिश्तेदारों ने उन्हें घेर रखा है। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने परिवार वालों को बरगलाया है। 18 जनवरी को पुलिस ने बताया कि रौनक सकुशल है। उसे बरामद कर लिया है। घरवालों ने राहत की सांस ली। घरवालों ने चाय पी। लेकिन दूसरे दिन यानी 19 जनवरी की सुबह पुलिस ने खबर दी कि रौनक इस दुनिया में नहीं रहा। पुलिस की इस दोरंगी बात से परिवार वालों में आक्रोश है। तंगहाली व आर्थिक संकट से जूझते रौनक के पिता ने प्रॉपटी डीलर के काम में कुछ कमाने के बाद मकान बनाया था।

घटना की कहानी विक्की की जुबानी : पहले से परिचित होने के कारण रौनक को अगवा करना मेरे लिए आसान था

रौनक की हत्या में आरोपित विक्की ने पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत खोलकर रख दी। पुलिस को दिए बयान में भी उसने यही कहा कि पूरे घटना में वह अकेले ही शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इंटर पास विक्की ने संदलपुर में पहले चप्पल की दुकान खोली थी। उस दुकान के नहीं चलने की स्थिति में शृंगार आइटम का धंधा शुरू किया। इसके बाद भी वह लगातार कर्ज में डूब रहा था। इस बीच रातों-रात लखपति बनने का सपना संजो कर उसने चाणक्य नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुधीर कुमार के बेटे रौनक को निशान बनाने का प्लान बनाया। इसके लिए उसने 15 दिन पहले से रेकी शुरू कर दी थी। रौनक से वह परिचित था। इस कारण अगवा करना और फिरौती का प्लान में बनाने कोई दिक्कत नहीं हुई। योजना के तहत उसने बुधवार को सुबह स्कूल जाने के क्रम में बहला-फुसला कर रौनक को अपनी बाइक पर बिठा लिया। इसके बाद शीतला माता मंदिर होते हुए संदलपुर स्थित दुकान पर ले आया।

तुम्हारा अपहरण हो गया

कुछ देर बाद ही रौनक ने कहा कि उसे स्कूल जाने में देर हो रही है। तब विक्की ने उससे कहा कि तुम्हारा अपहरण हो गया। इस दौरान रौनक और विक्की में हाथापाई भी हुई। दुकान के काउंटर पर लगा शीशा गिर गया। रौनक से पिता की बात कराई।