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यहां स्कूल की छत और साइकिल की सीट पर बैठकर स्टूडेंट दे रहे एग्जाम

सरकार द्वारा सभी उच्च विद्यालयों में इन दिनो टेस्ट परीक्षा संचालित हो रही है।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 08:26 AM IST
साइकिल की सीट पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स। साइकिल की सीट पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स।

अरवल (जहानाबाद). जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर हाई स्कूल, कोरियम में दसवीं की टेस्ट परीक्षा हो रही है। यहां की फोटोज मैट्रिक परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने की सरकार व प्रशासन की तमाम कोशिशों को पलीता लगाने वाली हैं। इन तस्वीरों को देखकर आप खुद भी सोचेंगे कि जब सेंटअप परीक्षा में यह हाल है तो ये बच्चे बोर्ड की परीक्षा में क्या करेंगे? परीक्षा किस तरह मजाक बन रही है, इसका ताजा उदाहरण सदर प्रखंड के उच्च विद्यालय कोरियम में देखने को मिल रहा है।

हेडमास्टर उषा कुमारी ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक नहीं होने के कारण बेंच डेस्क की खरीदारी नहीं हो पाई है। इसके कारण छात्र-छात्राओं को बैठाने में दिक्कत होती है। वहीं जिलाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में चल रही परीक्षा में गड़बड़ी के लिए प्रधानाध्यापक जिम्मेदार हैं। इसके लिए जांच कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

तीन सौ छात्र-छात्रा दे रहे परीक्षा

इस स्कूल में करीब 300 छात्र-छात्रा दसवीं की सेंटअप परीक्षा दे रहे हैं। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि 200 छात्र-छात्राओं को कमरे में बेंच-डेस्क पर बैठाकर परीक्षा ली जा रही है। बाकी 100 छात्रों को छत पर बिठाया गया है। हालांकि, स्कूल में 150 से ज्यादा छात्रों को परीक्षा देते नहीं देखा जा रहा है।

पढ़ने भी नहीं आते

कई छात्रों ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई भी नहीं होती। अगर सभी छात्र स्कूल में पढ़ने आ जाएं तो शायद बैठने की भी जगह नहीं मिले। वैसे स्कूल में कई विषयों के शिक्षक भी नहीं हैं।

स्कूल में बैठने की भी जगह नहीं, बेंच-डेस्क की है कमी

पूछने पर कई छात्र कहने लगे कि विद्यालय में बैठने की जगह नहीं है। यहां तक की बेंच-डेस्क की व्यवस्था भी नहीं है। इसलिए छत पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे विद्यालयों में परीक्षा का ऐसा हाल रहेगा तो छात्रों के भविष्य का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

इसके बाद सीधे मैट्रिक की परीक्षा में होना है शामिल

सरकार द्वारा सभी उच्च विद्यालयों में इन दिनो टेस्ट परीक्षा संचालित हो रही है। टेस्ट परीक्षा देने के बाद सीधे बोर्ड की परीक्षा होगी। यह स्कूल की बेस परीक्षा है, लेकिन इसका यह नजारा देख लग जाएगा कि छात्रों को कैसी शिक्षा दी जा रही है। यह उच्च विद्यालय बिहार सरकार से अंगीभूत विद्यालयों में से एक है। यहां करीब 300 छात्र एवं छात्राएं स्कूल में नामांकित हैं। टेस्ट परीक्षा के दौरान मौके पर लगभग 100 की संख्या में छात्र विद्यालय की छत पर बैठकर खुलेआम किताब खोलकर परीक्षा दे रहे हैं। कई छात्र साइकिल पर ही बैठकर किताबों से जवाब भरने में व्यस्त दिखे।

स्कूल की छत पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स। स्कूल की छत पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स।
साइकिल की सीट पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स। साइकिल की सीट पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स।
स्कूल की छत पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स। स्कूल की छत पर बैठकर एग्जाम देते स्टूडेंट्स।