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पिता की बीमार से मजबूर है ये लड़की, फैमिली के खर्च के लिए करती है ये काम

पूनम पटेल ने बताया कि जब संजना पहली बार उनके यहां अखबार देने पहुंची तो उन्हें उसपर काफी तरस आया।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 06:15 AM IST
साइकिल पर अखबार रखती संजना। साइकिल पर अखबार रखती संजना।

बेतिया (बिहार). 10वीं की स्टूडेंट संजना पिता के बीमार होने के बाद अपने घर और पढ़ाई के खर्च के लिए साइकिल से घूम-घूमकर अखबार बेचती है। बताया जा रहा है कि इस जिले में संजना के पहले किसी लड़की या औरत ने इस पेशे में कदम नहीं रखा है। संजना रोज सुबह साइकिल पर अखबार लेकर घर-घर पहुंचती है।

दो साल से कर रही ये काम

- संजना करीब दो सालों से निर्धारित समय पर सैकड़ों घरों में सुबह-सुबह अखबार के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है।

- बताया जा रहा है कि संजना के पिता संजय प्रसाद अखबार बेच कर अपनी जीविका चलाते हैं। उन्हें दो बेटे और दो बेटियां हैं।

- संजय के चार बच्चों में संजना सबसे बड़ी है। संजना केपी हाई स्कूल में दसवीं की स्टूडेंट है।

- जब संजना आठवीं में थी तब से उसके पिता की तबीयत खराब रहने लगी। इस दौरान संजना ने आठवीं में 78 परसेंट मार्क के साथ बोर्ड की परीक्षा पास की।

- फिर इसके बाद उसने आगे की पढ़ाई के लिए पिता का काम अपने ऊपर ले लिया।

भाई-बहनों को भी पढ़ाती है

- संजना बताती है कि उससे छोटी बहन खुशी पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। उससे छोटा शिवम कुमार संत जोसेफ में एलकेजी का स्टूडेंट है। जबकि सबसे छोटा भाई चार साल का सत्यम आंगनबाड़ी में पढ़ता है।

- संजना ने बताया कि उसे जब भी समय मिलता है अपने भाई बहनों को बैठाकर पढ़ाती है और उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करती रहती है।

किसी ने खाई तरस तो किसी ने सराहा

- यहां की टीचर पूनम पटेल ने बताया कि जब संजना पहली बार उनके यहां अखबार देने पहुंची तो उन्हें उसपर काफी तरस आया।

- उन्हें लगा कि घोर गरीबी के कारण ही एक लड़की को ऐसा काम करना पड़ रहा है।

- इसके बाद उसने अपने आस पड़ोस के सभी लोगों से आग्रह किया कि वे संजना से ही अखबार लिया करें।

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साइकिल पर अखबार रखती संजना।साइकिल पर अखबार रखती संजना।
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