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हर समय मिलेंगे टीचर, स्टूडेंट्स को अब होगी सहूलियत, समय पर पूरा होगा सिलेबस

Bhaskar News | Last Modified - Jan 02, 2018, 05:36 AM IST

विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाए बिना जीईआर के लक्ष्य तक पहुंच पाना संभव नहीं होगा।
  • हर समय मिलेंगे टीचर, स्टूडेंट्स को अब होगी सहूलियत, समय पर पूरा होगा सिलेबस

    पटना.नया साल हायर एजुकेशन हासिल कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बेहतर होगा। अब तक यूनिवर्सिटीज में टीचर्स के लिए स्टूडेंट्स को इधर-उधर भटकना पड़ता था। लेकिन, अब जब चाहे विभाग, पुस्तकालय व प्रयोगशाला में उन्हें शिक्षक मिल जाएंगे। इस स्थिति में विद्यार्थियों को अब कोचिंग या अन्य संसाधनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। शिक्षकों को हर कार्यदिवस के दिन कम से कम पांच घंटे कॉलेज में रहना ही होगा।

    जाहिर है इससे कॉलेज व विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि राज्य के उच्च शिक्षा में ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो में उस स्तर से इजाफा नहीं हो रहा है, जिसकी अपेक्षा की जा रही है। पिछले करीब एक साल के प्रयास के बाद जीईआर 13.5 से बढ़कर 14 फीसदी हुआ है। सरकार ने 2020 तक जीईआर का लक्ष्य 30 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

    लगेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

    विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाए बिना जीईआर के लक्ष्य तक पहुंच पाना संभव नहीं होगा। इसलिए, अब शिक्षकों की कक्षाओं में उपस्थिति की निगरानी होगी। राजभवन ने सभी विश्वविद्यालय व कॉलेज शिक्षकों को अपने विभाग में पांच घंटे न्यूनतम रहने की बात कही थी। इस दिशा में अब तक ठोस प्रयास नहीं हो पाए। नए वर्ष में इस नियम का अनुपालन पुरजोर तरीके से कराने का फैसला लिया गया है। अब बायोमेट्रिक हाजिरी के माध्यम से कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष नजर रखी जाएगी। विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रशासन शिक्षकों की कमी के कारण नियमित कक्षाओं के आयोजन पर सवाल खड़े करता रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से कराई गई जांच में बड़ी संख्या में शिक्षक निर्धारित कक्षाओं में उपस्थित ही नहीं पाए गए। अब इन शिक्षकों को कक्षाओं से गायब रहने की स्थिति में पहले से जानकारी देनी होगी।

    समय-समय पर राजभवन लेगा विश्वविद्यालयों से जानकारी

    राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक ने इस संबंध में राज्य के सभी कुलपतियों को निर्देश जारी किया है। उन्हें कहा गया है कि किसी भी स्थिति में शिक्षकों की बिना वजह अनुपस्थिति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक कक्षाओं में किस समय आते हैं? कितनी देर रुकते हैं और कब जाते हैं? इसका पूरा हिसाब संबंधित विभाग और कॉलेज व विश्वविद्यालय रखेंगे। इस संबंध में राजभवन को समय-समय पर जानकारी दी जाएगी। अगर कोई शिक्षक कक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो उसे कारण बताना होगा। कुलाधिपति ने सभी कुलपतियों को निर्देश दिया है कि हर हाल में विश्वविद्यालय मुख्यालय व पीजी विभागों में मार्च 2018 तक बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।

    पूर्व राज्यपाल के समय बना था नियम

    पूर्व राज्यपाल व वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने कुलाधिपति काल में शिक्षकों को पांच घंटे कक्षाओं में उपस्थित रहने का आदेश जारी किया था। 18 जनवरी व 14 मई 2016 को कुलपतियों की बैठक में तत्कालीन कुलाधिपति ने इस संबंध में आदेश दिया। हालांकि, विश्वविद्यालयों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक प्रणाली से बनवाने का निर्णय लिया गया। अब इस संबंध में कुलाधिपति ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होने से शैक्षणिक सत्र 2018-19 से विद्यार्थियों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

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Web Title: Students Will Finish Syllabus On Time
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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