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मैट्रिक और इंटरमीडिएट एग्जाम में अंक में होंगे विषय कोड, कॉपी में भी बदलाव

प्रशिक्षण में बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि पिछले 15 महीनों में परीक्षा प्रणाली को कंप्यूटरीकृत किया गया है।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 07, 2018, 06:49 AM IST

  • मैट्रिक और इंटरमीडिएट एग्जाम में अंक में होंगे विषय कोड, कॉपी में भी बदलाव

    पटना.मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2018 के आयोजन को आदर्श परीक्षा व्यवस्था का रूप देने का लक्ष्य बिहार बोर्ड ने रखा है। इसे पूरा करने के लिए राज्यभर के जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षकों व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के लिए शनिवार को बिहार बोर्ड में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें ओएमआर शीट को भरने तथा परीक्षा सामग्री की पैकिंग के बारे में जानकारी दी गई।

    मैट्रिक-इंटर परीक्षा-2017 में इस्तेमाल की गई कॉपी के मुख्य पृष्ठ ओएमआर शीट को इस बार बदल दिया गया है। पिछले साल ओएमआर शीट के दो भाग थे, जबकि इस वर्ष इसके तीन भाग होंगे- बायां, मध्य व दाहिना भाग। इसके अलावा इस साल की परीक्षा में विषय कोड को भी बदल दिया गया है। पहले विषय कोड अल्फाबेटिकल होता था, जो इस वर्ष से न्यूमेरिकल में रहेगा। इंटर के सब्जेक्ट कोड संकाय के अनुसार तीन अंकों में निर्धारित किए गए हैं, जबकि मैट्रिक के सब्जेक्ट कोड को पाली के अनुसार तीन अंकों में किया गया है। अबतक इंटर और मैट्रिक में सब्जेक्ट कोड उसी विषय के पहले तीन अक्षरों को बनाया जाता था। लेकिन अब इसे बदल कर अंक में कर दिया गया है।

    इंटर में आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स तथा वोकेशनल के लिए अलग-अलग सब्जेक्ट कोड तय किए गए हैं। सब्जेक्ट कोड को हर दिन परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को भरना होगा। उत्तर पुस्तिका पर बार कोड के अलावा विषय की पहचान उसके सब्जेक्ट कोड से ही होगी। सब्जेक्ट कोड गलत भरने से परीक्षार्थी का रिजल्ट पेंडिंग हो सकता है। परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पर भी सब्जेक्ट कोड अंकित रहेगा। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि एडमिट कार्ड में दिए विवरण के आधार पर ही ओएमआर शीट भरी जाए, इसकी जानकारी छात्र-छात्राओं को दी जाए। सभी जिलों के स्कूलों को परीक्षार्थियों की संख्या से 10 प्रतिशत अधिक ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राएं उसे भरने का अभ्यास कर लें।

    पिछली गलतियों को इस साल नहीं दोहराएं


    प्रशिक्षण में बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि पिछले 15 महीनों में परीक्षा प्रणाली को कंप्यूटरीकृत किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत 2017 में मैट्रिक-इंटर परीक्षा ली गई। तब आयोजन में कुछ कठिनाइयां आईं, उसे इस वर्ष की परीक्षा में दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए 2017 की परीक्षाओं में हुई गलतियों को इस साल किसी भी कीमत पर नहीं दोहराएं। बोर्ड अध्यक्ष ने पदाधिकारियों, शिक्षकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में जानकारियों को बारीकियों से समझें। इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले पदाधिकारी व शिक्षक मास्टर ट्रेनर के रूप में 9-10 जनवरी को जिले में स्कूल प्रधान, केन्द्राधीक्षक, शिक्षकों को जानकारी देंगे।

    व्हाइटनर का प्रयोग वर्जित


    बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा में व्हाइटनर का प्रयोग वर्जित है। इसका प्रयोग करने वाले परीक्षार्थियों का परीक्षाफल रद्द भी किया जा सकता है। प्रशिक्षण दो पालियों में दिया गया। पहली पाली में पटना, मगध, तिरहुत, सारण प्रमंडल के 20 जिलों और दूसरी पाली में दरभंगा, कोसी, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर के 18 जिलों के मास्टर ट्रेनरों ने भाग लिया।

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Web Title: Subject Code In Points In Matric Inter Examination
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