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बिहार में जैविक खेती करने वाले को अब मिलेगी सब्सिडी, मुख्यमंत्री की घोषणा

नीतीश ने कहा कि इस साल के अंत तक हर घर में बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:16 AM IST

गया. राज्य में जैविक खेती करने वाले किसानों को सरकार सब्सिडी देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टिकारी प्रखंड के लाव गांव में समीक्षा यात्रा के दौरान सभा को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों के अंदर जैविक खेती के मामले में बिहार सिक्किम से भी आगे निकल जाएगा। हर जिले में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जैविक खाद प्लांट के लिए भी सरकार 50 फीसदी अनुदान दे रही है।

जैविक मार्केट की तलाश की जा रही है। जैविक फसल को लेकर ऑन लाइन मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों को उत्पाद की उचित कीमत मिलेगी। जैविक खेती से लोगों के स्वास्थ्य की हिफाजत होगी। इसी के मद्देनजर जैविक कोरिडोर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से खेतों की उर्वरता खत्म और पीढ़ी बीमार हो रही थी। सीएम ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार 1.54 लाख करोड़ कृषि विकास के लिए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि सब्जी की जैविक खेती करने वाले किसानों को राज्य सरकार पूरी मदद करेगी।

नीतीश ने कहा- चार वर्षों में सभी वार्डों में उपलब्ध करा दी जाएंगी बुनियादी सुविधाएं

सात निश्चय योजना के तहत अगले चार साल में प्रत्येक वार्ड में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा। शुरुआती दौर में वैसे वार्डों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां अनुसूचित जाति व जनजाति के लोग अधिक हैं। ऐसा नहीं है कि अन्य वार्डों में काम नहीं होगा, अगले चार सालों में हर वार्ड में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जवाबदेही स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन की होगी। ये बातें टिकारी प्रखंड के लाव गांव में समीक्षा यात्रा के दौरान सात निश्चय योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास के बाद लोगों को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही।

उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक हर घर में बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजना में चार योजनाएं हर घर को नल का जल, हर घर को शौचालय, हर घर में बिजली और गांव की हर गली का पक्कीकरण का है। इससे राज्य के सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने गांव में कुल 225 योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, जिसकी लागत 506 करोड़ रुपए होगी। जदयू के स्थानीय विधायक अभय कुशवाहा की मांग पर मुख्यमंत्री ने वियर बांध बनाए जाने की घोषणा भी की।

हर गांव में बिजली के खंभों पर होगा मद्य निषेध का नंबर

शराबबंदी पर सीएम ने कहा कि शराबबंदी से परिवार में खुशहाली आई है। शराब को रोकने के लिए महानिरीक्षक मद्य निषेध का पद सृजित किया गया है। अब हर गांव में बिजली खंभे पर मद्य निषेध विभाग का नंबर होगा और आप अपने मोबाइल से ऐसे धंधा करने वाले का खुलासा फोन कर करेंगे। आपका नाम गुप्त रखा जाएगा।

खुले में शौच रुका, तो नब्बे परसेंट बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं से यह संभव नहीं था। समीक्षा के दौरान यह महसूस किया कि बड़ी योजनाओं से 22 फीसदी परिवारों को ही नल का पानी उपलब्ध होगा। तब हमने यह सोचा कि इसका विकेंद्रीकरण किया जाए। अब सात निश्चय योजनाओं में प्रत्येक साल हर पंचायत के दो से तीन वार्डों को निश्चय योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज में खुले में शौच से मुक्ति मिलती है तो 90 फीसदी बीमारी से छुटकारा मिल सकती है। यही कारण है कि सात निश्चय योजनाओं में हर घर में शौचालय बन रहा है। सीएम ने लाव गांव के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि इस गांव में लावण्य ऋषि गांव की पश्चिम मोरहर नदी के किनारे तपस्या की थी और उन्हीं के नाम पर गांव का नाम पड़ा। यहां गढ़ की खुदाई में पौराणिक सिक्के, बुद्ध की मूर्ति आदि मिले हैं। मैने मुख्य सचिव को यह कहा है कि यहां फिर से खुदाई करवाएं, हो सकता है कि कुछ और मिले। उपस्थित लोगों से 21 जनवरी को मानव शृंखला में शामिल होने की अपील की।

सरकारी नौकरी में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण

मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सात निश्चय में से एक निश्चय महिलाओं को सरकारी सेवा में 35 फीसदी का आरक्षण देने का था, जिसे हमने लागू कर दिया है। महिलाओं को पंचायती राज्य संस्थाओं एवं नगर निकायों में पचास प्रतिशत का आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, जीएनएम, पारा मेडिकल, महिला आईटीआई और हर सब डिवीजन में एएनएम स्कूल एवं आईटीआई स्थापित किया जा रहा है।