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इस महिला को अच्छी नहीं लगी सरकारी नौकरी, फूड वैन खोल शुरू किया बिजनेस

अनामिका की शादी वर्ष 2004 में पटना में संजय कुमार सिन्हा के साथ हुई। वे आरा शहर के नवादा मुहल्ले में रहती हैं।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:55 AM IST

आरा (बिहार). शहर का रमना मैदान के समीप सांस्कृतिक भवन। यहां पर एक फोरव्हीलर गाड़ी खड़ी थी। कुछ लोग उसे घेरे थे। नजदीक जाकर देखा तो फोरव्हीलर एक फूडवैन थ। फूडवैन में एक काउंटर था, जिसमें एक युवती भोजन पका और लोगों को प्लेट में डिश परोस रही थे। महिला के कुछ सहयोगी भी थे। आरा सरीखे छोटे शहर में फूडवैन का प्रयोग! आश्चर्यजनक लगा। पूछने पर युवती ने अपना नाम अनामिका बताया। अनामिका ने आगे बताया कि मैं पहले कलेक्ट्रेट में फरवरी 2010 में कार्यपालक सहायक के पर थी। जॉब में शुरू में मन लगा। कुछ दिनों के बाद कार्यपालक सहायकों का वेतन समय मिलना बंद हो गया।


होती थी मानसिक और आर्थिक परेशानी

अनामिका ने बताया कि मुझे मानसिक व अार्थिक परेशानी होती थी। कलेक्ट्रेट के समक्ष अपने वेतन के लिए कार्यपालक सहयोगियों के साथ कई बार धरना व प्रदर्शन की। परन्तु, कुछ नहीं हुआ। मैने तंग आकर कार्यपालक सहायक की नौकरी छोड़ दिया। शहर के महावीर टोला में एक फैमिली रेस्टूरेन्ट को खोल दिया। उसके साथ-साथ एक फूडवैन का प्रयोग किया। इच्छुक लोग फूडवैन पास आकर अपने पंसद की डिश खाते हैं। खिलाने का काम अपने व सहयोगियों के साथ करती हूं। कमाई की राशि से अपनी दो बेटियों जयश्री सिन्हा व हर्षिता सिन्हा को पढ़ाने में लगाती हूं।

परिवार का मिला साथ

अनामिका की शादी वर्ष 2004 में पटना में संजय कुमार सिन्हा के साथ हुई। वे आरा शहर के नवादा मुहल्ले में रहती हैं। पति भी इस कार्य में उनका साथ देते हैं। अनामिका का मायका शहर के नवादा मुहल्ला में है। वें शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव व आरती देवी की बेटी हैं। पिता स्वर्गीय शैलेन्द्र सामाजिक व्यक्ति थे। अनामिका व उनके पति संजय का बस एक ही सपना है कि उनकी बेटियां पढ़-लिखकर उनका नाम रौशन करें।