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चीनी मील बॉयलर ब्लास्ट आंखों देखी : छटपटा रहे थे मजदूर और तकनीशियन

घटना के दौरान सुगर मिल्स में बायलर के इर्द गिर्द लगभग 40 लोग शिफ्ट में काम कर रहे थे।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 07:30 AM IST

गोपालगंज. यहां के सासामुसा चीनी मिल में धमाके के बाद अंदर कोई जाने का हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों की अगर मानें तो धमाके के बाद हर कोई जल्दी से जल्दी परिसर छोड़ने का मन बना चुका था। उसे अपनी जान बचाने की चिंता सता रही रही थी। वहीं गुरुवार सुबह से गुस्साए लोग मिल परिसर पहुंचे और हंगामा करने लगे। जिसे जो सामान मिला उसी पर गुस्सा उतारने लगा। यहां तक कि एक एंबुलेंस में भी आग लगा दी गई। मिल का ट्रैक्टर, आफिस की गाड़ियां भी गुस्से का शिकार बनीं, रिकार्ड रूम में आग लगा दी गई। लोग इतना गुस्से में थे कि वे मिल मालिक के बाइक को मारकर तोड़ दिया।


आंखों देखी : क्वाड के नीचे मजदूर और तकनीशियन छटपटा रहे थे

मेरी ड्यूटी 12 बजे से शुरू होनेवाली थी। खाना खाकर टहलते हुए मिल जा रहा था। अचानक धमाका हुआ। हमलोग तेजी से बायलर की ओर भागे। वहां देखा कि मजदूर और तकनीशियन जमीन पर छटपटा रहे थे। यह घटना बायलर टैंक के करीब और क्वाड के नीचे हुई। वहां जितने भी मजदूर काम कर रहे थे सभी घायल थे। उसके बाद तो अफरा-तफरी मच गई। हर आदमी परिसर छोड़ने की तैयारी में था। चिख-पुकार मची हुई थी। कई लोगों के अंगों का ही पता नहीं था। शत-विक्षित हो गए थे। एक हाथ कुछ ही दूरी पर पड़ा था। बयां करना मुश्किल है। वहां मदद के लिए कोई नहीं था। कई लोग मिलकर कुछ को एंबुलेंस में लादकर अस्पताल भेजा गया। कुछ लोग तो वहीं दम तोड़ चुके थे। दहशत महसूस हो रहा था। वहां तो किसी के पास संभलने का मौका तक नहीं मिला होगा। एक दिन पहले तक हमलोग साथ काम कर चुके थे। असपताल प्रबंधन की ओर से कोई नहीं दिखा। उसके बाद हंगामा होता रहा। (जैसा कि रफीक अंसारी, टरबाइन आपरेटर जहीन खान, सेक्यिुरिटी गार्ड ने भास्कर को बताया)

टाइम लाइन

11:20 रात बॉयलर में हुआ विस्फोट।
11:21 रात मिल में भगदड़ मच गई।
11:30 रात स्थानीय पदाधिकारी पहुंचे।
11:45 रात घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंचा।
2 :00 रात अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा।
7 :00 सुबह मिल में लोगों ने तोड़फोड़ किया।
7:10 सुबह घटनास्थल पर पहुंचे एसपी।
8:00 सुबह लोगों ने शुरु कर दी आगजनी।
10:30 सुबह शव वाहन पर हमला किया गया।
11 :00 दोपहर अफसर और ग्रामीणों की वार्ता।
12 :00 दोपहर सीएम ने दिया जांच का आदेश।

मृतकों की लिस्ट

नाम उम्र पता
कन्हैया शर्मा 52 खजुरी, कुचायकोट
कृपा यादव 52 खजुरी, कुचायकोट
अर्जुन कुशवाहा 55 खजुरी, कुचायकोट
विक्रमा यादव 45 सासामुसा, कुचायकोट
विद्या साह 40 तिवारी टोला, कुचायकोट
शमसुद्दिन मिया 60 हरिहरक्षत्र, पडरौना, यूपी

स्ट्रक्चर कमजोर होने से हुआ हादसा

सासामुसा सुगर फैक्ट्री में जूस पाइप लाइन और जूस टैंक का स्ट्रक्चर कमजोर होने के कारण हादसा होने की बात सामने आ रही है । बताया गया कि गन्ने का जूस टैंक और पाइप लाइन के मेंटेनेंस में पिछले वर्ष पेराई सत्र में के दौरान नहीं की गई थी। भारत सुगर मिल्स सिधवलिया के चीफ इंजीनियर जय प्रकाश ने बताया कि बॉयलर फटने की चर्चा हो रही है जो सही नहीं है । सासामुसा चीनी मिल में जूस बॉलिंग करने वाली सेमीकेशनर का ज्वाईंट वेल्डिंग कमजोर होने के कारण सौ डिग्री तापमान वाली सेमीकेशनर नीचे गिरने से हादसा हुई है। उन्होंने बताया कि सेमीकेशनर टैंक गिरने से वर्करों की मौत होने की बात सामने आ रही है। बताया गया कि जूस पाइप लाइन एवं टैंक का स्ट्रक्चर काफी कमजोर रहा होगा।

फायर ब्रिगेड को रोका

आग को बुझाने के लिए जिला मुख्यालय से पहुंचे दमकल गाड़ी को ग्रामीणों ने मिल के बाहर हीं रोक दिया। ग्रामीणों के आक्रोश के आगे दमकलकर्मी लाचार दिखे । ग्रामीणों का आक्रोश इतना था कि वे मिल को तबाह करने पर आमदा थे । इस दौरान रुक-रुक कर हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी करते रहे।
एक सप्ताह पहले भी बायलर फटा था और कुछ जख्मी भी हुए थे
घटना के दौरान सुगर मिल्स में बायलर के इर्द गिर्द लगभग 40 लोग शिफ्ट में काम कर रहे थे। करीब साढ़े ग्यारह बजे चीनी मिल के बॉयलर का क्वाड टैंक अचानक ओवर हीट होने की वजह से फट गया। जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ है। गुरुवार की सुबह मृतकों के परिजन आक्रोशित हो गए और जमकर हंगामा किया। आधा दर्जन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़-फोड़ की। मृतक अर्जुन कुमार कुशवाहा के भाई अरुण कुमार ने पूरे घटना में मिल प्रबंधन को दोषी ठहराया है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले भी इसी जगह पर बॉयलर का पाइप फट गया था। मिलकर्मी कई बार पुरानी मशीनों को बदलने और कार्यस्थल पर इंजीनियर को तैनात करने की मांग करते थे। लेकिन मिल प्रबंधन के द्वारा कोई कार्रवाई इस पर नहीं की गयी। जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ है.मृतक कृपा यादव के बेटे अनिल कुमार यादव के मुताबिक सात दिन पहले भी हादसा हुआ था। जिसमें कुछ लोग जख्मी भी हो गए थे। बावजूद काम करवाया जा रहा था।
शव निकालने पहुंचे एंबुलेंस में तोड़फोड़
मिल हादसे में बायलर में फंसे शव को निकालने के लिए एंबुलेंस के साथ पहुंची मेडिकल टीम को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा । आक्रोशित लोगों ने शव को उठाने से मना किया । इस दौरान कुछ लोगों ने एंबुलेंस में भी को तोड़फोड़ कर दी। सुबह 7 बजे से ही मिल परिसर रणक्षेत्र में बदल गया था। छह लाेगाें की माैत के बाद अाक्राेशित परिजनाें ने मिल में जमकर तोड़-फोड़ और हंगामा किया। मिल परिसर में कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मिल के रिकाॅर्ड रूम में भी आग लगा दिया। घटना के बाद चारो तरफ अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस बड़े हादसे के बाद सभी लोगों के जुबान पर ताला लग गया। कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे।