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सीएम बोले- अब शराब के धंधेबाजों पर घंटेभर में होगी कार्रवाई, नई व्यवस्था जल्द लागू

हेलीकॉप्टर से उतरने के साथ सीएम नीतीश कुमार सीधे शहीद नीलेश कुमार नयन के घर गए।

Danik Bhaskar | Jan 18, 2018, 06:09 AM IST

भागलपुर/पूर्णिया. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी के बाद दो नंबरी धंधेबाज सरकारी तंत्र को घूस देकर अपना धंधा चला रहे हैं। इसलिए तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। सब कुछ आधुनिक तकनीक से होगा और यह नई व्यवस्था एक माह के अंदर लागू हो जाएगी। इसके लिए मद्य निषेध विभाग में एक आईजी होंगे।


अभी हर बिजली के पोल व ट्रांसफार्मर में दो नंबर लिखे गए हैं। इनमें मद्य-निषेध विभाग और पुलिस के नंबर हैं। लेकिन माहभर के अंदर उसमें अब एक नंबर होगा, जिस पर फोन कर शिकायत कर सकते हैं। अगर आपके आसपास कहीं कुछ गड़बड़ दिखे तो उस पर फोन कीजिए। घंटेभर में शराब के धंघेबाजों पर कार्रवाई होगी। सूचना देन में डरने की जरूरत नहीं है। आपका नाम गुप्त रखा जाएगा। सीएम समीक्षा यात्रा के दौरान बुधवार को सुल्तानगंज के उधाडीह गांव पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने 223 करोड़ की 660 योजनाओं का मंच से रिमोट के जरिए शिलान्यास किया। उधर, पूर्णिया के हांसी बेगमपुर में कहा कि चार साल में बिहार के हर घर में नल का जल होगा। साथ ही हर गली में पक्की सड़क होगी। अप्रैल 2018 तक हर घर को बिजली मिलेगी और हर घर में शौचालय होगा।

यह शहीद की धरती, इसे नमन करता हूं

मुख्यमंत्री कुहासे व ठंड की वजह से करीब साढ़े तीन घंटे देर से दोपहर ढाई बजे पहुंचे। हेलीकॉप्टर से उतरने के साथ सीधे शहीद नीलेश कुमार नयन के घर गए। उनके परिवारवालों से मिले। इसके बाद मंच पर आए और आमसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस गांव के नीलेश कुमार नयन गरुड़ कमांडो में थे और 10 अक्टूबर 2017 को जम्मू-कश्मीर में दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए। यह शहीद की धरती है, इसे नमन करता हूं। शहीद नीलेश की स्मृति में द्वार बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से उनके परिवार को हर तरह की सहायता की जाएगी। शहीद नीलेश हमेशा याद किए जाएंगे।

योजनाओं को समय पर पूरा कराए जिला प्रशासन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुल्तानगंज के उधाडीह में जिले की 223 करोड़ की 660 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें भवन निर्माण, जल संसाधन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, ग्रामीण कार्य विभाग, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, पीएचईडी, पंचायत राज विभाग, शिक्षा समेत दस विभागों की योजनाएं शामिल हैं। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन ने जिन योजनाओं का शिलान्यास करवाया है, उन याेजनाओं को समय पर पूरा कराए। उन्होंने कहा कि वे 2009 में विकास यात्रा के दौरान उधाडीह गांव आए थे और यहां 17 फरवरी 2009 को रात में रुके थे। उस रात लोगों से संवाद हुआ था। इस बार प्राथमिकता के आधार पर वहीं जाकर देख रहे हैं कि कितना विकास हुआ है। यहां के मध्य विद्यालय को हाईस्कूल में अपग्रेड की मांग उस वक्त उठी थी, स्टेडियम निर्माण की मांग की गई थी। उस दिशा में अमल हो रहा है।


4 साल में हर घर में पानी, पक्की गली व नाली बनेंगी

विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के दौरान बुधवार को सुल्तानगंज के उधाडीह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना के बारे में विस्तृत से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल व पक्की नाली-गली योजना पर काम चल रहा है। चार साल में काम पूरा होना है, चाहे शहर हो या गांव, हर जगह।

पंचायतों में विकेंद्रीकृत तरीके से अगर काम नहीं होता तो बड़ा घपला हो सकता था। हर साल पंचायत का चयन हो रहा है। पिछले साल कुछ लोगों ने मुखिया को भड़का दिया। उन्हें लगा कि उनका अधिकार छीना जा रहा है, लेकिन यह अधिकार नहीं छीना जा रहा है बल्कि पंचायत को सशक्त किया जा रहा है। सबको मिलकर काम करना होगा। नीतीश ने कहा, सोचिए कि अगर हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचने लगे तो लोगों को कितना फायदा होगा। 90 फीसदी बीमारी से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। वार्ड के चयन में प्राथमिकता का ध्यान रखा गया है। पहले अनुसूचित जाति-जनजाति वाले गांव-टोले में यह काम होगा। फिर बाकी जगहों पर होगा, काम सभी जगहों पर होना है। चार साल के अंदर हर घर जल व पक्की नाली व गली बन जाएगी। सड़क, पुल, पुलिया का निर्माण हो रहा है, आगे भी होगा। उन्होंने कहा कि आसमान से पैसे की बरसात नहीं होती है, जो उपलब्ध है, उससे काम किया जा
रहा है।

...हम पटना मेें राजपाट नहीं चलाते, खुद को सेवक मान सरजमीं पर जाकर देखते हैं


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम पटना में बैठकर राजपाट नहीं चलाते हैं, इसलिए सरजमीं पर जाकर देखते हैं। एक अप्रैल 2016 को महिलाएं की मांग पर शराबबंदी की। लोक शिकायत में महिलाओं ने दहेजबंदी की मांग की तो इस दिशा में अभियान शुरू किया। शराबबंदी को लेकर पिछले साल मानव शृंखला बनाई गई। इसमें 4.5 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। दहेज प्रथा व बाल विवाह जैसी कुरीतियां एक साथ जुड़ी है। पहले संपन्न लोगों में दहेज देने की प्रथा थी, लेकिन बाद में आमलोगों में भी इसका प्रचलन बढ़ गया। लेकिन एक संकल्प से इसे दूर किया जा सकता है। चाहे रिश्तेदार हो गोतिया या दोस्त...दहेज लेता है तो शादी में नहीं जाएंगे, यह संकल्प लें। मन बना लीजिए तो दहेज प्रथा से छुटकारा मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो कि ये तो अपने हैं। उन्होंने लोगों को हाथ्ज्ञ उठाकर संकल्प दिलाया।