पटना

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यहां है बिहार की सबसे ऊंची बुद्ध की मूर्ति, 2 साल में 500 कारीगरों ने किया तैयार

यह बुद्ध मुर्ति सिद्धासन की मुद्रा में 80 फीट ऊँची खुली हवा में एक कमल पर विराजमान है।

Danik Bhaskar

Jan 08, 2018, 04:36 AM IST

सासाराम. बिहार के बोधगया के बाद अब सासाराम में गौतम बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार है। प्रतिमा की ऊंचाई 82 फीट है व सासाराम की प्रतिमा की ऊंचाई 80 फीट है। यह बुद्ध मुर्ति सिद्धासन की मुद्रा में 80 फीट ऊँची खुली हवा में एक कमल पर विराजमान है। इस प्रतिमा को पूरा करने में 500 से अधिक राजमिस्त्रीओं को दो साल लग गए।

शहर के पुरानी जीटी रोड स्थित पायलट बाबा धाम में 22 जनवरी को शाक्य मुनि गौतम बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। धाम परिसर में महायोग फाउन्डेशन के द्वारा 80 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण कराया गया है। जिसकी दिव्यता देखते हीं बन रही है। इस दिव्य प्रतिमा को देखने के लिए लोगों की खूब भीड़ उमड़ रही है। कारीगरों द्वारा बनाए गए कलाकृतियों को खूब सराहा जा रहा है। गर्भ-गृह में गौतम बुद्ध के विभिन्न अवस्थाओं की प्रतिमा स्थापित की गई है।

इस अविस्मरणीय गुफा को अंतिम रूप देने में देश के विभिन्न राज्यों से आए कुशल कारीगर दिन-रात लगे हुए हैं। खास बात यह है कि यह सभी प्रतिमाएं कंक्रीट से बनाए गए हैं। गुफा के अंदर की गई नक्काशी को देखने के बाद वहां से नजर हट नहीं रही है। कारीगरों द्वारा दो साल तक लगातार किए गए मेहनत का फल अब पूरी तरह से दिखने लगा है।

सासाराम भी बौद्ध पर्यटकों के लिए हुआ दर्शनीय

सारनाथ व बोधगया के बीच सासाराम बौद्ध पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल बन गया है। यहां पर बिहार में दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा के निर्माण हो जाने से पर्यटक आकर्षित होंगे। इस भव्य परिसर में दूसरे आकर्षण के केन्द हिन्दु धर्म के अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी होंगी। जिनके निर्माण राष्ट्रीय स्तर के कलाकर पिछले तीन वर्षों से कर रहे हैं। ताराचंडी धाम से चार किलोमीटर उत्तर पुरानी जीटी रोड के किनारे स्थित इस परिसर की भव्यता इसलिए बढ़ जाती है। क्योंकि पूरब में शहर से प्रवेश करने से पहले हीं भगवान बुद्ध सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन हो जाएंगे। परिसर के सर्व-धर्म परिकल्पना के साथ शक्तिपीठ ताराचंडी व चंदतन शहीद पीर मजार भी श्रद्धालुओं के मन मस्तिष्क में रहेंगे।

सीसीटीवी कैमरे से लैस होगा परिसर

आश्रम प्रतिनिधि रमेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब 9 एकड़ में धाम परिसर फैला हुआ है। यहां पर कई अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी निर्माणाधीन है। जो बनकर तैयार हो जाने के बाद आकर्षण का केन्द्र बनेगी। इसके अलावे सूर्य मंदिर व तालाब का भी निर्माण कराया जा रहा है। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे से लैस होगा। परिसर में पर्वत का मॉडल व मनमोहक फव्वारा लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

गौतम बुद्ध की जीवनी का किया गया है चित्रण
गुफा के अंदर गौतम बुद्ध की जीवनी को कलाकृतियों के माध्यम से दिखाया गया है। उनके बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम काल तक के विभिन्न अवस्थाओं पर आधारित प्रतिमाएं उनके व्यक्तित्व व कृतित्व का बयां कर रही है। गुफा के अंदर एक से बढकर एक कलाएं अपने आप में अनूठा है।

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