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कोर्ट रूम लाइव : फांसी की सजा सुनने के बाद कहता रहा... मैं निर्दोष हूं, बख्श दीजिए

सजा सुनने के बाद निरंजन को जेल पुलिस ने कटघरे से उतारकर बाहर लाया। जहां उसके परिजनों ने उसे ढांढस बंधाया।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 24, 2018, 05:53 AM IST

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    फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकलता निरंजन।

    भागलपुर.रेखा व उसकी दो बेटियां कोमल व अंशु के आंखों के पास पुलिस को मिली खून से सनी चाकू ही निरंजन की हत्या की अहम वजह बनी। कोर्ट ने इस सबूत को निरंजन की सजा के लिए पर्याप्त पाया और भरी अदालत में शाम 3:45 बजे कहा... तुम्हारा अपराध क्रूर है। जिसकी सजा सिर्फ और सिर्फ सजा-ए-मौत है। साथ ही तुम्हें 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। नहीं जमा करोगे तो एक माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कटघरे में खड़ा निरंजन ने फांसी की सजा सुनने के बाद हाथ जोड़कर कहा... सर, हम निर्दोष हैं, बख्श दीजिए। लेकिन जज कुर्सी छोड़कर उठ गए अौर चैंबर में चले गए।

    जज ने कार्यालय कर्मियों को आदेश दिया कि फैसले की कॉपी और मूल संचिका हाईकोर्ट को जल्द भेजें। करीब एक घंटे बाद 45 पेज की आदेश की फोटोकॉपी निरंजन को उपलब्ध कराई गई। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हत्यारों ने संपत्ति हड़पने के लिए अजय के इकलौते बेटे मनीष की भी हत्या करने की प्लानिंग की थी। 14 वर्षीय मनीष जमुई में एक निजी स्कूल में पढ़ता है। उसे वहां से अगवा करने की कोशिश की गई थी।

    निरंजन की मां ने कहा-निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में दूंगी चुनौती

    इधर, सजा सुनने के बाद निरंजन को जेल पुलिस ने कटघरे से उतारकर बाहर लाया। जहां उसके परिजनों ने उसे ढांढस बंधाया। निरंजन से मिलने उसकी मां सुनैना देवी, सबसे छोटा भाई चंदन कुमार, जमालपुर से बड़े मौसा राजेंद्र पोद्दार, बड़ी मौसी ने हिम्मत से काम लेने को कहा और निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। करीब पांच मिनट बाद निरंजन ने टॉयलेट जाने की बात जेलकर्मियों को कही। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में उसे वाशरूम ले जाया गया। वाशरूम से आने के बाद उसने वहां छोटे भाई के हाथ से पानी का बोतल लिया और पानी पीया। मां सुनैना ने बताया कि निरंजन के पिता शिवनारायण साह की वह दूसरी पत्नी है।

    शिवनारायण साह की पहली पत्नी से कोई संतान नहीं होने पर सुनैना से दूसरी शादी की थी। उससे पांच संतान हुए। तीन बेटे और दो बेटियां। निरंजन सबसे बड़ा बेटा है। दूसरा वीरेंद्र और तीसरा चंदन। बेटियों में पूजा और लक्ष्मी। पूजा व लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। लक्ष्मी की लंबी बीमारी के कारण काफी पहले मौत हो गयी थी। शिवनारायण की सुल्तानगंज कुशवाहा टोली में बालू घाट के पास कनकटिया (दाह संस्कार में अाए लोग) को पुरी-सब्जी खिलाने की दुकान है। अस्वस्थ होने के कारण दुकान की देखभाल तीनों बेटे करते थे। निरंजन कुछ दिन पहले ही प्लॉटिंग के धंधे से भी जुड़ा था। इसके कारण उसके कई विरोधी हो गए और उसे फंसा दिया।


    फैसला सुन निरंजन के पिता बदहवास

    मां और दो बेटियों की हत्या मामले में फांसी की सजा पाए निरंजन साह के बालू घाट रोड स्थित घर पर मंगलवार को ताला लटका हुआ था। बूढ़े पिता शिवनारायण सिंह ने बताया कि अपने तीनों भांजे को बचपन में ही बुलाकर अपनी जमीन पर बसाया और पढ़ाया लिखाया। उनमें से अजय साह की शादी भागलपुर के मोजाहिदपुर निवासी अर्जुन साह की बेटी रेखा से कराई। सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था। इसी बीच अजय की मौत हो गई। वहीं से मेरे घर पर किसी की नजर लग गई। अजय की पत्नी ने मेरे जवान बेटे निरंजन की दुनिया तबाह कर दी। वहीं निरंजन का भाई वीरेंद्र खुद को इस मामले से बरी किए जाने पर कहा कि उसे कोर्ट और ईश्वर पर पूरा भरोसा था। घटना की रात मैं सुल्तानगंज में नहीं था, बावजूद मुझे इस केस में फंसा दिया गया था।


    अदालत ने दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया : पंकज
    फैसले के बाद मृतक रेखा देवी के भाई पंकज कुमार ने बताया कि वह फैसले से खुश है। अदालत ने दूध का दूध व पानी का पानी कर दिया। पंकज के साथ उसका भाई राजेश भी आया था। उसने भी गवाही दी थी। पंकज व राजेश फैसले के समय कोर्ट रूम के पास था। फैसले के बाद वह बाहर आया और मीडिया को जानकारी दी। उसने बताया कि भांजा मनीष घर पर है। वह घटना के बाद से ही सहमा-सहमा रहता है। किसी से मिलना-जुलना उसे पसंद नहीं है। उसके आगे की भविष्य की चिंता है। अदालत का फैसला आने पर जब उसे बताया गया कि उसकी मां और बहनों के हत्यारे को फांसी की सजा हो गई तो वह भी खुश हुआ। उसने बताया कि उसका बहनोई अजय साह ठेला पर मिठाई-नाश्ते की रेहड़ी चलाता था। उसकी मौत संभवत: जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी। लेकिन घरवालों ने बिना पुलिस को बताए अंत्येष्टि कर दी थी। अजय के नाम बालू घाट के पास घर व कुशवाहा टोली में करीब एक कट्ठे का प्लॉट है। बहनोई की संपत्ति पर हत्यारे की नजर थी।

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    इसी कोर्ट में ट्रिपल मर्डर केस की सुनवाई ढाई साल तक चलती रही।
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    फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकलता निरंजन।
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    फांसी की सजा पाए निरंजन के बड़े मौसा राजेंद्र पोद्दार।
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    फांसी की सजा पाए निरंजन की मां सुनैना देवी ने कहा कि बेटा निर्दोष है। फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
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    फांसी की सजा पाए निरंजन का सबसे छोटा भाई चंदन।
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    निरंजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला पंकज।
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