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3 फीट जमीन के लिए 5 भाइयों को अगवा कर दो की हत्या, तीन को किया अधमरा

बदमाश और उसके गुंडों ने दो सगे भाइयों की पीट-पीट कर हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य को अधमरा कर दिया।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 06:40 AM IST

जहानाबाद. पारस बिगहा थाना एरिया के मिसिर बिगहा गांव में सोमवार की देर रात गली की महज तीन फीट जमीन को लेकर गांव के ही एक बदमाश और उसके गुंडों ने दो सगे भाइयों की पीट-पीट कर हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य को अधमरा कर दिया। घायलों को पीएमसीएच रेफर किया गया है। घटना के पीछे बदमाश गेहुंमन यादव का हाथ बताया जा रहा है।


50 से 60 लोगों ने घर पर किया हमला

गांववालों के अनुसार सोमवार की देर रात करीब साढ़े 11 बजे गेहुंमन के साथ आए 50-60 हथियारबंद अपराधियों ने बीरेंद्र यादव के घर पर हमला कर उसको और चार अन्य भाइयों राजू, ललित, भूषण व सृष्टि को अगवा कर लिया और खेत में ले जाकर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से सभी के हाथ-पैर समेत अन्य अंग तोड़ डाले। इसके पहले घर से लाखों रुपए मूल्य की संपत्ति भी लूट ली।

गांववालों के अनुसार अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए 40 से 50 राउंड फायरिंग भी की। बाद में पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें बीरेंद्र व राजू की पटना जाने के क्रम में मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भाई पीएमसीएच में जीवन और मौत के बीच झूल रहे हैं।

दो घंटे तक न पुलिस ही पहुंची न गांव से कोई निकला

गांव में सोमवार की रात करीब दो घंटे तक कुख्यात अपराधी गेहुंमन यादव उसके साथियों का तांडव चलता रहा। इस दौरान अपराधियों ने पांच सगे भाइयों को उनके घर से बाहर निकाल कर खेतों की ओर ले गए। काफी देर तक पांचों भाइयों को बेरहमी से पीटा साथ ही उनके घर में लूटपाट भी की। लेकिन, आतंक का आलम यह रहा कि पूरे गांव में एक भी शख्स विरोध के लिए नहीं निकला और न हीं पुलिस ही मौके पर पहुंच पाई। हमलावरों के चले जाने के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने गांव के बधार से बुरी तरह जख्मी पांचों भाइयों को मौके पर से उठाया और फिर इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया। वहां डॉक्टरों ने सभी की नाजुक स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच रेफर कर दिया।

मात्र 75 वर्ग फीट जमीन बनी वारदात की वजह

मृतक बीरेंद्र यादव एवं कुख्यात गेहुंमन यादव के भाई लाली यादव से गली के तीन फीट चौड़ी और 25 फीट लंबी जगह को लेकर लंबे अरसे से विवाद चल रहा था। इसी जमीन को लेकर पिछले साल भी गेहुंमन यादव ने फायरिंग भी की थी जिसमें राजू यादव को पैर में गोली लगी थी। गेहुंमन का भाई लाली यादव अक्सर बीरेंद्र यादव के घर के आगे की जमीन पर अपना दावा जताते हुए उस पर छज्जा निकालने की कोशिश करता था जबकि बीरेंद्र यादव उसे अपनी जमीन बताता था। इसी जमीन को लेकर तकरीबन एक पखवारे पूर्व गांव में पंचायत भी लगी और इसी जमीन की नापी भी हुई। इसमें 4 फीट जमीन बीरेंद्र यादव की ही गेहुंमन यादव के भाई लाली यादव के कब्जे वाले मकान में निकल गई।

अमानवीय हमले ने सबको हैरान किया

गेहुंमन और लाली यादव के साथ गांव पहुंचे अपराधियों ने हमले को जिस क्रूरता से अंजाम दिया, उससे हर किसी का माथा चकरा रहा था। परसबिगहा थाने की पुलिस और एएसपी घटना की सूचना मिलते ही जब गांव में पहुंचे तो पहले तो घायलों को खोजने में ही उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। फसल लगे खेतों में यहां-वहां जख्मी हुए लोग चीख चिल्ला रहे थे।

इलाके में पहले से कुख्यात रहा है गेहुंमन यादव
गेहुंमन यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के लिए गेहुंमन सिरदर्द रहा है। नीतीश सरकार के सत्ता में आने के बाद से वह थोड़ा शांत दिख रहा था। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर गेहुंमन चर्चा में आ गया है। सोमवार की रात अपने ही गांव में आतंक का नंगा नाच मचाने वाले गेहुंमन यादव पर पूर्व से ही कई संगीन मामले दर्ज है। 90 के दशक में गेहुंमन जहानाबाद एवं आस-पास के इलाकों में आतंक का पर्याय माना जाता था। उस पर हत्या,अपहरण, डकैती एवं लूट समेत कई संगीन मामलों में शामिल होने के कारण सीसीए भी लग चुका है। पूर्व एसपी गुप्तेश्वर पांडेय ने इसकी दहशत कम करने को लेकर इसे हथकड़ी लगा कर पूरे शहर में घुमाया था। फिलवक्त न्यायालय से जमानत मिलने के कारण जेल से बाहर है।

जहानाबाद एसपी मनीष कुमार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना का कारण बीरेंद्र यादव एवं गेहुंमन यादव के बीच पूर्व से जारी विवाद है। इसको लेकर पहले से भी मामला दर्ज है। इसमें चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।