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मानव श्रृंखला से स्टार बनी ये बहनें, इनके गाए गाने की पूरे बिहार में है धूम

सीएम व डिप्टी सीएम से सम्मानित हो चुकी दोनों बहनें दहेज प्रथा और बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ रोल मॉडल बन गई हैं।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 08:07 AM IST

मुजफ्फरपुर. दहेज के खातिर लोभी दानव, बदला अपना तेवर, रुपये पैसा लेकर लोभी मांगा सारा जेवर। नहीं मिला तो उस शैतान ने बेटी को आग लगा दी....बेटी को आग लगा दी....। गाने के इसी बाेल के साथ दहेज प्रथा व बाल- विवाह के खिलाफ अभियान चला रही मीनापुर की दो बेटियों की आवाज रविवार को मानव शृंखला के दौरान पूरे बिहार में गूंजी।

अपने पिता मो. तस्लीम के लिखे गीत को स्वर देकर मीनापुर के खानेजादपुर गांव की सादिया परवीन और आफरीन खातून दहेज हत्या व बाल विवाह के खिलाफ वर्ष 2012 से अभियान चला रही हैं। सादिया परवीन अब पंचायत शिक्षिका है। हर दिन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बाद सादिया अपनी सगी बहन आफरीन के साथ आसपास के गांव की झोपड़ी में पहुंचती है। महिलाओं से मिलकर बेटी की अहमियत बताती हैं। उसका मानना है कि बेटी ही जन्नत है।

मीनापुर को दोनों बेटियों पर है गर्व

इस अभियान के लिए सीएम व डिप्टी सीएम से सम्मानित हो चुकी दोनों बहनें दहेज प्रथा और बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ अब रोल मॉडल बन गई हैं। मीनापुर के लोग मोहम्मद तस्लीम की दोनों बेटियों पर गर्व करते हुए कहते हैं कि ऊपर वाले सबको ऐसी बेटी दें। आफरीन अब एमडीडीएम कॉलेज में पढ़ाई के बाद छुट्टी में जब गांव आती है तो अपनी बहन के साथ अपने अभियान में जुट जाती है। हालांकि, छह साल पहले दोनों बहनों की राह इतनी आसान नहीं थी। शुरुआत में दोनों बहनों का भारी विरोध हुआ। अब दोनों बहन किसी परिचय की मोहताज नहीं है। अब इनकी मुहिम को व्यापक बनाने में मानव डेवलपमेंट फाउंडेशन का भी सहयोग मिल रहा है।