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विश्वविद्यालयों को खर्च का हिसाब करना होगा अपडेट, अब नियमित होगी निगरानी

18 दिसंबर को हुई कुलपतियों की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किया गया था कि हर विवि व कॉलेज स्तर पर वाशरूम बनाया जाए।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 07, 2018, 05:57 AM IST

  • विश्वविद्यालयों को खर्च का हिसाब करना होगा अपडेट, अब नियमित होगी निगरानी

    पटना.राज्य में उच्च शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार व राजभवन दोनों तरफ से अब प्रयास शुरू हो गए हैं। राज्य के विश्वविद्यालयों में बजट से संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा करा लिया गया है। छात्र संघ चुनाव के बाद विश्वविद्यालयों की कमियों पर सवाल उठने शुरू होंगे। चुनकर आने वाले छात्र प्रतिनिधियों के सवालों का उचित जवाब दिए जाने और उच्च शिक्षा में माहौल को बेहतर बनाने के लिए कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

    सबसे पहले बजट प्रावधानों के आधार पर कार्यों को पूरा कराने के लिए विश्वविद्यालय के पास पर्याप्त वित्त उपलब्ध है या नहीं, इसकी समीक्षा होगी। विश्वविद्यालयों की समीक्षा के क्रम में पाया गया है कि अधिकांश स्थानों पर लंबे समय से इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के कार्य रुके हुए हैं। राजभवन ने सभी स्थितियों की समीक्षा के बाद 12 फरवरी को होने वाली कुलपतियों की बैठक को स्थगित कर दिया है। अब यह बैठक 13 फरवरी को होगी। इस बैठक में सभी कुलपतियों को अपने साथ फाइनांस एडवाइजर को भी साथ लाने को कहा गया है। 13 फरवरी को 11 बजे से राजभवन में होने वाली इस बैठक में विश्वविद्यालयोंं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा होगी और कुलाधिपति सह राज्यपाल सत्यपाल मलिक विश्वविद्यालयों को वित्तीय प्रबंधन के मामले में बड़ा निर्देश जारी कर सकते हैं।

    विद्यार्थी सुविधा के विकास की होगी समीक्षा


    राजभवन के स्तर पर 18 दिसंबर को हुई कुलपतियों की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किया गया था कि हर विवि व कॉलेज स्तर पर वाशरूम बनाया जाए। समीक्षा में पाया गया था कि पीयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों के मुख्यालय व पीजी विभाग में तो स्थिति कुछ हद तक ठीक है, कॉलेजों की स्थिति गड़बड़ है। वहां पर दो महीने में हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा होगी।

    विवि स्तर पर स्वच्छता अभियान पर विशेष चर्चा


    विश्वविद्यालय व कॉलेज स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। कुलाधिपति ने एनसीसी व एनएसएस के माध्यम से विशेष सफाई अभियान कैंपस व आसपास आयोजित कराने के निर्देश कुलपति को जारी किए थे। 13 फरवरी की बैठक में विश्वविद्यालय व कॉलेज स्तर पर आयोजित कराए गए कार्यक्रमों की समीक्षा होगी। कुलाधिपति ने अभियान को हर माह कराने का निर्देश दिया था।

    छात्र संघ चुनाव पर विशेष चर्चा भी होगी


    विश्वविद्यालय में चल रहे छात्र संघ चुनाव पर विशेष चर्चा भी होगी। छात्र संघ के गठन फरवरी के अंत तक कराना है। पीयू में छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित कर प्रक्रिया चल रही है। अन्य विश्वविद्यालयों में चल रही प्रक्रिया के संबंध में वीसी अपनी रिपोर्ट राजभवन को देंगे। राजभवन की ओर से जारी चुनाव के दिशा-निर्देश के आधार पर ही चुनाव हो रहे हैं या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

    नैक एक्रिडिटेशन मामले पर भी होगी बात


    राजभवन ने सभी विवि व कॉलेजों को जल्द से जल्द नैक एक्रिडिटेशन लेने का निर्देश जारी किया था। नैक की संबद्धता के बाद यूजीसी की ओर से संस्थानों को फंड मिलने में आसानी हो रही है। इस बैठक में देखा जाएगा कि किन विवि के कॉलेजों ने अब तक नैक से संबद्धता के लिए आवेदन नहीं किया है। नैक से संबद्धता हासिल करने के लिए रूसा के स्तर से भी विवि व कॉलेजों को सहयोग देने की बात हुई है।

    सरकार को बजट उपलब्ध कराए जाने की समीक्षा


    कुलाधिपति सरकार को विश्वविद्यालय का बजट उपलब्ध कराए जाने की भी समीक्षा करेंगे। 18 दिसंबर की बैठक में पीयू, एमयू, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर को बजट प्राक्कलन शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया था। इसके अलावा बायोमेट्रिक प्रणाली की भी समीक्षा बैठक में होगी।

    सीबीसीएस पर 21 को राजभवन में वर्कशॉप

    राजभवन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम का ड्राफ्ट भेज दिया गया है। इसके आधार पर अब नए सत्र से नया सिलेबस लागू किया जा सकता है। इससे पहले राजभवन में 21 फरवरी को स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर सीबीसीएस पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। इस वर्कशॉप में यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश सभी विवि के प्रतिनिधियों को नए सिस्टम की पेंचदगी के बारे में जानकारी देंगे। नए सिस्टम को सही प्रकार से लागू कराने के लिए राजभवन की ओर से सभी कुलपतियों के साथ-साथ साइंस, सोशल साइंस व ह्यूमैनिटीज डीन को वर्कशॉप में आमंत्रित किया गया है।

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