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8 माह पुराने विवाद पर कल्चरल प्रोग्राम में मारपीट, चले ईंट-पत्थर, एक दर्जन घायल

महिषी थाना क्षेत्र के मंगरौनी गांव में दो पक्षों के बीच सरस्वती पूजा के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जमकर हिंसक झड़प हुई

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 05:31 AM IST

पटना। महिषी थाना क्षेत्र के मंगरौनी गांव में दो पक्षों के बीच सरस्वती पूजा के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जमकर हिंसक झड़प हुई। दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चले। इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए महिषी पीएचसी में भर्ती कराया गया है। घटना गुरुवार सुबह 8 बजे की है।


घटना के बाद गांव में यादव और कुर्मी जाति के बीच व्याप्त तनाव को देखते हुए महिषी थानाध्यक्ष ने गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बलों की तैनाती कर दी है। दोनों पक्षों की ओर से महिषी थाना में मारपीट और पत्थरबाजी के आरोप में 100 से अधिक लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। घटना का कारण पूर्व में गांव से दोनों पक्षों के युवक-युवती का साथ फरार होना बताया जा रहा है।


दो जगहों पर किया गया था पूजा का आयोजन
मंगलवार को दो जगहों पर सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। एक पक्ष की ओर से मध्य विद्यालय मंगरौनी में मूर्ति बैठाई गई, वहीं कुर्मी समुदाय से जुड़े लोगों ने अपने टोले में ही मूर्ति स्थापित की। स्कूल में बुधवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मंगरौनी के सुखदेव मंडल के नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने स्वीकृति दी थी। इसी बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने मार्ग अवरुद्ध करते हुए बीच सड़क पर लकड़ी का बड़ा बाड़ा लगा दिया, जिससे वाहनों के अाने जाने में परेशानी हो रही थी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद गुरुवार की सुबह सड़क अवरुद्ध किए जाने के विरोध में एक पक्ष ने गाली गलौज शुरू कर दिया। इसी बात पर दोनों तरफ से मारपीट हुई और ईंट-पत्थर चलने लगे।

दोनों पक्ष पर पुलिस कर चुकी है 107
ग्रामीणों ने बताया कि 8 माह पूर्व गांव से प्रेम प्रसंग में फरार युवक और एक युवती के कारण तनाव व्याप्त है। युवक-युवती दोनों अलग-अलग जाति के हैं। इस कारण मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था। हालांकि अभी तक प्रेमी युगल गांव नहीं लौटे हैं, लेकिन गांव इस बात को लेकर जाति के आधार पर बंट गया है। पुलिस इस मामले में पहले ही दोनों पक्षों पर 107 की कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिस का दावा-रात में ही हटा दिया था बांस
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह आठ से नौ बजे तक गांव रणक्षेत्र बना रहा। हालांकि पुलिस का कहना है कि सड़क पर लकड़ी रख मार्ग अवरुद्ध करने की सूचना मिलने पर रात में ही पुलिस ने उसे हटा दिया था। लेकिन इसी बात को लेकर सुबह में एकबार फिर बात बिगड़ गई। सुबह होते ही दोनों तरफ से गाली गलौज शुरू हो गया। मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे महिषी थानाध्यक्ष हरेश्वर प्रसाद सिंह ने सूझ-बूझ से काम लेते हुए एक बड़ी घटना टाल दी। दोनों पक्षों से जख्मी कामेश्वर यादव, सुभाष यादव, अनिल यादव, श्याम यादव तथा रामकुमार राय, दामोदर राय, सुखदेव राय, पप्पू राय, जितेन्द्र राय, कल्पना कुमारी, अमरेन्द्र राय व पवन राय आदि को इलाज के लिए महिषी पीएचसी लागया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। इधर, कामेश्वर यादव के बयान पर 26 लोगों और मनोज राय के बयान पर 40 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।