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कोर्ट से फरार कुख्यात चार साथियों के साथ अरेस्ट, पुलिस के लिए था सिरदर्द

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 04:08 AM IST

कुख्यात अपराधी बबलू दूबे की हत्या के बाद जिले में गैंगवार की संभावना बढ गई थी।

Wanted criminal arrested with four notorious

मोतिहारी/साहेबगंज. मोतिहारी कोर्ट में पेशी के दौरान 9 माह पूर्व हथकड़ी समेत फरार कुख्यात कुणाल सिंह गुरुवार रात मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज में 4 साथियों के साथ दबोचा गया। पिछले पांच दिनों से साहेबगंज के पहाड़पुर मनोरथ गांव में कुणाल छिपा था। तीन माह पूर्व छापेमारी के दौरान एके-47 से पुलिस पर फायरिंग कर कुणाल ने दहशत फैला दी थी। कुणाल से पूछताछ के बाद गिरोह के पास मौजूद हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है।

मोतिहारी व बेतिया पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके कुख्यात के पास से हथियार व गाड़ी की बरामदगी हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुणाल पहाड़पुर मनोरथ गांव में सुधीर सिंह के घर छिपा हुआ है। इस आधार पर मोतिहारी एसपी उपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी की। सुधीर के बंगला से ही कुणाल को पुलिस ने धर दबोचा। कुणाल के साथ पेट्रोल पंप व्यवसायी अमरेंद्र सिंह व रक्सौल के निजी स्कूल के मालिक विजुल सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ के आधार पर कार्रवाई में जुटी पुलिस


एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ की जा रही है। उसके खुलासे के आधार पर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है। 27 मार्च को मोतिहारी कोर्ट में पेशी के दौरान कुणाल सिंह फरार हो गया था। उसे एसीजेएम 11 के कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस दौरान हथकड़ी के साथ वह फरार हो गया। तत्कालीन एसपी जितेंद्र राणा ने ड्यूटी में तैनात सिपाही गणेश सिंह को निलंबित कर जेल भेज दिया था।

बबलू दूबे की हत्या के लिए राहुल से कुणाल सिंह ने ली थी एके 47

बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान गत 11 मई को कुख्यात अपराधी बबलू दूबे की हत्या कर दी गई थी। बबलू दूबे की हत्या की कुणाल सिंह ने जिम्मेवारी ली थी। इसके लिए राहुल सिंह से एके 47 ली थी। हत्या के बाद राहुल के शागिर्द को एके सौंप दिया गया था। यह खुलासा कुणाल ने शुक्रवार की देर शाम पुलिस पूछताछ में किया। साथ ही कुणाल ने रक्सौल में स्कूल गोलीबारी की घटना में टून्ना सिंह, विकास सिंह जेल में बंद राहुल की मदद ली थी। बबलू दूबे की हत्या के बाद से ही बेतिया पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। मोतिहारी जेल में वर्चस्व की लड़ाई बेतिया में रैक पॉइंट पर ठेकेदारी के विवाद में बबलू दूबे में अदावत बढ़ी। आखिरकार कोर्ट में पेशी के दौरान ही बबलू दूबे की कुणाल सिंह ने हत्या कर दी थी।

हथियार की सप्लाई के लिए लिया था जिम्मा

कुणाल गिरोह के पास कई अत्याधुनिक हथियार है। गत अगस्त माह में मोतिहारी के मधुबन छावनी चौक के समीप तीन अपाची बाइक पर हथियार के साथ उसकी वी़डीयो फुटेज को लेकर पुलिस पर कई सवाल भी खड़े हुए थे। सूत्रों की मानें तो कुणाल ने जिले के एक चर्चित व्यक्ति को एके 47 देने के लिए मोटी रकम लिया था। हथियार की डिलेवरी भी जल्द होने वाली थी। पुलिस को जब यह बात पता चली तो उसके होश उड़ गए। इस मामले को लेकर उक्त व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

कुणाल के घर पुलिस ने की छापेमारी

पुलिस कुणाल से अलग-अलग जगहों पर पूछताछ कर रही है। गुरुवार की देर रात से उससे लगातार पूछताछ चल रही है। शुक्रवार को बेतिया मुजफ्फरपुर के पुलिस अधिकारी आकर उससे पूछताछ किए। पूछताछ में उसने कई राज उगले हैं। उसने अपने गिरोह के बदमाशों के नाम का भी खुलासा किया है। उसकी निशानदेही पर शहर के छतौनी थाना क्षेत्र स्थित मठिया मुहल्ला में कुख्यात देवा गुप्ता के घर पुलिस ने छापेमारी की। इस संबंध में पुलिस फिलहाल कुछ नहीं बता रही है।

गिरोह में हैं कई शार्प शूटर

कुख्यात अपराधी कुणाल सिंह के गिरोह में कई शार्प शूटर है। इनमें कुख्यात सुमन सौरभ, सिगरेट सिंह सहित कई शार्प शूटरों के नाम सामने आए थे। इनका इस्तेमाल वह घटनाओं को अंजाम देने के लिए करता था। कुख्यात अपराधी कुणाल सिंह गिरोह के पास एक से अधिक एके 47 होने की बात पुलिस जांच में सामने आई थी।

हत्या, अपहरण लूट की घटनाओं में था शामिल

- पिपरा के कुंअरपुर पंचायत के तत्कालीन मुखिया वीरेंद्र ठाकुर की गोली मारकर 2015 में हत्या
- 12 जनवरी को वीरेंद्र ठाकुर के पुत्र सह वर्तमान मुखिया मालती देवी के पुत्र राजकपूर ठाकुर की गोली मारकर हत्या
- 11 मई को बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान कुख्यात अपराधी बबलू दूबे की गोली मारकर हत्या
- 3 जुलाई को रंगदारी नहीं देने पर रक्सौल के कैंब्रिज स्कूल पर अपराधियों ने एके 47 से फायरिंग की। जिसमें तीन लोग घायल हो गए।

जिले में बढ़ गई थी गैंगवार की संभावना

कुख्यात अपराधी बबलू दूबे की हत्या के बाद जिले में गैंगवार की संभावना बढ गई थी। हत्या के बाद कुणाल रंगदारी के क्षेत्र में अपना सिक्का जमाना चाहता था। वह नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से लगातार रंगदारी वसूलने लगा। जिसके कारण बबलू दूबे गिरोह को रंगदारी आना बंद हो गया था। जिससे गिरोह के बदमाश बौखलाए हुए थे। इसी बौखलाहट में गिरोह के दीपक पासवान, भास्कर पांडेय सहित अन्य बदमाशों ने छतौनी थाना क्षेत्र के राजू किराना के मालिक इंद्रजीत जायसवाल की एके 47 से गोली मारकर हत्या कर दी। बबलू गिरोह रंगदारी के लिए व्यवसायियों को फोन पर धमकी देने लगा। वहीं कुणाल की हत्या की टोह में बबलू गिरोह लगातार लग गया था।

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