--Advertisement--

​बिहार: महादलित महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने डेढ़ साल तक ड्रम बजाना सीखा, बनाया खुद का बैंड

राज्य सरकार ने 2017 के गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए इन्हें पहली बार पटना बुलाया।

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 12:13 AM IST
आज बैंड पार्टी की हर महिला को प आज बैंड पार्टी की हर महिला को प

दानापुर(पटना). बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में एक ग्रामीण बस्ती है ढिबरा। यहां की महादलित महिलाओं ने खुद के पैरों पर खड़े होने के लिए डेढ़ साल तक बैंड बजाना सीखा, रियाज किया और फिर बना दिया खुद का ‘नारी गुंजन महिला सरगम बैंड’। शुरुआत में लोगों ने इनका खूब मजाक उड़ाया। पर सविता देवी के नेतृत्व में 10 महिलाओं की बैंड पार्टी ने मजाक को ताकत बनाने की ठान ली। अलग-अलग मौकों पर बैंड बजाने के लिए आगे आईं।

राज्य सरकार ने भी गणतंत्र दिवस पर बुलाया कार्यक्रम में

3 साल में इस पहली महिला बैंड पार्टी को राज्य स्तर पर पहचान मिली। राज्य सरकार ने 2017 के गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए इन्हें पहली बार पटना बुलाया। जहां इन्होंने खूब वाहवाही बटोरी।

35 से 40 हजार तक कमा रहीं साल में

बैंड पार्टी ने एक प्रदर्शन के लिए प्रति महिला 500 रुपए की दर तय की थी, पर मांग बढ़ती गई। आज बैंड पार्टी की हर महिला को प्रति प्रस्तुति 1500 रुपए मिलते हैं। पूरे साल में एक महिला 35 से 40 हजार रुपए कमा रही हैं। महादलित महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित किया महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम करने वाली संस्था नारी गुंजन ने।

X
आज बैंड पार्टी की हर महिला को पआज बैंड पार्टी की हर महिला को प
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..