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रात 3 बजे : 2-2 किलो चावल-गेहूं और दो लीटर केरोसिन के लिए महिलाओं की लाइन

सुविधा केंद्र (आरटीपीएस) पर शुक्रवार सुबह 3 बजे तब ऐसा नजारा था, जब तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 05:20 AM IST
सुबह तीन बजे से लाइन में बैठी महिलाएं। सुबह तीन बजे से लाइन में बैठी महिलाएं।

मुजफ्फरपुर. ऊपर की फोटो सिटी से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित मुशहरी ब्लॉक ऑफिस की है। यहां लोक सेवा कानून के तहत बनाए सुविधा केंद्र (आरटीपीएस) पर शुक्रवार सुबह 3 बजे तब ऐसा नजारा था, जब तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था। आरटीपीएस काउंटर पर बीते 25 नवंबर से इसी तरह कमजोर आय वर्ग (बीपीएल) की महिलाएं सुबह से ही लाइन में लगने लगती हैं। वजह यह कि राशन कार्ड का आवेदन महिलाएं ही जमा कर सकती हैं, क्योंकि बिहार सरकार के कानूनी प्रावधान के तहत वहीं परिवार की मुखिया हैं। राशन कार्ड बनने के बाद ही उन्हें खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अनाज मिल सकेगा। राशन कार्ड को आधार से भी लिंक करना है।

1.65 करोड़ राशनकार्ड बनने हैं, 31 जनवरी आवेदन की अंतिम तारिख

- 16 प्रखंड कार्यालयों और दो अनुमंडल में आए आवेदन।
- 1.65 करोड़ राशन कार्ड बने थे राज्य में सभी तबके के परिवारों के लिए।
- 2-2 किलो चावल-गेहूं व दो लीटर केरोसिन मिलना है प्रति बीपीएल परिवार।
- 8.06 लाख पीएचएच परिवारों में केवल 2.88 लाख को ही आधार।
- 31 जनवरी 2018 है नए राशन कार्ड के लिए आवेदन की अंतिम तारीख।
- 5.93 लाख है मुजफ्फरपुर जिले में बीपीएल परिवारों की संख्या।


फोटो : दयानंद पाठक।

कंटेंट : अरविंद कुमार।

ठंड के बीच अलाव जलाकर सर्दी दूर करने की कोशिश करती महिलाएं। ठंड के बीच अलाव जलाकर सर्दी दूर करने की कोशिश करती महिलाएं।