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पति को हर माह 14 हजार का लालच दे पूना ले गया, बिजनेसमैन ने बनाया बंधक

गांव के एक दलाल ने उसके पति दिनेश कुमार सिंह को अंगूर व्यवसायी के हाथों बेच दिया है।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 08:00 AM IST
पति के मुक्त होने के इंतजार में दोनों बच्चे के साथ बेसुध बैठी मुन्नी देवी। पति के मुक्त होने के इंतजार में दोनों बच्चे के साथ बेसुध बैठी मुन्नी देवी।

पतरघट सहरसा. महाराष्ट्र के पुणे से सटे गांव के एक अंगूर उत्पादक के यहां 8 महीना से बंधक बने दिनेश उर्फ मुन्ना की पत्नी ने अपने पति को मुक्त कराने की मांग पुलिस प्रशासन से की है। पतरघट प्रखंड के विशनपुर गांव की रहने वाली मुन्नी को क्या पता कि गांव के एक दलाल ने उसके पति दिनेश कुमार सिंह को अंगूर व्यवसायी के हाथों बेच दिया है। पिछले 8 महीने से पति के लौटने का इंतजार कर रही मुन्नी देवी के पैर के नीचे से तब जमीन खिसक गयी जब पिछले 17 दिसंबर को ही एक अंजान नंबर से कॉल आया।

पति ने बिलखते हुए फोन पर दी जानकारी


कॉल रिसीव की तो उसके पति की ही आवाज थी। पति ने रोते बिलखते कहा कि उसे दलाल ने बेच दिया है। अब हमें यहां से किसी तरह छुड़ा कर ले आओ। मुन्नी देवी की मुश्किलें यह है कि उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं । वह खुद स्कूल में मध्याह्ण भोजन की रसोइया है। पिछले 8 महीने से वह पति के आने का इंतजार कर रही है। पति के बिना बच्चों को वह कैसे संभाले इसकी चिंता उसे परेशान कर रही है।

पूना में काम दिलाने का किया था वादा


विशनपुर पंचायत के वार्ड 8 निवासी मुन्नी देवी ने अपने पति मुन्ना को वापस लाने की गुहार ओपी अध्यक्ष से लगाई है। मुन्नी देवी ने कहा है कि उनके पति दिनेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना को मजदूर ठेकेदार विशनपुर पंचायत वार्ड 7 निवासी मोहन सादा, के द्वारा 14 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से कमाने का प्रलोभन देकर महाराष्ट्र राज्य के पुणे शहर के पास अंगूर बगान में काम करने के लिए ले गया।

पैसे नहीं देता, मांगने पर पीटता है मालिक


दिनांक 17 दिसंबर को उसके पति का फोन आया जिसमें उसने रोते हुए बगान मालिक के द्वारा बंधक बनाने एवं पीटने की बात कही । फोन पर उसके पति ने कहा कि मालिक ने उसे बताया कि मजदूर ठेकेदार ने मोटी रकम लेकर उसे बेच दिया है। पीड़िता मुन्नी देवी ने कहा है कि मजदूर ठेकेदार मोहन सादा उसके पति को कमाने का लोभ देकर गांव से पुणे ले गया और धोखाधड़ी करके उसे बेच दिया। पीड़िता विशनपुर गांव स्थित स्कूल में रसोईया का काम करती है। उसे 1250 रूपये मानदेय वह भी दो तीन महीना में एकबार मिलता है। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पीड़िता ने कहा कि लगभग 8 महीने से घर में पति के नहीं रहने के कारण भुखमरी की स्थिति आ गयी है।

जल्द छुड़ा लिया जाएगा


पुलिस अफसर रूदल कुमार का कहना है कि पीड़िता का आवेदन मिला है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। बहुत जल्द पीड़िता के पति को छुड़ा लिया जाएगा।

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पति के मुक्त होने के इंतजार में दोनों बच्चे के साथ बेसुध बैठी मुन्नी देवी।पति के मुक्त होने के इंतजार में दोनों बच्चे के साथ बेसुध बैठी मुन्नी देवी।
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