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प्रतिबंधित मांस लेकर चिमनी पर जा रहे थे मजदूर, भीड़ ने घेरकर कर दी पिटाई

मजदूर एक पॉलीथिन में करीब 10 किलो मांस खरीद कर चिमनी पर ले जा रहे थे।

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 08:03 AM IST
Workers beating about restricted meat

सहरसा. कथित रूप से प्रतिबंधित पशुमांस के मामले में सौर बाजार में घंटों बबाल मचता रहा। स्थानीय लोगों ने मांस खरीद कर ले जा रहे तीन चिमनी भट्ठा मजदूरों की जमकर पिटाई कर दी। इसमें एक की हालत गंभीर है। घटना रविवार दिन के 12 बजे की है। मजदूर एक पॉलीथिन में करीब 10 किलो मांस खरीद कर चिमनी पर ले जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पॉलीथिन में मजदूर गौमांस लेकर जा रहे थे। इस कारण उनमें आक्रोश था।

आक्रोशितों ने इसके विरोध में सौरबाजार-सोनवर्षा मुख्य मार्ग को चार घंटे तक जाम कर दिया। सड़क जाम कर रहे ग्रामीण प्रतिबंधित मांस का सेवन करने वाले और बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची सौरबाजार पुलिस ने मजदूरों को अपनी अभिरक्षा में लेकर उसकी जान बचाई। इधर, एसडीपीओ का कहना है कि पिटाई से गंभीर मजदूर के होश में आने पर उसके बयान पर मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।


मजदूर सहरसा से मांस लाने की बात कह रहे थे, लेकिन किस जगह से लाते हैं नहीं बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पिटाई से गंभीर मजदूर को टेंपो पर लादकर सौर बाजार पीएचसी पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से ग्रामीण प्रशासन को इसकी जानकारी दे रहे थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।

क्रिकेट खेल रहे युवकों ने ग्रामीणों को दी जानकारी


रविवार को दिन के 12 बजे भवानीपुर गांव के समीप स्थित लाइन चिमनी भट्ठा के पास क्रिकेट खेल रहे रौशन कुमार और राम भरोस कुमार ने चिमनी भठ्‌ठा पर काम कर रहे मजदूर को कुछ सामान ले जाते देखा। शक होने पर पास जाकर देखा तो दो प्लास्टिक के थैले में 10 किलो प्रतिबंधित मांस था। इसकी सूचना दोनों ने स्थानीय ग्रामीणों को दी। खबर मिलते ही लोग उग्र हो गए और दोनों चिमनी मजदूरों की पिटाई करते हुए पुलिस को फोन पर इसकी सूचना दी। चिमनी पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। आक्रोशित लोग यह जानना चाहते थे कि इसे कहां से लाया गया है। मजदूर जगह का नाम नहीं बता पा रहा था। जमा लोगों की भीड़ ने बैजनाथपुर-सोनवर्षा मुख्य मार्ग को भवानीपुर गांव के पास जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे। इसकी सूचना पर सौर बाजार थाना प्रभारी मनीष रजक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के कब्जे में रखे गए दोनों मजदूरों रियासउद्दीन और ताराशनली को हिरासत में ले लिया। आक्रोशितों का कहना था कि यहां पप्पू गुप्ता के लाइन नामक चिमनी भट्ठा पर काम रहे पचास से अधिक बंगाली मजदूर बराबर प्रतिबंधित मांस का उपयोग खाने में करते हैं। इसकी जानकारी भट्‌ठा मालिक को भी रहती है, लेकिन वे उन्हें संरक्षण देते रहते हैं।

दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीपीओ


घटना के दो घंटे बाद एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, बीडीओ लालबाबू पासवान, सीओ रमेश कुमार, पतरघट ओपी प्रभारी रूदल कुमार, सोनवर्षा थाना प्रभारी इजहार आलम, बैजनाथपुर ओपी प्रभारी शंभूनाथ सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग पुलिस पदाधिकारी पर भी उग्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे हरेकृष्ण साह, ललन यादव, चंदन साह, राहुल साह, अखिलेश कुमार, विक्की कुमार, पप्पू कुमार, जयप्रकाश शर्मा समेत सैकड़ों लोग चिमनी भट्ठा मालिक और मजदूर पर कारवाई करने की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और कुछ गणमान्य की मदद से तीनों युवक पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया।

मामले की हो रही है जांच


एसडीपीओ सदर प्रभाकर तिवारी ने बताया कि साैरबाजार क्षेत्र में आशंका और अफवाह के बल पर तीन चिमनी मजदूरों की पिटाई और सड़क जाम के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। यह नहीं जा सकता है कि जिस मांस को लोगों ने ले जाते पकड़ा वह प्रतिबंधित मांस ही था। पूछताछ के लिए पुलिस ने दोनों मजदूरों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

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